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सोशल मीडिया से सड़क तक: बिना फंड और नेताओं के रांची में कैसे खड़ा हुआ 'जंतर-मंतर'?

आजतक एजुकेशन डेस्क
  • नई दिल्ली ,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST
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बात अगर जेन जी की हो उसमें कुछ अलग ही 'बात' होती है. जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट से केंद्र सरकार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के ल‍िए मजबूर करने वाला जेन जी अब झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कर‍प्शन के ख‍िलाफ आवाज उठा रहा है. आइए जानते हैं कि स‍िर्फ सोशल मीड‍िया की ताकत से ये आंदोलन इतना बड़ा कैसे हो गया? 

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जब 5 जुलाई को JPSC 14वीं सिविल सर्विसेज का रिजल्ट आया और छात्रों ने अनियमितताओं को पकड़ा, तो रणनीति किसी हॉल में बैठकर नहीं, बल्कि व्हाट्सएप ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनल्स पर बनी.  छात्रों द्वारा OMR शीट में गड़बड़ी के सबूत, रिजल्ट के स्क्रीनशॉट्स और संभावित धांधली के पैटर्न सबसे पहले टेलीग्राम ग्रुप्स पर शेयर किए गए. बस यहीं से बनी आंदोलन की रूपरेखा रांची की सड़कों पर अब सैलाब बन चुकी है. 

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रांची की सड़कों पर बारिश के बीच तिरंगा लहराते और अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के 30-सेकंड के शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम रील्स ने राज्य के हर जिले (धनबाद, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह) के युवाओं को रांची पहुंचने पर मजबूर कर दिया. 'X' (ट्विटर) पर हैशटैग ट्रेंड की बात करें तो छात्रों ने लगातार #JusticeForJharkhandStudents और #Cancel14thJPSC ट्रेंड कराया.

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सोशल मीडिया पर जब इस 'Gen-Z प्रोटेस्ट' के वीडियो वायरल होने लगे, तो दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर चल रहे इस शांत लेकिन आक्रामक आंदोलन पर राष्ट्रीय संगठनों का ध्यान गया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापकों ने सीधे 'X' के ज़रिए आंदोलनकारी छात्रों से संपर्क साधा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बातचीत की और इसे सोशल मीडिया पर री-ट्वीट और एम्प्लीफाई करके राष्ट्रीय पटल पर पहुंचा दिया.

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प्रोटेस्ट में झारखंड के युवाओं ने भगत सिंंह के इंकलाब जिंदाबाद वाले जज्बे को दिखाते हुए न्याय की मांग की. वो न्याय जिसमें स्टूडेंट्स कह रहे थे कि हमें परीक्षा में पास होने के ल‍िए 12-12 घंटे पढ़ना पड़ता है और पेपर लीक में 12 मिनट भी नहीं लगते. अब हमें ये सिस्टम बदलना ही होगा. छात्र अब सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. 

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छात्रों के साथ बड़ी संख्या में छात्राएं भी रांची की सड़कों पर पेपर लीक फ्री झारखंड का नारा बुलंद करते हुए नजर आईं. युवाओं का यही जज्बा था कि तमाम सेल‍िब्र‍िटी भी इनके समर्थन में आने लगे. इसी दौरान वर्तमान जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई 2026 को पद से इस्तीफ़ा दे दिया. 

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व्हाट्सएप ग्रुप्स से शुरू हुआ मैसेजिंग का सिलसिला देखते ही देखते रांची के स्टेडियम में हजारों युवाओं के हुजूम में बदल गया. भारी बारिश और बिजली की कड़क के बावजूद वॉटरप्रूफ शीट्स और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में डटे रहे छात्र.

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दो विषयों में PG और B.Ed की डिग्री रखने वाले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की आवाज़ बने और अब बेमियादी अनशन पर हैं. महतो जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक की तर्ज पर भूख हड़ताल करके झारखंड सरकार को हिला द‍िया. सोमवार सुबह ही सीआईडी और झारखंड पुलिस ने 15 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी तेज कर दी. 

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