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देवीकुलम विधानसभा चुनाव 2026 (Devikulam (Sc) Assembly Election 2026)

देवीकुलम विधानसभा सीट की राजनीति जमीन, मजदूरी और लंबे समय से चले आ रहे हाशिएकरण के इतिहास से गहराई से जुड़ी है. इडुक्की जिले के हाई रेंज इलाकों में फैली यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है. इसके अंतर्गत चाय के बड़े एस्टेट, जंगलों की सीमाओं पर बसे गांव, आदिवासी बस्तियां और पहाड़ी कस्बे आते हैं, जिनकी सामाजिक और आर्थिक पहचान प्लांटेशन

व्यवस्था, पलायन और श्रम आंदोलनों से बनी है. एर्नाकुलम जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्रों की तुलना में देविकुलम की राजनीति “विकास” के सामान्य वादों से ज्यादा “जीवन, सम्मान और अधिकार” के सवालों पर टिकती है. यहां चुनाव सिर्फ दलों के बीच मुकाबला नहीं होते, बल्कि यह तय करते हैं कि कौन उन समुदायों की असली आवाज बनेगा जो ऐतिहासिक रूप से सत्ता के किनारे पर रहे हैं.

देवीकुलम का भूगोल विशाल और कठिन है. पहाड़ी रास्ते, घुमावदार सड़कें, सीमित सार्वजनिक परिवहन और बिखरी हुई बस्तियां यहां की रोजमर्रा की हकीकत हैं. कई इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बाजारों तक पहुंच असमान बनी हुई है. चाय बागानों में काम करने वाले मजदूर आज भी स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जबकि आदिवासी समुदायों की आजीविका जंगल और उसके संसाधनों पर निर्भर रहती है. कुछ हिस्सों में सीमांत खेती भी होती है, लेकिन रोजगार असुरक्षा एक स्थायी चिंता है. इसके साथ जलवायु बदलाव का असर, मानव-वन्यजीव संघर्ष और संरक्षण नियमों से जुड़ी पाबंदियां लगातार लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं. इस कारण देविकुलम में प्रतिनिधित्व से अपेक्षा भी अलग है. यहां जनता चाहती है कि उनका विधायक जमीन पर मौजूद रहे, प्रशासन से टकराने की क्षमता रखे और हाशिए के समुदायों के पक्ष में खुलकर बोले.

इस सीट की सामाजिक बनावट बहुस्तरीय है. यहां बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति समुदाय हैं, खासकर प्लांटेशन मजदूरों के बीच. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति (ST) आबादी भी महत्वपूर्ण है और अलग-अलग जगहों से आए प्रवासी मूल के लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं. तमिल भाषी दलित मजदूर, विभिन्न आदिवासी समूह और मलयालम बोलने वाले बसने वाले लोग मिलकर एक जटिल सामाजिक ताना-बाना बनाते हैं, जहां वर्ग, भाषा और जातीय पहचान राजनीति को प्रभावित करती है. यहां जाति केवल पहचान का मुद्दा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के अनुभव से जुड़ी है, मजदूरी, आवास, कल्याण योजनाओं तक पहुंच और जमीन के अधिकार में. राजनीतिक mobilization कई बार पार्टी शाखाओं से ज्यादा ट्रेड यूनियनों, एस्टेट कमेटियों और समुदाय संगठनों के जरिए होता है.

राजनीतिक इतिहास में देविकुलम लंबे समय से वामपंथ का गढ़ रहा है. CPI(M) और उससे जुड़े ट्रेड यूनियनों ने प्लांटेशन मजदूर आंदोलनों, कल्याणकारी हस्तक्षेपों और निरंतर जमीनी मौजूदगी के जरिए यहां मजबूत आधार बनाया. कांग्रेस कई बार चुनौती देती रही है, खासकर जब स्थानीय नेतृत्व मजबूत रहा या समुदाय-आधारित एकीकरण हुआ. फिर भी, वामपंथ की संगठनात्मक ताकत आमतौर पर उसे बढ़त देती रही है. चूंकि यह आरक्षित सीट है, इसलिए यहां नेतृत्व की विश्वसनीयता इस बात से भी जुड़ी रहती है कि प्रतिनिधि को लोग हाशिए के समुदायों का “असली” प्रतिनिधि मानते हैं या केवल पार्टी टिकट से आगे बढ़ा व्यक्ति.

2021 का विधानसभा चुनाव इसी संवेदनशील माहौल में लड़ा गया. वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने CPI(M) के एडवोकेट ए. राजा को उम्मीदवार बनाया, जिन्हें संगठन में मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है और जिनकी छवि आदिवासी तथा प्लांटेशन मजदूर मुद्दों पर आक्रामक प्रतिनिधित्व करने वाले नेता की रही है. कांग्रेस ने डी. कुमार को मैदान में उतारा, जिन्होंने शासन से असंतुष्ट प्लांटेशन मजदूरों और दलित मतदाताओं के कुछ हिस्सों को जोड़कर मजबूत चुनौती पेश की. एक स्वतंत्र उम्मीदवार गणेशन एस भी मैदान में थे, जिनकी मौजूदगी स्थानीय नाराजगी और पहचान-आधारित राजनीति का संकेत मानी गई.

