गोल‍ियों के बीच क‍िडनैपर्स के चंगुल से डॉक्टर को बचाया, कौन हैं IPS मंजिल सैनी जिन्हें मिला गैलेंट्री मेडल

बदमाशों की अंधाधुंध फायरिंग के बीच जब डॉक्टर की जान पर बन आई, तो मंज़िल सैनी की अगुवाई में पुलिस टीम ने गोलियां चीरकर किडनैपर्स के चंगुल से डॉक्टर को छुड़ा लिया. इस अदम्य साहस के लिए गैलेंट्री मेडल पाने वाली यूपी कैडर की इस तेजतर्रार आईपीएस अफसर की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. जानिए कैसे एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल बनीं यूपी की चर्चित अफसर.

Advertisement
कॉर्पोरेट जॉब छोड़ फर्स्ट अटेम्प्ट में बनीं IPS, क‍िया किडनी रैकेट का भंडाफोड़, जानें कौन हैं मंजिल सैनी? (Image courtesy: IPS Manzil Saini/ Facebook) कॉर्पोरेट जॉब छोड़ फर्स्ट अटेम्प्ट में बनीं IPS, क‍िया किडनी रैकेट का भंडाफोड़, जानें कौन हैं मंजिल सैनी? (Image courtesy: IPS Manzil Saini/ Facebook)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई द‍िल्ली ,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

नई दिल्ली: जिंदगी की राह में कई बार शुरुआती मंजिलें सिर्फ पड़ाव साबित होती हैं, असली पहचान आगे इंतजार कर रही होती है. कुछ ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी मंजि‍ल सैनी की. फिजिक्स की पढ़ाई, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में गोल्ड मेडल और बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटी सैलरी वाली नौकरी... सब कुछ होने के बाद भी मंजि‍ल सैनी ने समाज सेवा का रास्ता चुना.

Advertisement

पहले ही प्रयास में देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी (UPSC) क्रैक कर आईपीएस बनने वाली मंजि‍ल सैनी ने उत्तर प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिलों की कमान संभाली. हाई-प्रोफाइल किडनी रैकेट के भंडाफोड़ से लेकर किडनैप डॉक्टर को सकुशल छुड़ाने के एनकाउंटर तक, उनके साहस और फैसलों ने उन्हें पहचान दिलाई 'लेडी सिंघम'. आइए जानते हैं उनके बारे में... 

इंटरनेशनल बिजनेस से सिविल सर्विसेज का सफर
साल 1975 में दिल्ली में जन्मीं मंजि‍ल सैनी ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत देश के नामचीन सेंट स्टीफन कॉलेज से फिजिक्स (Physics) में ग्रेजुएशन करके की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (DSE) से इंटरनेशनल बिजनेस में मास्टर्स किया, जहां वे गोल्ड मेडलिस्ट रहीं.

पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें कॉर्पोरेट सेक्टर में एक बेहतरीन नौकरी मिल गई. करीब तीन साल तक प्राइवेट सेक्टर में काम करने के बाद भी उनका मन जनता की सेवा करने और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में अटका रहा. इसी लगन के चलते उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की और साल 2005 में अपने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) चुनी. उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर अलॉट हुआ.

Advertisement

मुरादाबाद का चर्चित 'किडनी रैकेट' और मिली 'लेडी सिंघम' की पहचान

आईपीएस बनने के बाद जब मंजि‍ल सैनी की शुरुआती पोस्टिंग मुरादाबाद में एएसपी (ASP) के पद पर हुई, तब उनके हाथ एक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की मुखबिरी लगी. इस केस की तह तक जाने के लिए मंजि‍ल सैनी ने कड़े फैसले लिए. उन्होंने गुड़गांव पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया, जिसमें कई बिचौलियों और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया. बाद में यह मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा गया.

इस हाई-प्रोफाइल जांच के बाद पहली बार मीडिया और आम जनता के बीच उन्हें 'लेडी सिंघम' का नाम मिला.

लखनऊ की पहली महिला एसएसपी और खौफनाक एनकाउंटर

मंजि‍ल सैनी मुजफ्फरनगर, मथुरा और इलाहाबाद जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में बतौर कप्तान (SSP) तैनात रहीं. साल 2016 में उन्होंने इतिहास रचा, जब वे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पहली महिला एसएसपी बनीं.

साल 2017 में जब वे मेरठ की एसएसपी थीं, तब दिल्ली के एक नामी डॉक्टर श्रीकांत गौड़ के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया. बदमाशों ने डॉक्टर को बंधक बनाकर भारी फिरौती मांगी थी. तत्कालीन एडीजी प्रशांत कुमार और मंजि‍ल सैनी की अगुवाई में पुलिस टीम ने बदमाशों को घेर लिया.

बदमाशों की तरफ से गोलियां चलने के बावजूद पुलिस टीम पीछे नहीं हटी और डॉक्टर को सुरक्षित छुड़ा लिया गया. 4 खूंखार किडनैपर्स को मौके से दबोचा गया. इस अदम्य साहस के लिए मंजि‍ल सैनी को राष्ट्रपति के गैलेंट्री मेडल यानी वीरता पदक से सम्मानित किया गया.

Advertisement

एनएसजी से लेकर मानवाधिकार आयोग तक दी सेवाएं

जिला पुलिसिंग के अलावा मंजि‍ल सैनी ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में भी अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें मेधावी सेवा पदक और डीजी डिस्क सम्मान भी मिल चुके हैं.

वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश पुलिस में आईजी (विजिलेंस) के पद पर तैनात हैं. एक गोल्ड मेडलिस्ट छात्र और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल से देश की अग्रणी महिला पुलिस अधिकारी बनने तक का उनका सफर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »