रोजी-रोटी के लिए महज 300 रुपये कमाने वाले रामथुल्ला शेख ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल हों, पढ़ाई जिंदगी बदलने की ताकत रखती है. नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने GATE 2024 में AIR 809 हासिल की और उन्हें 15 लाख रुपये सालाना का जॉब ऑफर भी मिला लेकिन यहां पहुंचकर उनकी कहानी ने एक अलग मोड़ लिया, क्योंकि रामथुल्ला ने इस शानदार ऑफर को भी ठुकरा दिया.
आगे पढ़ाई करने का लिया फैसला
उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, नौकरी ठुकराने के बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु में एडमिशन लिया और अब वह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) में पीएचडी (PhD) कर रहे हैं.
आंध्र प्रदेश से शुरू की पढ़ाई
बता दें कि रामथुल्ला शेख ने अपनी शुरुआती पढ़ाई आंध्र प्रदेश में की है. उन्होंने जिला परिषद हाई स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है. इसके बाद ससीकांत रेड्डी जूनियर कॉलेज से मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई की. स्कूल खत्म करने के बाद उन्होंने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी(BTech) किया.
इंजीनियरिंग के बाद की नौकरी
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद रामथुल्ला ने साल 2022 में एक कंपनी में सिस्टम इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया. नौकरी के साथ ही उन्होंने GATE की तैयारी शुरू कर दी. हालांकि, नौकरी के साथ सबसे कठिन इंजीनियरिंग में शामिल परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था लेकिन मेहनत के दम पर उन्होंने 809वीं रैंक हासिल की.
IISc में एडमिशन
GATE में 809वीं रैंक लाने के बाद उन्हें IISc में एडमिशन मिला. उन्होंने वहां से मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री हासिल की. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में MTech में दाखिला लिया.IISc में उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ कई तकनीकी और अकादमिक क्षेत्रों में काम किया.
इसके बाद किया ये काम
इतनी ही नहीं IISc के डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में टीचिंग असिस्टेंट के पद पर भी काम किया. रामथुल्ला शेख ने सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि कई अहम जिम्मेदारियां भी संभालीं. इलेक्ट्रॉनिक्स लेबोरेटरी,कंट्रोल सिस्टम्स डिजाइन कोर्स और एसएमपीसी लैब से जुड़े रहे.
पढ़ाई के साथ उन्होंने संस्थान की प्लेसमेंट प्रक्रिया में भी योगदान दिया. रामथुल्ला ने IISc में प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई, जहां उन्होंने MTech छात्रों से जुड़ी प्लेसमेंट की जिम्मेदारियां संभालीं. इस तरह MTech के दौरान उनका अनुभव केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहा.
आजतक एजुकेशन डेस्क