दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 का बिगुल बज चुका है. डूसू चुनाव 2026 की जंग इस बार केवल पारंपरिक नारों, फीस वृद्धि और बुनियादी वादों तक सीमित नहीं रह गई है. इस चुनावी समर में उतरे दो सबसे बड़े छात्र संगठन-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI)-ने अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं, लेकिन इस बार का एजेंडा बदला-बदला नजर आ रहा है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लेकर 24/7 लाइब्रेरी, मेंस्ट्रुअल लीव, पिंक बूथ और हाल ही में सत्य निकेतन हादसे के बाद उपजे सुरक्षित हॉस्टल के मुद्दे मेनिफेस्टो के केंद्र में हैं. डीयू की छात्र राजनीति में आया यह बदलाव साफ इशारा कर रहा है कि दोनों ही दल इस बार जेनरेशन-जी (जेन जी) छात्रों की प्राथमिकताओं और उनकी रोजमर्रा की व्यावहारिक जरूरतों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते.
इस साल के घोषणापत्रों का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि छात्र राजनीति अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) जैसे आधुनिक विषयों और सत्य निकेतन हादसे के बाद उपजे सुरक्षित आवास के मुद्दों पर केंद्रित हो गई है.
1. AI, डिजिटल स्किल्स और 24×7 लाइब्रेरी
छात्र राजनीति अब केवल फीस वृद्धि या बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रही. इस बार दोनों संगठनों ने छात्रों को भविष्य के रोजगार से जोड़ने के लिए तकनीक को मेनिफेस्टो के केंद्र में रखा है.
ABVP का वादा: अभाविप ने अपने 'अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम' मॉडल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल कौशल पर आधारित अवसरों को बढ़ावा देने का वादा किया है. साथ ही, समयबद्ध और पारदर्शी परीक्षा परिणामों के लिए डिजिटल सुधारों पर जोर दिया है.
NSUI का एजेंडा: एनएसयूआई ने अपने 'Accountable DU' एजेंडे के तहत 24×7 रीडिंग लाइब्रेरी, पूरे परिसर में निर्बाध कैंपस वाई-फाई और डिजिटल स्किलिंग से जुड़ी इंटर्नशिप का वादा किया है.
2. सत्य निकेतन हादसे के बाद 'सुरक्षित आवास' बना सबसे बड़ा मुद्दा
हाल ही में सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में बाहर से आकर रहने वाले छात्रों के लिए पीजी (PG) और हॉस्टल सुरक्षा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है.
ABVP की प्राथमिकता: अभाविप ने नए छात्रवासों के निर्माण, पीजी और हॉस्टलों की सेफ्टी ऑडिट, अग्नि-सुरक्षा मानकों को सख्त करने और एक समर्पित स्टूडेंट हाउसिंग सेल बनाने की घोषणा की है.
NSUI का कदम: एनएसयूआई ने दिल्ली में किराया नियंत्रण कानून (Rent Control Act) को कड़ाई से लागू करने और छात्रों के लिए एक सत्यापित एवं किफायती 'डीयू पीजी पोर्टल' (DU PG Portal) शुरू करने का वादा किया है.
3. महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य: मेंस्ट्रुअल लीव से लेकर पिंक बूथ तक
कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी इस बार कई व्यावहारिक प्रस्ताव सामने रखे गए हैं:
NSUI का 'मासिक धर्म अवकाश' कार्ड: एनएसयूआई ने छात्राओं के लिए प्रति माह दो दिन के मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) का प्रावधान लागू करने का बड़ा वादा किया है. इसके अलावा यौन उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस नीति और सब्सिडाइज्ड 24×7 कैंटीन की बात कही है.
ABVP का सुरक्षा मॉडल: अभाविप ने कैंपस में पिंक बूथ, नाइट गश्त, स्त्री-रोग विशेषज्ञ की नियमित उपलब्धता, सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर और छात्राओं के लिए नए कॉमन रूम बनाने का संकल्प लिया है.
4. परीक्षा प्रणाली और करियर: छात्रों को जवाबदेही का इंतजार
परीक्षा और नतीजों में देरी डीयू छात्रों के लिए हमेशा से एक बड़ी सिरदर्दी रही है. इस बार दोनों संगठनों ने इस पर स्पष्ट रुख अपनाया है:
ABVP: पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षाएं कराने, उत्तर पुस्तिकाएं देखने की पारदर्शी व्यवस्था और समय पर डिग्री उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है.
NSUI: छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए निःशुल्क मूल्यांकन व पुनर्मूल्यांकन और सस्ता मेट्रो कंसेशन पास देने की मांग उठा रही है.
आजतक एजुकेशन डेस्क