16 साल के एक्सपीरियंस के बाद चली गई नौकरी, बेरोजगारी ने सिखाई ये 6 बातें

आज की बदलती जॉब मार्केट में नौकरी को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. कंपनियां भी काम करने के तरीके में लगातार बदलाव कर रही हैं और कई जगहों पर एआई का इस्तेमाल बढ़ने के साथ कर्मचारियों की भूमिकाएं भी बदल रही हैं. इसका असर छंटनी के रूप में भी देखने को मिल रहा है. ऐसे में अचानक नौकरी चली जाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता.

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16 साल का अनुभव फिर भी चली गई नौकरी. 16 साल का अनुभव फिर भी चली गई नौकरी.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:17 PM IST

सुबह की तरह आप ऑफिस जाते हैं, अपना रोज का काम करते हैं और आपको लगता है कि दिन भी बाकी दिनों जैसा ही बीतेगा लेकिन अचानक शाम तक आपको यह पता चले कि अब आपकी नौकरी नहीं रही, तो उस एक पल में बहुत कुछ बदल जाता है. नौकरी के साथ सिर्फ सैलरी ही नहीं  बल्कि आगे के महीनों को लेकर कई सवाल भी खड़े हो जाते हैं. आज की बदलती जॉब मार्केट में छंटनी की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं.

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कंपनियां काम करने के तरीकों में लगातार बदलाव कर रही हैं और एआई व ऑटोमेशन पर भी निवेश बढ़ा रही हैं. इसका असर कई कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ रहा है. लेकिन कोलकाता के एक रेडिट यूजर की कहानी इसलिए ध्यान खींचती है क्योंकि 16 साल का काम का अनुभव होने के बावजूद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. 

नौकरी जाने के बाद इस यूजर ने अपना अनुभव शेयर किया और बताया कि इस पूरे दौर ने उन्हें क्या सिखाया. 

पोस्ट में यूजर ने क्या -क्या बताया? 

यूजर ने पोस्ट में बताया कि लगातार 16 साल तक काम करने के बाद मैंने ये नहीं सोचा था कि उन्हें कभी छंटनी का शिकार होना होगा. हालांकि, छंटनी के बाद का समय इससे भी ज्यादा खराब रहा था लेकिन इसने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. बेरोजगारी के 6 महीने बाद तक संघर्ष किया. उन्होंने कई जगहों पर आवेदन किया, रिजेक्शन झेले लेकिन उसके बाद उन्हें एक कंपनी से ऑफर मिला. इस कंपनी में काम करने के लिए वह काफी उत्साहित थे. लेकिन बेरोजगारी ने उन्हें 6 बड़ी बातें सिखाई है, जो उन्होंने पोस्ट के साथ शेयर किया है. 

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बेरोजगारी ने सिखा दी ये बातें

अपने परिवार के एक व्यक्ति को जरूर बताएं

हालांकि, छंटनी की बताने में परिवार को थोड़ा अजीब जरूर लगता है लेकिन परिवार के किसी एक व्यक्ति के साथ ये बात जरूर शेयर करें. ऐसा इसलिए नहीं कि वह आपको नौकरी दिला सकते हैं बल्कि इसलिए क्योंकि वह जानते हैं कि आप किस दौर से गुजर रहे हैं. 

जॉब पोर्टल से ज्यादा जरूरी नेटवर्क 

यूजर ने पोस्ट में ये भी बताया कि उन्होंने सीधे कई नौकरियों के लिए अप्लाई किया. लेकिन कुछ एप्लीकेशन करियर पोर्टल्स के ब्लैक होल में चले गए. कुछ से ऑटोमेटेड रिजेक्शन ईमेल आए. कुछ का तो कोई जवाब ही नहीं आया. जो तरीका सबसे ज्यादा काम आया वह था नेटवर्किंग का. आप अपने जान-पहचान के लोगों से नौकरी के लिए पहले बात करें. इस दौरान अपना एक्पीरियंस शेयर करते हुए कहा कि मेरे लिए यह बड़ी सीख इसलिए थी कि ये नौकरी खोजने के बारे में नहीं बल्कि लोगों से जुड़ने के बारे में है. 

