समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मिलेंगे. तय शेड्यूल के मुताबिक, अखिलेश यादव दोपहर 12:20 बजे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर पहुंचेंगे.
इसके बाद वे आजम खान से मिलने रामपुर जिला जेल जाएंगे. जेल का दौरा लगभग 45 मिनट तक चलने की उम्मीद है. जेल में मुलाकात के बाद, अखिलेश यादव जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पर उनके परिवार के सदस्यों से मिलने जाएंगे. परिवार के साथ मुलाकात लगभग एक घंटे तक चलेगी.
इस बीच, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि 370 दिनों के बाद आजम खान से मिलने के लिए अखिलेश का रामपुर दौरा चुनाव से पहले मुसलमानों को लुभाने की रणनीति है, जो नाकाम रहेगी क्योंकि आजम का प्रभाव खत्म हो चुका है, स्थानीय लोग कह रहे हैं, 'बहुत देर कर दी मेहरबान आते-आते.'
इस बीच, आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. बताया जा रहा है कि उनकी रिहाई अब मुश्किल हो गई है. इसकी वजह ईडी है, जिसने बीते दिनों आजम पर नई एफआईआर दर्ज की है.
ईडी की जांच के बाद रामपुर के अजीमनगर थाने में 13 अक्टूबर की रात को समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और कुछ ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.
आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में 494.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाकर करीब 416 करोड़ रुपये का हिसाब छिपाया गया. इस मामले में जेल में बंद आजम खान से पूछताछ भी की गई है.
वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने SP के घोषणापत्र को लकेर कहा कि SP को पहले 2012-17 के शासन का हिसाब देना चाहिए, जिसमें केवल हत्या, लूट, दंगे, कर्फ्यू और भ्रष्टाचार था. दानिश आजाद अंसारी ने कहा, 'समाजवादी पार्टी के अपना घोषणापत्र जारी करने से पहले, उत्तर प्रदेश की जनता 2012 से 2017 के बीच उनके कामकाज का हिसाब मांग रही है... अगर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी के नेता अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करते, तो उसमें हत्याओं, डकैतियों, दंगों, कर्फ्यू, अपराध और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं होता. न तो देश और न ही राज्य इसे भूला है.'
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