ऑफिस में केवल डिग्री से नहीं चलेगा काम, सीखने होंगे ये भी स्किल्स वरना हो सकती है दिक्कत  

जब बच्चे स्कूल से कॉलेज में जाते हैं, तो उन्हें आजादी का एहसास होता है. कॉलेज लाइफ में आते हैं उन्हें अपनी करियर की चिंता होने लगती है. लेकिन कई बार बच्चे कॉलेज में केवल नंबर और डिग्रियों के पीछे रहते हैं. लेकिन इस दौरान छात्रों को टाइम मैनेजमेंट, फाइनेंशियल लिटरेसी, नेटवर्किंग और इमोशनल इंटेलिजेंस जैसी स्किल्स के बारे में जानना चाहिए क्योंकि कॉलेज के बाद जब वह नौकरी के लिए जाते हैं, तो केवल डिग्री नहीं, ये स्किल्स भी काम आती हैं. 

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कॉलेज में ही सीख लेने चाहिए ऑफिस के ये स्किल्स. कॉलेज में ही सीख लेने चाहिए ऑफिस के ये स्किल्स.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:20 AM IST

स्कूल से निकलकर जब एक बच्चा कॉलेज जाता है तो, उसे लगता है कि वह आजाद हो चुका है. माता-पिता की डांट नहीं पड़ती है, दोस्तों के साथ रिश्ते और गहरे होते हैं लेकिन कई बार इस चमक में बच्चे उन स्किल्स को पीछे छोड़ देते हैं जिसकी जरूरत आने वाले समय में पड़ सकती है. कई बार छात्रों को ऐसा लगता है कि नौकरी के लिए केवल उनकी डिग्रियां ही केवल उनकी नौकरी में काम आएंगी लेकिन ये बिल्कुल गलत है. बता दें कि कंपनियां केवल डिग्री देखकर नौकरी नहीं देती बल्कि आप मुश्किल हालातों में खुद को कैसे संभालते हैं या आप दूसरों से कैसे बेहतर कर सकते हैं, इन बातों पर भी ध्यान देती हैं. चतो चलिए जान लेते हैं कि कौन सी वो स्किल हैं, जो छात्रों को आगे बढ़ने में मदद करती हैं. 

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टाइम मैनेजमेंट 

कॉलेज के टाइम पर कई बार पूरे दिन क्लास चलती है तो कभी एक भी क्लास नहीं चलती. लेकिन कई बार इन क्लासेस से बचने के लिए स्टूडेंट बंक करने, दोस्तों के साथ घूमने या अन्य कारणों की वजह से अपना टाइम वेस्ट कर देते हैं. लेकिन टाइम मैनेजमेंट का मतलब ये नहीं होता है. टाइम मैनेजमेंट का मतलब होता है कि पढ़ाई और मस्ती के बीच बैलेंस, जो केवल कॉलेज में नहीं बल्कि आगे जाकर कॉर्पोरेट लाइफ में भी काम आता है. 

फाइनेंशियल लिटरेसी

फाइनेंशियल लिटरेसी युवाओं को बचपन से ही सिखना चाहिए. महीने की शुरुआत में पॉकेट मनी आते ही पैसों का डिवाइडेशन करना सिखना चाहिए. अगर आपने कॉलेज में ही ये आदत सीख ली तो आगे चलकर आपको किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं होगी. पैसों को सही जगह इन्वेस्ट करना या कम से कम अपनी जरूरतों और इच्छाओं के बीच का फर्क समझना जिम्मेदार नागरिक बनाता है.

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कम्युनिकेशन और नेटवर्किंग

केवल टैलेंट होने से काम नहीं चलता है, उसे सही शब्दों में लोगों के सामने रखना होता है. अच्छी कम्युनिकेशन स्किल होने का मतलब होता है कि आप किस  स्पष्टता और आत्मविश्वास से लोगों के सामने अपनी बात रखते हैं. इसके साथ ही नेटवर्किंग भी बेहद जरूरी होती है. कॉलेज के दिनों से ही अगर आप अपने सीनियर्स, प्रोफेसर्स और अलग-अलग बैकग्राउंड के लोगों से रिश्ते बनाना सीख लेते हैं,तो आगे ये आपके लिए नौकरी के कई रास्ते खोल देता है. 

इमोशनल इंटेलिजेंस और स्ट्रेस मैनेजमेंट

कॉलेज के दिनों में आपने जरूर रिजेक्शन झेला होगा फिर चाहे वो करियर में हो या रिश्ते में. ऐसे में अगर आप ऑफिस में काम करते हैं और आपको रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है, तो इस सिचुएशन में अपने गुस्से, तनाव और एंग्जायटी को मैनेज करना सीखें. जब आप अपनी भावनाओं को कंट्रोल करना सीख जाते हैं तो दुनिया की कोई भी असफलता आपको डिप्रेशन के अंधेरे में नहीं धकेल सकती.

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