15 मिनट ज्यादा किया है काम, तो यहां मिलते हैं उसके भी पैसे! भारतीय ने बताई वर्क प्लेस की 6 बड़ी बातें 

जापान में एक दशक बिता चुके एक भारतीय पेशेवर ने वर्क प्लेस की उन आदतों के बारे में बताया है जिनसे वे सबसे ज्यादा हैरान हुए. समय की पाबंदी और टीमवर्क से लेकर 15 मिनट के ओवरटाइम के लिए भुगतान, सीईओ के ट्रेन से आने-जाने का तरीका और लिफ्ट के नियमों तक, उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो में इस जगह के ऑफिस की रोजमर्रा की आदतों को लेकर बड़े खुलासे किए हैं. 

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जापान में काम करना है कितना आसान? जापान में काम करना है कितना आसान?

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

जापान में नौकरी पाना सिर्फ एक शुरुआत है, वहां के काम करने के तरीके और ऑफिस कल्चर को समझना भी बेहद जरूरी है. जापान में पिछले 10 साल से काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल अंकित पुरोहित ने बताया कि जापान में नौकरी पाना उतना मुश्किल नहीं है, लेकिन वहां के ऑफिस के नियम और काम करने की आदतों को समझना जरूरी होता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम(@ankit_purohit_japan) पर वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने जापान में ऑफिस कल्चर से जुड़ी जानकारी दी गई है. उनके इस पोस्ट ने उन लोगों का ध्यान खींचा है, जो जापान में काम करने या हायर एजुकेशन करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि जापान में काम करना केवल नौकरी पाने से कहीं ज्यादा है. यह एक ऐसी संस्कृति का हिस्सा बनने के बारे में है जो अनुशासन, सम्मान, जिम्मेदारी और टीम वर्क को महत्व देती है. 

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10 साल से जापान में कर रहा है काम 

उन्होंने ने बताया कि जापान में ऑफिस में कुछ ऐसी रोजमर्रा की आदतें हैं जिन्होंने उन्हें सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित किया- 

  1. समय पर आना ही काफी नहीं, बल्कि समय से पहले आना भी जरूरी है. अगर काम सुबह 9 बजे शुरू होता है, तो कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे उससे पहले ऑफिस में मौजूद हों. 
  2. यहां तक ​​कि सीईओ भी ट्रेन से यात्रा करते हैं. रोजाना ट्रेन से यात्रा करना स्टेटस सिंबल के रूप में नहीं देखा जाता. 
  3. लंच का समय पर्सनल समय होता है. अधिकांश कर्मचारी घर से लंच लाने के बजाय सुविधा स्टोर से खरीदे गए बेंटो बॉक्स खाते हैं. 
  4. जापान में लिफ्ट इस्तेमाल करने के भी कुछ नियम होते हैं. लिफ्ट के बटन के पास खड़ा व्यक्ति दरवाजा पकड़कर रखता है, ताकि सभी लोग आसानी से बाहर निकल सकें. इसके बाद वह व्यक्ति सबसे आखिर में लिफ्ट से बाहर आता है. 
  5. हर मिनट मायने रखता है. यहां तक ​​कि 15 मिनट के ओवरटाइम का भी भुगतान किया जाता है. 
  6. काम तब खत्म होता है जब आप लॉग आउट करते हैं. मैनेजर आमतौर पर ऑफिस समय के बाद या छुट्टी के दिनों में ओवर काम करने के लिए कॉल नहीं करते हैं. पुरोहित कहते हैं कि ये छोटी- छोटी आदतें न केवल आपको एक बेहतर कर्मचारी बनाती हैं बल्कि एक व्यक्ति के रूप में विकसित होने में भी मदद करती हैं.

गति से ज्यादा काम की गुणवत्ता पर ध्यान देना

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पुरोहित का कहना है कि जापानी  कार्यस्थलों में व्यक्तिगत पहचान की तुलना में टीम वर्क को अधिक महत्व दिया जाता है. उनके अनुसार, जापान के ऑफिस में अच्छी बातचीत, नई चीजें सीखने और काम को सही तरीके से पूरा करने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. वहां काम को जल्दी खत्म करने से ज्यादा उसकी गुणवत्ता को महत्व दिया जाता है. 

उन्होंने बताया कि जापान में काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन का ध्यान रखा जाता है. कर्मचारियों को ओवरटाइम काम के लिए अलग से भुगतान मिलता है और मैनेजर आमतौर पर काम खत्म होने के बाद या छुट्टी के दिन कर्मचारियों से संपर्क करने से बचते हैं. 

जापान में बिताए अपने एक दशक पर विचार करते हुए पुरोहित ने कहा कि इन आदतों ने उन्हें कार्यस्थल से परे भी प्रभावित किया है.

उन्होंने बताया कि ये छोटी-छोटी आदतें न सिर्फ आपको बेहतर कर्मचारी बनाती हैं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनने में भी मदद करती हैं। उनके वीडियो के बाद लोगों में जापान के अनुशासन, काम करने के तरीके और कर्मचारियों के सम्मान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.  कई लोगों ने जापानी कार्य संस्कृति की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि वे भी भविष्य में जापान में काम करना चाहते हैं.  

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