स्किल सीखें 

यूजर ने पोस्ट में इस बात पर भी जोर दिया कि बेरोजगारी के दौरान ऑनलाइन, फ्रीलांस और छोटे प्रोजेक्ट्स करने शुरू किए. इस दौरान कहीं से पैसे मिलते थे, तो कहीं से नहीं. लेकिन इसे नजरअंदाज न करें. काम करते रहे भले पैसे न मिले. 

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एआई का इस्तेमाल 

यूजर के मुताबिक, पिछले छह महीनों में ChatGPT ने उन्हें CV तैयार करने से लेकर इंटरव्यू की तैयारी तक में काफी मदद की है. खासतौर पर नौकरी के लिए दिए गए जॉब डिस्क्रिप्शन (JD) को समझने में उन्हें इसका फायदा मिला. वह JD ChatGPT के साथ शेयर करते और उससे यह समझने की कोशिश करते कि कंपनी उम्मीदवार में किन स्किल्स और अनुभवों को तलाश रही है. इसके बाद वह उन्हीं जरूरतों के हिसाब से अपने CV को बेहतर तरीके से तैयार करते थे.

हालांकि, उनका कहना है कि AI से मिली जानकारी को सीधे CV में कॉपी-पेस्ट करना सही तरीका नहीं है. ChatGPT की मदद का इस्तेमाल यह समझने में किया जा सकता है कि JD में कौन से जरूरी कीवर्ड हैं, CV में किस जानकारी को ऊपर रखना चाहिए, कहां कमी रह गई है और अपने अनुभव को किस तरह बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता है. 

कम सैलरी वाला ऑफर मिले तो सोच-समझकर फैसला लें

कई महीनों तक नौकरी नहीं मिलने के बाद जब कोई ऑफर हाथ में आता है, तो उसे तुरंत स्वीकार करने का मन होना स्वाभाविक है. खासकर तब, जब घर की आर्थिक जिम्मेदारियां हों और लंबे समय से कोई नियमित आमदनी न हो. ऐसे में कम सैलरी वाली नौकरी भी बेरोजगार रहने से बेहतर विकल्प लग सकती है.

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लेकिन सिर्फ बेरोजगारी की वजह से अपनी पिछली सैलरी से बहुत कम पैकेज पर नौकरी स्वीकार करना हमेशा सही फैसला नहीं हो सकता. यूजर के मुताबिक, अगर आज आप पिछली नौकरी की तुलना में काफी कम सैलरी पर काम शुरू करते हैं, तो इसका असर आगे मिलने वाले जॉब ऑफर्स पर भी पड़ सकता है. 

नौकरी की तलाश भी है काम 

नौकरी ढूंढना बाहर से जितना आसान लगता है, असल में उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है. कभी एक दिन में कई जगह आवेदन चले जाते हैं, तो कभी पूरे दिन कोशिश करने के बाद भी एक आवेदन नहीं हो पाता. कई इंटरव्यू अच्छे जाते हैं लेकिन उसके बाद कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आता. वहीं, कुछ ऐसी नौकरियां भी हाथ से निकल जाती हैं, जिन्हें पाने की उम्मीद सबसे ज्यादा होती है.

ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि हर रिजेक्शन को अपनी काबिलियत से जोड़कर न देखा जाए. किसी कंपनी से जवाब न आना या नौकरी न मिलना आपकी पूरी क्षमता को तय नहीं करता. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सलाह दी गई है कि सबसे पहले उन कंपनियों और पदों के बारे में अच्छी तरह रिसर्च करें, जहां आवेदन करना है. इसके बाद उसी नौकरी की जरूरत के हिसाब से CV तैयार करें. आवेदन करने के साथ नेटवर्किंग पर ध्यान दें, इंटरव्यू की तैयारी करें और इंटरव्यू के बाद फॉलो-अप भी करें. 

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