चलती ट्रेन से छूटी अग्नि-प्राइम मिसाइल, पहली बार भारत ने हासिल की ऐसी कामयाबी, 2000 KM की है रेंज

भारत ने अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया. डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर से रेल मोबाइल लॉन्चर से इसे दागा. यह 2000 किमी रेंज वाली नई पीढ़ी की मिसाइल है, जो सटीक निशाना लगाती है. तेजी से लॉन्च होती है. कैनिस्टर डिजाइन से मिसाइल मौसम से सुरक्षित रहती है.

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ओडिशा के चांदीपुर रेंज में रेल मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च होती अग्नि-प्राइम मिसाइल. (Videograb: DRDO) ओडिशा के चांदीपुर रेंज में रेल मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च होती अग्नि-प्राइम मिसाइल. (Videograb: DRDO)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:28 AM IST

भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह नई पीढ़ी की मिसाइल रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ी गई. परीक्षण पूरी तरह सफल रहा.

यह पहली बार है जब खास डिजाइन वाली रेल लॉन्चर से मिसाइल दागी गई. इससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास 'कैनिस्टराइज्ड' लॉन्च सिस्टम है, जो रेल नेटवर्क पर चलते हुए मिसाइल छोड़ सकता है. 

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अग्नि-प्राइम क्या है? नई पीढ़ी की सुपर मिसाइल

अग्नि-प्राइम अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल है. यह इंटरमीडिएट रेंज (मध्यम दूरी) वाली है, जो 2000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है. इसमें कई एडवांस्ड फीचर्स हैं...

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  • सटीक निशाना: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से दुश्मन के ठिकाने को सटीक मार सकती है.
  • तेज रिएक्शन: छोटे समय में लॉन्च हो सकती है, भले ही कम दिखाई दे.
  • मजबूत डिजाइन: कैनिस्टर (बंद बॉक्स) में रखी जाती है, जो इसे बारिश, धूल या गर्मी से बचाता है.

यह मिसाइल भारत की स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) के लिए बनी है. परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया.

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रेल लॉन्चर की खासियत: कहीं भी, कभी भी हमला

इस परीक्षण की सबसे बड़ी बात रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर है. यह खास डिजाइन वाला सिस्टम है, जो...

  • रेल नेटवर्क पर बिना किसी तैयारी के चल सकता है.
  • क्रॉस कंट्री मोबिलिटी देता है, यानी जंगल, पहाड़ या मैदान में आसानी से ले जाया जा सकता है.
  • कम समय में लॉन्च: रुकते ही मिसाइल दाग सकता है.
  • कम विजिबिलिटी में काम: धुंध या रात में भी सुरक्षित.

पहले मिसाइलें फिक्स्ड साइट्स से दागी जाती थीं, लेकिन यह लॉन्चर दुश्मन को चकमा दे सकता है. रेल पर चलते हुए लॉन्च करने की क्षमता से भारत की मिसाइल ताकत कई गुना बढ़ गई.

परीक्षण की सफलता: भारत का गौरव

डीआरडीओ, एसएफसी और भारतीय सेनाओं ने मिलकर यह परीक्षण किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने कहा कि अग्नि-प्राइम के सफल टेस्ट से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास रेल नेटवर्क पर चलते हुए कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम है. यह परीक्षण भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' योजना का हिस्सा है. अग्नि सीरीज की यह छठी मिसाइल है, जो पहले से ही सेना में तैनात हैं.

क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षण?

  • रणनीतिक ताकत: दुश्मन को कहीं भी, कभी भी जवाब देने की क्षमता.
  • सुरक्षा बढ़ेगी: सीमाओं पर तेज रिएक्शन, घुसपैठ रोकेगी.
  • वैश्विक स्तर: अमेरिका, रूस जैसे देशों के साथ भारत की बराबरी.
  • भविष्य: अग्नि-प्राइम को जल्द सेना में शामिल किया जाएगा.
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