IIT बॉम्बे कैंपस में छात्र साहिल की आत्महत्या के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. मामले में निलंबित किए गए प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को IIT बॉम्बे मैनेजमेंट ने छुट्टी पर भेज दिया है. इसके बाद संस्थान की ओर से पूरे मामले की आंतरिक जांच के लिए 10 सदस्यों का एक पैनल भी गठित किया गया है. यह पैनल मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगा और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.
वहीं, छात्र की आत्महत्या के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच भी जांच कर रही है. क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को पूछताछ के लिए समन किया है. जानकारी के मुताबिक, आज क्राइम ब्रांच प्रोफेसर डूला से पूछताछ कर सकती है. पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी मामले से जुड़े घटनाक्रम, छात्र और प्रोफेसर के बीच हुई बातचीत तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के बारे में जानकारी ले सकती है.
माता-पिता का बयान दर्ज
इससे एक दिन पहले मुंबई क्राइम ब्रांच ने मृतक छात्र साहिल के माता-पिता का बयान दर्ज किया था. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान छात्र के परिवार से मिली जानकारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. साहिल के पिता ने मांग की है कि दोनों प्रोफेसरों को इस्तीफा देना चाहिए. क्राइम ब्रांच अब परिवार के बयान समेत मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है. IIT बॉम्बे की ओर से गठित 10 सदस्यीय पैनल भी मामले की स्वतंत्र रूप से आंतरिक जांच करेगा. पैनल की रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र से जुड़े घटनाक्रम में संस्थान के स्तर पर किन परिस्थितियों की भूमिका रही.
दो स्तरों पर चल रही है जांच
फिलहाल इस पूरे मामले में दो स्तर पर जांच चल रही है. एक ओर मुंबई क्राइम ब्रांच प्रोफेसर से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं IIT बॉम्बे का आंतरिक पैनल भी मामले की पड़ताल कर रहा है. दोनों जांचों के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
आईआईटी बॉम्बे के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में पवई पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था और अब इस मामले को मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां इसे DCB CID C.R. नंबर 124/2026 के रूप में दर्ज किया गया है. जांच की जिम्मेदारी एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है और इसकी निगरानी क्राइम ब्रांच के डीसीपी डिटेक्शन-1 द्वारा की जा रही है. जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है. जांच में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है. मुंबई पुलिस ने लोगों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अटकलें लगाने, गलत सूचना फैलाने या जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचें.
दीपेश त्रिपाठी