UGC के नए नियम को दी गई चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर

यूजीसी के इक्विटी रूल को लेकर बवाल मचा हुआ है. देशभर में जनरल कैटेगरी के छात्र-छात्रा इसका विरोध कर रहे हैं. अब यूजीसी के इस नए नियम को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है.

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यूजीसी के नए नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती यूजीसी के नए नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा बनाए गए नए नियम को सुप्रीम कोर्ट में  चुनौती दी गई.  यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियमों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई.

इस याचिका में यूजीसी के उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी बनाए गए नियम, 2026 के एक प्रावधान को चुनौती दी गई है. इस नियम को जिसे 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस नियम का सेक्शन 3(C) मनमाना और भेदभावपूर्ण है तथा इससे कुछ वर्गों को उच्च शिक्षा से बाहर किया जा सकता है.

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याचिका में नियम 3(C) को असंवैधानिक घोषित किए जाने की गुहार लगाई गई है. याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान संविधान में दिए गए समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. याचिका में यह भी कहा गया है कि यह नियम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के खिलाफ है और उच्च शिक्षा में समान अवसर देने के उद्देश्य को नुकसान पहुंचाता है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वह इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता की जांच करे और छात्रों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे. इस नए नियम को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. सोशल मीडिया पर #UGCRollback जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं.

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यूजीसी के इन नए नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हेल्पलाइन, Equal Opportunity Centre और Squads बनाने का प्रावधान है. इसका मकसद भेदभाव रोकना और उस पर निगरानी करना है. 

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