UPSC की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए सालों तक बिना सफलता के प्रयास करना, अपने करियर और पैसों को दांव पर लगाने जैसा होता है. लेकिन, महाराष्ट्र के भिकन जगन रोजेकर का मानना है कि सिविल सर्विसेज के सपने को पूरा करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप बाकी सभी करियर विकल्पों को हमेशा के लिए छोड़ दें.
चार असफल प्रयासों के बाद, पांचवें प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 812 हासिल करने वाले भिकन ने बताया कि कैसे उनकी सही एकेडमिक च्वॉइस ने इस देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके लिए एक दूसरा रास्ता खुला रखा था. उनका यह सफर हर एस्पिरेंट को यह सिखाता है कि मेहनत और जिद्द अपनी जगह जरूरी है, लेकिन एक 'प्लान B' होना उससे भी ज्यादा अहम है.
क्यों बनी एग्रीकल्चर की डिग्री एक मजबूत बैकअप?
भिकन का ताल्लुक महाराष्ट्र के जालगांव सपकाल गांव से है. उनके माता-पिता ने पहले खेत में मजदूरी की और बाद में अपने पैतृक गांव लौटकर दो एकड़ जमीन पर खेती शुरू की. परिवार का खर्च चलाने के लिए उनकी मां ने दिहाड़ी मजदूर के रूप में भी काम किया.
तमाम आर्थिक तंगियों के बावजूद भिकन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने 10वीं तक मराठी मीडियम स्कूल में पढ़ाई की, 11वीं-12वीं साइंस से की और बाद में छत्रपति संभाजीनगर के विवेकानंद कॉलेज से एग्रीकल्चर में बीएससी की डिग्री ली. उनके भाइयों ने उन्हें एक ऐसी डिग्री चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जो परीक्षा में सफलता न मिलने पर उन्हें रोजगार दिला सके, और यही एग्रीकल्चर उनकी सबसे बड़ी ताकत यानी 'प्लान B' बना.
चार झटके, और फिर मिली AIR 812 की सफलता
भिकन ने साल 2021 से फुल-टाइम यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2022 में दिल्ली आ गए. साल 2023 में महाराष्ट्र सरकार की एक छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) ने उन्हें कोचिंग क्लासेज ज्वाइन करने में काफी मदद की.
इस दौरान उन्होंने कई अन्य परीक्षाएं भी पास कीं. उन्होंने 2024 और 2025 की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा दी, 2025 की भारतीय वन सेवा (IFoS) की मुख्य परीक्षा पास की और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे. आखिरकार, उनके पांचवें प्रयास ने रंग दिखाया और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर ली.
UPSC एस्पिरेंट्स के लिए भिकन की सलाह
भिकन नए उम्मीदवारों को सलाह देते हैं कि वे सिलेबस को गहराई से समझें, कम से कम पिछले 10 सालों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करें और मॉक टेस्ट दें. मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने फैक्ट्स और डेटा के साथ स्ट्रक्चर्ड आंसर लिखने की जरूरत पर जोर दिया. उनका मानना है कि सही ऑप्शनल सब्जेक्ट की तैयारी और निबंध लेखन के लिए मजबूत भाषा कौशल बेहद जरूरी है.
भिकन की कहानी यह साबित करती है कि जिंदगी का एक इम्तिहान आपका पूरा भविष्य तय नहीं कर सकता. अगर आपके पास एक मजबूत एकेडमिक फाउंडेशन और बैकअप प्लान है, तो आप बिना अपना लक्ष्य छोड़े सुरक्षित रास्ते पर भी चल सकते हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क