ओडिशा में 3 साल में 45 हजार शिक्षकों की भर्ती, CM मोहन चरण मांझी ने किया ऐलान

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने शिक्षकों की भर्ती के लिए एक व्यापक अभियान की घोषणा की है, जिसके तहत तीन सालों में 45,000 स्कूली पदों को भरा जाएगा. शिक्षक दिवस के अवसर पर बोलते हुए मांझी ने शिक्षा सुधारों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की और छात्रों से सोशल मीडिया पर कम समय बिताने का आग्रह किया. 

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ओडिशा में जल्द होगी टीचरों की भर्ती. ओडिशा में जल्द होगी टीचरों की भर्ती.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने नौकरियों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. राज्य सरकार अगले तीन सालों में स्कूलों की खाली 45,000 सीटों पर टीचरों की भर्ती करेगी. मांझी ने शनिवार को कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में शिक्षक दिवस के एक कार्यक्रम में यह घोषणा की, जहां उन्होंने शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा सुधारों और छात्रों की जिम्मेदारियों के बारे में बात की. 

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कम स्क्रॉल और ज्यादा पढ़ाई 

राजनीति में आने से पहले शिक्षक के रूप में काम कर चुके मांझी ने छात्रों के साथ बातचीत के दौरान उनसे आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर ज्यादा समय न बिताएं. उन्होंने छात्रों से कहा कि कृपया सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बर्बाद न करें, बल्कि करियर बनाने पर ध्यान दें. उन्होंने कहा कि छात्रों की प्राथमिक जिम्मेदारी मजबूत शैक्षणिक स्किल को विकसित करना और अपने भविष्य के साथ-साथ देश के विकास में योगदान देना है. 

मांझी ने यह भी कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नॉलेज लेना नहीं होना चाहिए बल्कि इससे व्यक्तियों के व्यक्तित्व को आकार देने में भी मदद मिलनी चाहिए. 

केजी से पीजी तक 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई नई योजनाओं पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य है, जहां KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,200 गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय बना रही है. इसके अलावा, छोटे बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के लिए 45,000 नर्सरी स्कूल खोले गए हैं. 

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मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को मिड-डे मील और मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने की भी योजना बना रही है. उन्होंने शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना का भी जिक्र किया. इस योजना का मकसद आदिवासी छात्रों को आर्थिक मदद देना और स्कूल छोड़ने की दर को कम करना है. 

शिक्षकों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती भी मनाई गई. उनकी जयंती को देश में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है मुख्यमंत्री मांझी ने गुरु-शिष्य के पारंपरिक रिश्ते और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर बात की. 

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर रहने के बावजूद कलाम खुद को शिक्षक कहलाने पर गर्व महसूस करते थे. 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई शिक्षकों को सम्मानित भी किया. इस दौरान शिक्षक दिवस समारोह के साथ राज्य में नई भर्तियों और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी गई. 

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