टेक जॉब मार्केट में झटकों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. कंपनियां एआई (AI) पर बड़ा दांव लगा रही हैं. अपनी टीमों को री-स्ट्रक्चरिंग कर रही हैं, काम करने के तरीके बदल रही हैं और हर संभव तरीके से लागत घटाने की जुगत में जुटी हैं. बदलाव के इस पूरे खेल में सबसे ज्यादा गाज इंसानी नौकरियों पर गिर रही है.
'Layoffs.fyi' के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक 296 टेक कंपनियों से 1,29,488 टेक कर्मचारियों की छंटनी की जा चुकी है. बीते कुछ हफ्तों के भीतर ही एप्पल (Apple), उबेर (Uber), ओरेकल (Oracle) और पेपाल (PayPal) जैसे बड़े टेक दिग्गज छंटनी करने वाली नई कंपनियों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं.
तो आखिर हालिया छंटनियों के पीछे की असली वजह क्या है, और कौन-कौन सी कंपनियां इससे प्रभावित हुई हैं? आइए हाल के हफ्तों में सामने आईं कुछ सबसे बड़ी टेक छंटनियों और वर्कफोर्स में हुए बदलावों पर एक नजर डालते हैं.
Apple में छंटनी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने एप्पल ने सिरी (Siri), विजन प्रो और संबंधित सॉफ्टवेयर टीमों से 200 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया. इनमें से लगभग 100 पद 'विजन प्रो' संगठन से कम किए गए, जबकि अन्य 100 पद सिरी और सॉफ्टवेयर टीमों से घटाए गए जिसमें 'इंटेलीजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस' ग्रुप भी शामिल है जो एप्पल के डिवाइसेज के लिए एआई फीचर्स पर काम करता है.
एप्पल ने टीमों के पुनर्गठन की बात तो स्वीकार की है, लेकिन छंटनी के सटीक आंकड़ों की पुष्टि नहीं की. कंपनी का कहना है कि वह अपने बिजनेस को नई दिशा देने के साथ-साथ नए रोल भी तैयार कर रही है. एप्पल की अलग-अलग टीमों पर इसका असर अलग तरीके से पड़ रहा है. 'विजन प्रो' में एप्पल ने अपने गेमिंग डिपार्टमेंट को लगभग बंद कर दिया है और इमर्सिव वीडियो ऑपरेशंस को भी छोटा कर दिया है.
वहीं दूसरी ओर, सिरी एक अलग तरह के बदलाव से गुजर रही है, जहां एप्पल अपने वॉइस असिस्टेंट को एक नए एआई आर्किटेक्चर के इर्द-गिर्द री-बिल्ड कर रहा है जिसके लिए बिल्कुल अलग तरह के स्किल्स और विशेषज्ञता की जरूरत है.
Uber की 3,300 कर्मचारियों की छंटनी की योजना
उबेर ने भी सितंबर के पहले हफ्ते में छंटनी के एक बड़े दौर की घोषणा की है. राइड-हेलिंग (कैब सेवा) कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से लगभग 3,300 नौकरियां यानी करीब 10 प्रतिशत वर्कफोर्स कम करने की तैयारी में है. कोविड-19 महामारी के बाद से उबेर की यह सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है.
कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल मेमो में सीईओ दारा खोसरोशाही ने कहा कि कंपनी मैनेजमेंट लेयर्स को हटा रही है, टीमों को सुव्यवस्थित कर रही है और अपनी ग्लोबल लोकेशन रणनीति को बदल रही है. उबेर इस छंटनी से बचने वाली रकम का इस्तेमाल भविष्य की तकनीकों, जैसे कि एआई और ऑटोमैटिक गाड़ियों में निवेश करने के लिए करेगी.
PayPal ने भी भारत में घटाईं नौकरियां
PayPal भी अपनी ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंंग प्रोसेस के तहत भारत में नौकरियां घटाई हैं. शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि भारत में लगभग 600 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, लेकिन बाद में PayPal ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि 31 अगस्त तक भारत की टीम से 220 कर्मचारी (लगभग 4 प्रतिशत) प्रभावित हुए हैं. कंपनी ने स्पष्ट किया कि ये बदलाव उसकी मल्टी इयर ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा हैं, जिसका मकसद वैश्विक कामकाज को सरल बनाना और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट करना है.
Oracle में छंटनी की नई आहट
अब ऐसी रिपोर्ट्स भी सामने आ रही हैं कि ओरेकल छंटनी के एक और बड़े दौर की तैयारी कर रहा है. 'बिजनेस इनसाइडर' की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी वैश्विक स्तर पर अपने वर्कफोर्स को और कम कर सकती है. अंदरूनी अनुमानों के अनुसार, दुनिया भर में 7,000 से 10,000 के बीच नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं.
हालांकि, भारतीय टीम पर इसका कितना असर पड़ेगा, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. कर्मचारियों को कथित तौर पर सितंबर की शुरुआत या मध्य तक फैसले की उम्मीद रखने को कहा गया है, हालांकि ओरेकल ने आधिकारिक तौर पर इस नए दौर का ऐलान नहीं किया है.
छंटनी की यह नई आशंका Oracle द्वारा पहले किए गए बड़े कटऑफ के ठीक बाद आई है. मई 2026 को समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान ओरेकल ने ग्लोबल लेवल पर अपने वर्कफोर्स से लगभग 21,000 कर्मचारियों को कम कर दिया था, जिसके बाद उसकी कुल वर्कफोर्स घटकर लगभग 1,41,000 रह गई थी. Oracle इस समय एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी बजट खर्च कर रहा है, जिससे लागत पर नियंत्रण और वर्कफोर्स का पुनर्गठन उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुका है.
आजतक एजुकेशन डेस्क