बीटेक गोल्ड मेडल‍िस्ट, 2014 बैच के IAS अफसर... जानें कौन हैं गया के DM? प‍ितृपक्ष पर क्यों हो रही चर्चा

भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2014 बैच के अधिकारी शशांक शुभंकर अभी गयाजी के जिला पदाधिकारी हैं और 25 सितंबर से गयाजी में पितृपक्ष मेला शुरू होने वाला है. इसे लेकर प्रशासन की ओर से खास तैयारियां की गई हैं. श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर डीएम ने कई इंतजाम किए हैं. इसके बाद से ही वह सुर्खियों में बने हुए हैं.

Advertisement
कौन हैं IAS शशांक शुभंकर? कौन हैं IAS शशांक शुभंकर?

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

बिहार के गयाजी में 25 सितंबर से पितृपक्ष मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसके लिए तैयारियां की जा रही हैं. पितृपक्ष के अवसर पर पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन को सारी व्यवस्था सही रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है. इस कड़ी में गयाजी के डीएम शशांक शुभंकर ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते कई इंतजाम किए हैं. रहने-खाने से लेकर कई व्यवस्था की जा रही है. इसके बाद से ही IAS शशांक शुभंकर सुर्खियों में बने हुए हैं, तो चलिए जानते हैं कि आखिर वह किन-किन पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं?   

Advertisement

कौन हैं IAS शशांक शुभंकर?

बता दें कि IAS शशांक शुभंकर का जन्म झारखंड में 11 सितंबर, 1991 को हुआ था. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई रांची के डीएवी स्कूल से की है. उन्होंने VIT वेल्लोर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक में पढ़ाई के साथ गोल्ड मेडलिस्ट बने. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्होंने बचपन में ही सिविल सर्विस में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था. बीटेक की डिग्री लेने के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी थी और 2014 में किए गए प्रयास में वह सफल हुए और बिहार कैडर के अधिकारी बने. बता दें कि शशांक शुभंकर की पत्नी उदिता सिंह भी 2014 बैच की अधिकारी हैं. इन दोनों को मीड‍िया में पावर कपल के नाम से काफी पहचान मिली है. 

गयाजी में श्रद्धालुओं के लिए कर रहे व्यवस्था

Advertisement

गया के डीएम इसलिए सुर्खियों में बने हुए हैं क्योंकि पितृपक्ष के दौरान गयाजी में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पिंडदान के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन बहुत एक्टिव दिखाई दे रही है. यात्रा, रहने और बेसिक जरूरतों के लिए बिहार पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर गयाजी-बोधगया-राजगीर-नालंदा और पटना-पुनपुन-गया जैसे पैकेज भी उपलब्ध हैं. इसके साथ ही प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही समेत अन्य जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया है. ई-पिंडदान की सुविधा से उन लोगों के लिए भी विकल्प उपलब्ध हुआ है, जो किसी कारण गयाजी नहीं पहुंच पा रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »