देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर परिसर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के 36 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक रेड्डी पुल्लागुरम का शव कैंपस स्थित उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका हुआ पाया गया. इस घटना के बाद से पूरे संस्थान परिसर में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर यहां लगातार हो रही अस्वाभाविक मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है.
पड़ोसियों को हुआ शक, कमरे से मिला शव
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले डॉ. पुल्लागुरम अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण IIT खड़गपुर परिसर के क्वार्टर नंबर 2-बीआर-14 में अकेले रह रहे थे. बुधवार दोपहर को पड़ोस के क्वार्टर में रहने वाले लोगों को कुछ अनहोनी का संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कैंपस सुरक्षाकर्मियों को सूचित किया.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए IIT सुरक्षा टीम ने खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन के तहत आने वाली हिजली चौकी की पुलिस को इसकी जानकारी दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बंद क्वार्टर को खोलकर डॉ. पुल्लागुरम के शव को बाहर निकाला.
अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
शव को बरामद करने के बाद उन्हें तुरंत IIT खड़गपुर परिसर के भीतर स्थित बी.सी. रॉय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मृतक प्रोफेसर के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और फॉरेंसिक जांच के लिए कमरे को पूरी तरह से सील कर दिया गया है.
पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या व्यक्तिगत, पारिवारिक या किसी अन्य तनाव की वजह से यह घटना हुई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा.
संस्थान में अस्वाभाविक मौतों का सिलसिला जारी
इस घटना ने IIT खड़गपुर में बीते कुछ वर्षों के दौरान हुई अस्वाभाविक मौतों की श्रृंखला की ओर एक बार फिर सबका ध्यान खींच लिया है. पिछले दो सालों में संस्थान के 6 से अधिक छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि एक गैर-शिक्षण कर्मचारी (नॉन-टीचिंग स्टाफ) की भी मौत हो चुकी है.
छात्रों और कर्मचारियों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद की समस्या से निपटने के लिए संस्थान प्रशासन ने काउंसलिंग पहल और विशेष सहायता टीमों की शुरुआत भी की थी. हालांकि, अब एक फैकल्टी मेंबर यानी असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत ने पूरे परिसर समुदाय को भीतर तक हिलाकर रख दिया है. खबर लिखे जाने तक इस घटना पर IIT खड़गपुर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
आजतक एजुकेशन डेस्क