कुल 1,68,875 मतदाताओं में से 1,14,967 वोट पड़े और मतदान प्रतिशत 68.56% रहा. मतदान 06 अप्रैल 2021 को हुआ, जबकि मतगणना और नतीजे 02 मई 2021 को घोषित हुए. नतीजों में CPI(M) के ए. राजा को 59,049 वोट मिले, जो 51.4% वोट शेयर थाय. कांग्रेस के डी. कुमार को 51,201 वोट मिले, यानी 44.5% वोट शेयर. स्वतंत्र उम्मीदवार गणेशन एस को 4,717 वोट मिले, जो 4.1% था. ए. राजा 7,848 वोटों के अंतर से जीते, जो 6.9% की बढ़त थी. यह जीत वामपंथ की पकड़ को दिखाती है, लेकिन साथ ही यह भी बताती है कि सीट के भीतर असंतोष और दबाव मौजूद है.

2021 के परिणाम ने यह स्पष्ट किया कि देविकुलम आज भी वामपंथ के साथ जुड़ा है, लेकिन मतदाता अपेक्षाएं बढ़ा रहे हैं. कांग्रेस का मजबूत प्रदर्शन संकेत था कि प्लांटेशन मजदूरों और दलित मतदाताओं के कुछ हिस्से कल्याण योजनाओं की असमान डिलीवरी, जमीन अधिकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं थे. वहीं, ए. राजा की जीत ने साबित किया कि देविकुलम में आक्रामक नेतृत्व, संगठन और वैचारिक स्पष्टता अभी भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं, खासकर जहां सरकार का रोल नियोक्ता, नियामक और कल्याण प्रदाता के रूप में रोजमर्रा की जिंदगी का केंद्र है.

चुनावी दृष्टि से बड़े चाय एस्टेट और मजदूर बस्तियां सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं. यहां मजदूरी समझौते, आवास, श्रमिक अधिकार और यूनियन राजनीति सीधे वोटिंग को प्रभावित करती है. आदिवासी बस्तियां और जंगल किनारे के गांव जमीन के छीने जाने, जंगल तक पहुंच, मानव-वन्यजीव संघर्ष और संरक्षण नियमों पर संवेदनशील हैं. पहाड़ी कस्बे और मिश्रित बस्तियां दूसरे स्तर की लड़ाई बनती हैं, जहाँ सड़क, परिवहन, स्कूल, अस्पताल और सरकारी सेवाएं निर्णायक होती हैं.

देवीकुलम में चुनावी मुद्दे बार-बार मजदूरी, आवास, जमीन अधिकार और कल्याण योजनाओं तक पहुंच के इर्द-गिर्द घूमते हैं. स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन की समस्याएं भौगोलिक अलगाव के कारण लगातार बनी रहती हैं. पर्यावरण और संरक्षण से जुड़ी पाबंदियां अब तेजी से राजनीतिक बहस का हिस्सा बन रही हैं. यहां विधायक से उम्मीद यह रहती है कि वह केवल योजनाएं दिलाने तक सीमित न रहे, बल्कि खुले तौर पर संघर्ष करे. देवीकुलम की राजनीति में चुप्पी को अक्सर “छोड़ देना” माना जाता है, जबकि मुखरता और टकराव की क्षमता को समर्थन मिलता है.

इसी वजह से देवीकुलम अनुभव और प्रतिरोध के साथ वोट करता है. यह अपने शोषण के इतिहास को याद रखता है, वर्तमान को मजदूरी और कल्याण के पैमाने से तौलता है और ऐसे नेताओं को चुनता है जो कमजोर समुदायों और उदासीन व्यवस्था के बीच खड़े हो सकें. 2021 का फैसला इसी प्रवृत्ति का उदाहरण था, वामपंथ की निरंतरता बनी रही, लेकिन यह संदेश भी साफ था कि प्रतिनिधित्व को जमीन से जुड़ा, दिखाई देने वाला और जवाबदेह रहना होगा. 

(ए के शाजी)

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Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
देवीकुलम विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

देवीकुलम विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

Adv. A. Raja

CPI(M)
वोट59,049
विजेता पार्टी का वोट %51 %
जीत अंतर %6.8 %

देवीकुलम विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • D. Kumar

    INC

    51,201
  • Ganesan. S

    IND

    4,717
  • Nota

    NOTA

    807
WINNER

S Rajendran

CPM
वोट49,510
विजेता पार्टी का वोट %42.2 %
जीत अंतर %4.9 %

देवीकुलम विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • A K Mony

    INC

    43,728
  • R M Dhanalakshmy

    ADMK

    11,613
  • N Chandran

    BJP

    9,592
  • Nota

    NOTA

    921
  • J Rajeswary

    IND

    650
  • Rajendran R

    PDP

    485
  • C K Govindhan

    IND

    303
  • K Manikandan

    IND

    267
  • Pandiraj

    IND

    184
  • K P Ayyappan

    IND

    129
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

देवीकुलम विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

देवीकुलम विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में देवीकुलम में CPI(M) का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के देवीकुलम चुनाव में Adv. A. Raja को कितने वोट मिले थे?

2021 में देवीकुलम सीट पर उपविजेता कौन था?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले देवीकुलम विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

केरल विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

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