किस सीक्रेट मिशन पर था अपाचे हेलिकॉप्टर... जिसके गिरते ही शुरू हुई जंग

ईरान के शाहेद ड्रोन ने अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमला किया. वॉरहेड फटने से पहले पायलट ने हेलिकॉप्टर समुद्र में उतारा. दोनों क्रू बच गए. यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों की सीक्रेट मिशन का हिस्सा था.

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ईरान ने शाहेद ड्रोन ने अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया था, जिससे फिर जंग शुूरू हुई. (Photo: ITG) ईरान ने शाहेद ड्रोन ने अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया था, जिससे फिर जंग शुूरू हुई. (Photo: ITG)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई जंग की पीछे की कहानी बड़ी हैरान करने वाली है. ईरान का शाहेद ड्रोन अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में घुसा. लेकिन किस्मत से ड्रोन का वॉरहेड फट नहीं पाया और सिर्फ जलकर रह गया. इससे पहले कि उसका वॉरहेड फटता, पायलट उसे लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पानी में उतार दिया. दोनों क्रू सदस्यों ने बचे हुए कैनोपी को हटाया और हेलिकॉप्टर डूबने से कुछ सेकंड पहले बाहर निकल आए. ये हेलिकॉप्टर होर्मुज से निकल रहे जहाजों को एस्कॉर्ट करने के सीक्रेट मिशन पर था. जिसकी जानकारी छिपाई जा रही थी. 

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यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि $50 मिलियन (लगभग 425 करोड़ रुपये) कीमत वाला यह अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर पानी में डूब गया, लेकिन क्रू बच गया. उसे गिराया 19 से 47 लाख रुपए के शाहेद ड्रोन ने. यानी ईरान ने अपने सस्ते ड्रोन से अमेरिका महंगे अटैक हेलिकॉप्टर को मार गिराया. 

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अपाचे हेलिकॉप्टर की ताकत

AH-64 Apache दुनिया का सबसे खतरनाक अटैक हेलिकॉप्टर माना जाता है. इसकी लंबाई 48.2 फीट, ऊंचाई 15.5 फीट है. इसका अधिकतम वजन 23,000 पाउंड है. यह 274 km/hr से ज्यादा की रफ्तार से उड़ सकता है. प्रति मिनट 2,800 फीट की ऊंचाई पर चढ़ सकता है. 

इसमें 16 Hellfire मिसाइलें, 76 रॉकेट और 30mm चेन गन होती है, जो प्रति मिनट 600-650 राउंड फायर कर सकती है. दो सदस्यों का क्रू (पायलट और को-पायलट/गनर) इसे संचालित करता है. लेकिन इस बार दुश्मन का ड्रोन इतना करीब आ गया कि हेलिकॉप्टर की ताकत काम नहीं आ सकी.

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राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह अपाचे पिछले एक महीने से चल रहे एक सीक्रेट ऑपरेशन का हिस्सा था. अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहा था. ईरान इस खाड़ी पर अपना नियंत्रण बताता है, लेकिन अमेरिका ने सैकड़ों जहाजों को ईरानी हमलों से बचाया. 

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इस गुप्त मिशन के जरिए 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल और 200 व्यावसायिक जहाज सुरक्षित गुजरे. ईरान के ड्रोन और मिसाइलों के खतरे के बावजूद यह मिशन सफल रहा. हेलिकॉप्टर गिराए जाने के एक दिन बाद ही इस मिशन की जानकारी सार्वजनिक की गई.

समुद्री ड्रोन ने बचाई जान

पानी में गिरे दोनों क्रू सदस्यों को अमेरिकी नौसेना के ऑटोनॉमस समुद्री ड्रोन Saronic Corsair ने बचाया. यह माना जा रहा है कि अनमैन्ड सरफेस वेसल द्वारा किए गए यह पहला ज्ञात बचाव अभियान है. Corsair ड्रोन ने उन्हें पानी से निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. दोनों पायलट सुरक्षित हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है. यहां से रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है. ईरान बार-बार धमकी देता रहा है कि वह इस रास्ते को बंद कर सकता है. ऐसे में अमेरिका का गुप्त मिशन ईरान को साफ संदेश देता है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सुरक्षित रखे जाएंगे. इस मिशन में अपाचे हेलिकॉप्टर टैंकरों की निगरानी और ईरानी ड्रोन-मिसाइलों से सुरक्षा के लिए तैनात थे. हेलिकॉप्टर गिरने के बावजूद मिशन जारी रहा और जहाज सुरक्षित निकले.

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ईरान-अमेरिका जंग का नया अध्याय

यह घटना ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शैडो वॉर को और उग्र बनाती है. ईरान के IRGC ने पहले ही अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराने का दावा किया था. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए. अब यह गुप्त मिशन सामने आने से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

यह घटना दिखाती है कि सस्ते ड्रोन (Shahed) भी महंगे और आधुनिक हेलिकॉप्टर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इस बार ड्रोन का वॉरहेड फटने में नाकाम रहा, जिससे क्रू बच गया. विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य के युद्ध में ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की भूमिका और बढ़ेगी.

अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह क्षेत्र में अपने हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. Task Force 59 के तहत समुद्री ड्रोन, एडवांस हेलिकॉप्टर और लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं. 

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