'हम माफी नहीं मांगेंगे, हमें चुनाव चाहिए' जामिया में छात्रों की भूख हड़ताल जारी, VC को ल‍िखा पत्र

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में स्टूडेंट्स यूनियन के गठन को लेकर आंदोलन तेज हो गया है. भूख हड़ताल पर बैठे दो छात्रों ने रजिस्ट्रार के आदेश में संशोधन की मांग करते हुए कुलपति (VC) को पत्र लिखा है. छात्रों ने 20 दिसंबर तक यूनियन का संविधान मंजूर करने, 15 दिनों में चुनाव कराने और सभी निलंबन रद्द करने की सख्त मांगें रखी हैं.

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जामिया में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने VC को लिखा पत्र, स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव और निलंबन रद्द करने की मांग (PTI) जामिया में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने VC को लिखा पत्र, स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव और निलंबन रद्द करने की मांग (PTI)

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली ,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी द‍िल्ली के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ के गठन को लेकर छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है. रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 26 अक्टूबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन से असंतुष्ट छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भूख हड़ताल पर बैठे दो छात्रों ने रजिस्ट्रार के आदेश में संशोधन की मांग करते हुए कुलपति को औपचारिक पत्र भेजा है.   

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छात्रों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जारी किया गया नया आदेश स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली की उनकी मांगों को पूरी तरह और पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं करता है.   

प्रशासन के सामने रखी गई 4 मुख्य मांगें

1. 20 दिसंबर तक संविधान और 15 दिनों में चुनाव: छात्रों ने मांग की है कि 20 दिसंबर 2026 तक यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा छात्र संघ के संविधान को ड्राफ्ट और अप्रूव किया जाए. इसके साथ ही संविधान मंजूर होने के 15 दिनों के भीतर बिना किसी देरी के चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया जाए.   

2. सभी अनुशासनात्मक कार्रवाई तत्काल रद्द हों: प्रदर्शन से जुड़ी तमाम कार्यवाहियों जैसे शो-कॉज नोटिस, सस्पेंशन, कैंपस बैन और रस्टिकेशन (निष्कासन) को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए और भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई न की जाए.   

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3. चीफ सिक्योरिटी एडवाइजर का इस्तीफा: आंदोलनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के चीफ सिक्योरिटी एडवाइजर (Chief Security Advisor) के तुरंत इस्तीफे की मांग रखी है.   

4. कोई छात्र नहीं मांगेगा माफी: शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कोई भी प्रदर्शनकारी छात्र प्रशासन के सामने माफी नहीं मांगेगा.  

 

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी इन सभी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रहेगी. छात्रों ने कुलपति से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई स्टूडेंट्स यूनियन के गठन के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता जताने की अपील की है.   

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