कैपामंगलम विधानसभा क्षेत्र केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है और केरल विधान सभा की 140 सीटों में इसका निर्वाचन क्षेत्र नंबर 69 है. लोकसभा चुनावों के लिए यह चालाकुडी (Chalakudy) लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है.
भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से, कैपामंगलम त्रिशूर जिले के कोडुंगलूर तालुक में, मध्य केरल की
तटीय पट्टी में स्थित है. यह निर्वाचन क्षेत्र कोडुंगलूर तालुक की एडविलंगु (Edavilangu), एडथिरुथी (Edathiruthy), एरियाड (Eriyad), कैपामंगलम (Kaipamangalam), मथिलकम (Mathilakam), पेरिंजनम (Perinjanam) और श्रीनारायणपुरम (Sreenarayanapuram) पंचायतों से मिलकर बना है. यह इलाका अरब सागर के काफी नजदीक है, इसलिए यहां की जीवनशैली और अर्थव्यवस्था पर समुद्र का सीधा असर दिखता है. यहां लोगों की आय का बड़ा हिस्सा सेवा क्षेत्र, राज्य के बाहर और विदेश में काम करने वालों से मिलने वाली कमाई (remittances), और साथ ही मछली पकड़ने, खेती-किसानी तथा उससे जुड़े व्यवसायों से आता है.
मतदाता संख्या और मतदान प्रतिशत की बात करें तो, चुनाव आयोग के 2021 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार कैपामंगलम में लगभग 1,74,025 पंजीकृत मतदाता थे, जो मध्य केरल के तटीय क्षेत्र के हिसाब से एक बड़ी संख्या मानी जाती है. 2021 में यहां मतदान भी काफी अच्छा रहा और करीब 78.2% वोटिंग हुई, जिससे यह पता चलता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों की राजनीतिक भागीदारी मजबूत रही है.
राजनीति और प्रतिनिधित्व के इतिहास में यह सीट खास है. 2008 के परिसीमन (delimitation) के बाद कैपामंगलम निर्वाचन क्षेत्र का गठन हुआ. इसके पहले यह क्षेत्र आसपास की अन्य सीटों में शामिल था, जहां राजनीतिक समीकरण अलग-अलग थे. लेकिन 2008 के बाद से यह सीट लगातार यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के बीच एक प्रमुख मुकाबले का क्षेत्र बन गई. कभी-कभी यहां तीसरे मोर्चे या अन्य छोटे दलों के उम्मीदवार भी प्रभाव दिखाते रहे हैं. इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने समय के साथ मजबूत पकड़ बनाई है. परिसीमन के बाद पहली बार 2011 के चुनाव में वी. एस. सुनील कुमार (CPI) ने जीत हासिल की और LDF को शुरुआती बढ़त दिलाई. इसके बाद 2016 और 2021 में ई. टी. टाइसन मास्टर (E. T. Taison Master) ने जीत दर्ज की और CPI के लिए यह सीट लगातार बनाए रखी, जिससे वामपंथी प्रभाव और मजबूत हुआ.
2021 विधानसभा चुनाव के नतीजों में, ई. टी. टाइसन मास्टर (CPI, LDF) ने 73,161 वोट प्राप्त किए, जो लगभग 53.76% वोट शेयर था, और वे विजयी रहे. दूसरे स्थान पर सोभा सुबिन (Sobha Subin) रहीं, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC, UDF) की उम्मीदवार थीं. उन्हें 50,463 वोट मिले, यानी लगभग 37.08% वोट शेयर. तीसरे स्थान पर सी. डी. श्रीलाल (C. D. Sreelal) रहे, जो BDJS से थे और NDA के साथ जुड़े थे. उन्हें 9,066 वोट मिले, जो करीब 6.66% था. इसके अलावा बाकी वोट NOTA और छोटे दलों के उम्मीदवारों में बंटे.
सामाजिक और आर्थिक रूप से, इस निर्वाचन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में परंपरागत और आधुनिक दोनों तरह के तत्व मिलते हैं. तटीय क्षेत्रों में आज भी मछली पकड़ना बहुत अहम आजीविका है. वहीं, नारियल, धान और सब्जियों की खेती भी तटीय पंचायतों में की जाती है. कैपामंगलम और पेरिंजनम जैसी पंचायतों में बाजार और छोटे व्यापारिक केंद्र मौजूद हैं, जो स्थानीय खुदरा व्यापार, सेवाओं और वाणिज्य गतिविधियों को चलाते हैं. केरल के कई इलाकों की तरह यहां भी गैर-निवासी केरलियों (NRKs) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. खासकर खाड़ी देशों में काम करने वालों से आने वाली कमाई से यहां के परिवारों की आय, खर्च करने की क्षमता और स्थानीय बाजार में गतिविधियां काफी बढ़ जाती हैं.
मतदाता व्यवहार और चुनावी रुझानों में, इस सीट के बनने के बाद से LDF (खासकर CPI) का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है. फिर भी कैपामंगलम में चुनाव हमेशा बहु-प्रतिस्पर्धी (multi-front competition) रहे हैं. LDF (CPI) ने अपनी जीतों के लिए ग्रासरूट नेटवर्क, संगठन की मजबूती और नीति आधारित प्रचार का उपयोग किया है. वहीं UDF (INC) मुख्य विपक्षी के रूप में लगातार चुनौती देता रहा है, और अक्सर स्थानीय विकास, कामकाज और नेतृत्व को मुद्दा बनाकर समर्थन जुटाने की कोशिश करता है. इसके अलावा BDJS, SDPI, WPOI जैसे तीसरे मोर्चे और छोटे दल कई बार अच्छी-खासी वोट हिस्सेदारी ले जाते हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र में मतदाता अलग-अलग विचारों और विकल्पों के प्रति खुलापन रखते हैं, भले ही जीत अभी तक मुख्य तौर पर CPI के पास रही हो.
स्थानीय मुद्दों और विकास संबंधी चिंताओं में यहां मुख्य रूप से कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और किसानों को कृषि सहायता, और युवाओं के लिए रोजगार तथा स्किल डेवलपमेंट जैसे विषय प्रमुख रहते हैं.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो, इस क्षेत्र में कैपामंगलम बीच, एरियाड बीच, एडथिरुथी का तटीय इलाका (Edathiruthy Coastal Stretch) और एडथिरुथी श्री कृष्ण मंदिर (Edathiruthy Sree Krishna Temple) जैसे स्थान प्रसिद्ध हैं.
(श्रेया प्रसाद)