अनएकेडमी की कहानी तीन दोस्तों गौरव मुंजाल, रोमन सैनी और हिमेश सिंह से जुड़ी है. तीनों ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के बाद साथ आकर इस स्टार्टअप को खड़ा किया और इसे एक बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया. अनएकेडमी के को-फाउंडर और सीईओ गौरव मुंजाल ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए डील की पुष्टि की.
उन्होंने इस दौरान कहा कि इस समझौते के साथ दोनों कंपनियां के बीच महीनों से चल रही बातचीत खत्म हो गई. अपग्रेड ने इसे 200 मिलियन में खरीद लिया है. लेकिन आपको इसकी शुरुआत की कहानी मालूम है? ये स्टार्टअप बना और एडुटेक प्लेटफॉर्म के रूप में इसने नाम कमाया. लेकिन सवाल ये है कि आखिर इसकी शुरुआत कैसे हुई किसने की और क्या कहानी रही है?
यूट्यूब चैनल से निकली Unacademy
Unacademy की शुरुआत का सबसे पहला कनेक्शन गौरव मुंजाल के यूट्यूब चैनल से जुड़ा है. उन्होंने 2010 में यह चैनल शुरू किया था. शुरुआत में वह चैनल पर ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़े वीडियो डालते थे. मुंबई जाकर पढ़ाई करने के बाद भी गौरव ने चैनल पर वीडियो बनाना जारी रखा. बीटेक पूरा करने के बाद उन्होंने Flatchat नाम का स्टार्टअप शुरू किया और बाद में Directi में नौकरी भी की. नौकरी और दूसरे कामों के बीच भी उनका चैनल चलता रहा.
समय के साथ चैनल का कंटेंट भी बदला और उस पर प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े वीडियो आने लगे. यहीं से पढ़ाई से जुड़े कंटेंट को एक बड़े प्लेटफॉर्म में बदलने का विचार आगे बढ़ा. इसी कोशिश के बाद 10 दिसंबर 2015 को Unacademy की शुरुआत हुई.
IAS की नौकरी छोड़कर आए रोमन सैनी
Unacademy की कहानी में रोमन सैनी का सफर सबसे अलग नजर आता है. दावा किया जाता है कि उन्होंने 16 साल की उम्र में AIIMS की भर्ती परीक्षा पास कर AIIMS दिल्ली से MBBS की पढ़ाई पूरी की और बाद उन्होंने AIIMS के राष्ट्रीय नशा मुक्ति उपचार केंद्र (NDDTC) में काम किया. लेकिन छह महीने बाद ही नौकरी से इस्तीफा दे दिया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी.
UPSC की तैयारी के लिए रोमन सैनी ने करीब एक साल तक पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने परीक्षा पास कर IAS अधिकारी के रूप में काम शुरू किया. करीब 1 साल 8 महीने तक सेवा देने के बाद उन्होंने IAS की नौकरी छोड़ दी और अपने दोस्तों के साथ मिलकर Unacademy को आगे बढ़ाने पर काम शुरू किया.
हिमेश सिंह ने संभाली तकनीकी जिम्मेदारी
Unacademy को आगे बढ़ाने में हिमेश सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा. गौरव मुंजाल और हिमेश पहले भी साथ काम कर चुके थे. दोनों ने मिलकर Flatchat नाम का स्टार्टअप शुरू किया था, जिसे बाद में बेच दिया गया. Unacademy में हिमेश ने तकनीकी पक्ष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. तीनों दोस्तों के अनुभव और अलग-अलग क्षमताओं ने मिलकर एक ऐसे स्टार्टअप की नींव रखी, जिसने आगे चलकर एडटेक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई.
आजतक एजुकेशन डेस्क