बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹3000 भत्ता देगी कर्नाटक सरकार, बस ये है शर्त

कर्नाटक सरकार की युवा निधि योजना, कांग्रेस पार्टी की चुनाव से पहले वादा की गई पांच गारंटी योजनाओं में से एक है. चार गांरटी योजनाओं की 'शक्ति योजना', 'अन्न भाग्य योजना', 'गृह ज्योति योजना' और 'गृह लक्ष्मी योजना' योजना शामिल हैं.

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सांकेतिक तस्वीर: रॉयटर्स सांकेतिक तस्वीर: रॉयटर्स

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

कर्नाटक सरकार की कांग्रेस सरकार ने पांचवां और अंतिम चुनाव से पहले किया वादा पूरा कर दिया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शिवमोग्गा में युवा निधि योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए लाभार्थी छ युवाओं को चेक सोंपे. युवा निधि योजना के तहत कर्नाटक सरकार ने पात्र डिग्री धारकों को 3000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 1500 रुपये का मासिक बेरोजगारी भत्ता देने का का वादा किया था.

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किसे मिलेगा बेरोजगारी भत्ता?
इस योजना का फायदा स्नातक और डिप्लोमा धारक युवाओं को मिलेगा, जिन्हें 2022-23 एकेडमिक ईयर में पास हुए और पढ़ाई पूरी करने के 180 दिन बाद भी बेरोजगार हैं. बेरोजगारी भत्ता केवल दो साल के लिए दिया जाएगा और लाभार्थी की नौकरी लगने के बाद भत्ता बंद कर दिया जाएगा. हालांकि जिन बेरोजगार युवाओं ने हायर एजुकेशन यानी ग्रेजुएशन के बाद आगे पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

इस योजना के लिए राज्य सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. उसका अनुमान है कि अगले साल सरकारी खजाने पर इसका 1200 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और 2026 के बाद से हर साल 1500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

इस योजना के तहत कम से कम 70,000 उम्मीदवार पंजीकरण करने के लिए पात्र पाए गए हैं, जिन्हें बेरोजगार युवाओं को कर्नाटक सरकार से मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी. युवा निधि योजना, कांग्रेस पार्टी की चुनाव से पहले वादा की गई पांच गारंटी योजनाओं में से एक है. चार गांरटी योजनाओं की शुरुआत पहले ही हो चुकी है. इनमें सरकारी बसों में कर्नाटक की महिलाओं को निशुल्क यात्रा कराने वाली 'शक्ति', बीपीएल परिवारों को 10 किलो चावल देने वाली 'अन्न भाग्य', बिजली में 200 यूनिट तक की छूट वाली 'गृह ज्योति' और एपीएल/बीपीएल राशन कार्ड धारक परिवारों की महिला मुखिया को हर महीने 2000 रुपये देने वाली 'गृह लक्ष्मी' योजना शामिल है.

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कौशल विकास, उद्यमिता और आजीविका मंत्री शरणप्रकाश पाटिल ने कहा, "योजना के एक हिस्से के रूप में, युवा निधि योजना के तहत भत्ते पाने वाले उम्मीदवार व्यावसायिक प्रशिक्षण और अपस्किलिंग के लिए पात्र होंगे, जिसे कौशल विकास विभाग द्वारा समर्थित किया जाएगा." उन्होंने आगे कहा कि यह योजना केवल युवाओं को भत्ते देने के बारे में नहीं है, बल्कि उनकी प्लेसमेंट संभावनाओं को बढ़ाने के लिए उन्हें कौशल बढ़ाने और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने में मदद करती है. हम इन छात्रों को न केवल कर्नाटक में बल्कि अन्य देशों में भी नौकरी दिलाने का प्रयास करेंगे.'

वहीं सीएम सिद्दरमैया ने कहा, 'हम लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देंगे. इस योजना का लाभ दो साल के लिए दिया जाएगा. अगर उन्हें कोई नौकरी मिल जाती है चाहे सरकारी हो या निजी तो यह लाभ तुरंत बंद कर दिया जाएगा. कौशल विकास विभाग यह तय करेगा कि कौन-सा प्रशिक्षण दिया जाएगा.'

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