दिसंबर से सैलरी नहीं म‍िली, 8 महीने से भूखा हूं... मैकडॉनल्ड्स के हैंडल से फूटा कथित इंटर्न का गुस्सा, कंपनी बोली- अकाउंट हैक हुआ

मैकडॉनल्ड्स इंडिया के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक इंटर्न ने पिछले 8 महीनों से वेतन न मिलने का आरोप लगाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद अकाउंट से क्रिप्टोकरेंसी प्रमोशन वाले पोस्ट भी किए गए, जिससे साइबर हैकिंग की आशंका जताई गई. मैकडॉनल्ड्स ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह पोस्ट उनके आधिकारिक हैंडल से नहीं किए गए और यह पूरी तरह से फर्जी हैं.

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McDonald's Intern Row: एक पोस्ट, ₹60 हजार की सैलरी और क्रिप्टो स्कैम का सस्पेंस! (Source: Reuters/File) McDonald's Intern Row: एक पोस्ट, ₹60 हजार की सैलरी और क्रिप्टो स्कैम का सस्पेंस! (Source: Reuters/File)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई द‍िल्ली ,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST

फास्ट-फूड की दिग्गज कंपनी 'मैकडॉनल्ड्स इंडिया' का ऑफ‍िश‍ियल एक्स हैंडल रविवार को एक बड़े सोशल मीडिया विवाद के केंद्र में आ गया. कंपनी के आधिकारिक अकाउंट से किए गए कई पोस्ट्स सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गए, जिसमें एक कथित इंटर्न ने अपने मैनेजर पर पिछले 8 महीनों से (दिसंबर 2025 से) स्टाइपेंड या सैलरी न देने का गंभीर आरोप लगाया.

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हालांकि, कुछ ही देर में इन पोस्ट्स को हटा दिया गया, लेकिन तब तक इनके स्क्रीनशॉट्स इंटरनेट पर फैल चुके थे. अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कॉरपोरेट गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और 'अनपेड इंटर्नशिप' और कर्मचारियों के शोषण पर तीखी बहस छिड़ गई है.

'8 महीने से भूखा हूं...' वायरल पोस्ट्स में क्या था दावा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक, खुद को मैकडॉनल्ड्स इंडिया का इंटर्न बताने वाले एक शख्स ने लिखा कि मैं मैकडॉनल्ड्स इंडिया में एक इंटर्न हूं. मेरे बॉस अमित जोशी ने मुझे महीनों से भुगतान नहीं किया है, जिसके कारण मुझे पेट भरने के लिए दो और अतिरिक्त नौकरियां (डिलीवरी और कस्टमर सपोर्ट) करनी पड़ रही हैं. मैं मैकडॉनल्ड्स के कई एशियाई सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालता हूं, लेकिन अमित जोशी ने मुझे दिसंबर 2026 से एक भी रुपया नहीं दिया है.

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पोस्ट में कथित मैनेजर अमित जोशी की तस्वीर भी साझा की गई थी और दावा किया गया था कि इंटर्न का लगभग ₹60,000 का बकाया पेंडिंग है.

टॉक्सिक बॉस या क्रिप्टोकरेंसी हैकर्स की चाल?

इस पूरे मामले में एक अजीब मोड़ तब आया जब उसी अकाउंट से कुछ क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस और 'मीमकॉइन' को प्रमोट करने वाले संदेश भी पोस्ट किए गए. पोस्ट में यह भी जिक्र था कि पीड़ित व्यक्ति ने क्रिप्टो ट्रेडिंग में पैसे गंवा दिए हैं. इसके बाद एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच दो तरह के कयास लगाए जाने लगे:

पहला पहलू ये था कि क्या सच में किसी प्रताड़ित और महीनों से बिना वेतन काम कर रहे इंटर्न ने अपना गुस्सा निकालने के लिए कंपनी के ऑफिशियल हैंडल का गलत इस्तेमाल किया? या मैकडॉनल्ड्स का आधिकारिक X अकाउंट साइबर स्कैमर्स और हैकर्स का शिकार हुआ, जिन्होंने मीमकॉइन को बढ़ावा देने के लिए एक फर्जी और संवेदनशील कहानी गढ़ी?

मैकडॉनल्ड्स इंडिया ने भी रखा पक्ष 

मामले को तूल पकड़ता देख मैकडॉनल्ड्स इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़ लिया है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ऑनलाइन प्रसारित हो रहे सोशल मीडिया पोस्ट से मैकडॉनल्ड्स इंडिया का कोई संबंध नहीं है. इसमें हमारे ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है और इसे हमारे आधिकारिक हैंडल से कभी पोस्ट नहीं किया गया था. वायरल हो रही तस्वीर में कई स्पष्ट विसंगतियां हैं जो यह साबित करती हैं कि यह कंटेंट पूरी तरह से फर्जी और जाली है. हम सभी से अपील करते हैं कि इस अप्रमाणित जानकारी पर भरोसा न करें और न ही इसे शेयर करें.

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