आईआईटी बॉम्बे के दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोड़े की कथित आत्महत्या के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले की गहराई से जांच करते हुए अब तक 40 लोगों के आधिकारिक बयान दर्ज किए जा चुके हैं.
जांच टीम ने साहिल के माता-पिता, उसके सहपाठियों, हॉस्टल स्टाफ और संस्थान के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की है. इसके साथ ही, साहिल की मौत से ठीक पहले की कड़ियों और वजहों को समझने के लिए उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की जा रही है.
'जातिगत भेदभाव की वजह से गई जान'
यह मामला बेहद संवेदनशील हो चुका है. साहिल के माता-पिता दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनका आरोप है कि उनके बेटे को संस्थान में गंभीर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का शिकार बनाया गया.
साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. पिता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि जब वे आखिरी बार साहिल से मिले थे, तब उसने बताया था कि प्रोफेसर दूल्ला, आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे के इशारे पर पिछले तीन महीनों से उसे जातिसूचक ताने दे रहे थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. छात्र ने यह डर भी जताया था कि उसे किसी झूठे केस में फंसाया जा सकता है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का बयान दर्ज किया जाना अभी बाकी है.
डिजिटल सबूत फोरेंसिक लैब भेजे गए
मामले के तकनीकी पहलुओं को खंगालने के लिए जांच अधिकारियों ने साहिल के दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट को कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया है. इन डिवाइस को अनलॉक करके इनका डेटा रिकवर किया जाएगा. पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल डेटा सामने आने के बाद घटनाक्रम से जुड़े कई अहम सबूत मिल सकते हैं.
परीक्षा में चीटिंग के आरोप के कुछ घंटे बाद मिला था शव
22 वर्षीय साहिल वाकोड़े 18 सितंबर की शाम अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था. इससे ठीक कुछ घंटे पहले, मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उस पर मोबाइल फोन के जरिए चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था और उसे पकड़ा गया था.
घटना के तुरंत बाद आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने भी मामले की आंतरिक जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था. फिलहाल पुलिस और क्राइम ब्रांच हर संभावित एंगल, गवाहों के बयानों और तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है.
आजतक एजुकेशन डेस्क