30 केस और 5 हत्याकांड... इथियोपिया से लाए गए गैंगस्टर गुरविंदर सिंह आफरीदी की क्राइम कुंडली

पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन शहीद के तहत जिस गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी को इथियोपिया से भारत डिपोर्ट कराया है, उसके खिलाफ 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि वो पांच चर्चित हत्याओं में वांटेड था. पढ़ें गुरविंदर की क्राइम कुंडली.

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पंजाब पुलिस की AGTF ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर ये गिरफ्तारी की (फोटो-ITG) पंजाब पुलिस की AGTF ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर ये गिरफ्तारी की (फोटो-ITG)

हिमांशु मिश्रा / अरविंद ओझा

  • चंडीगढ़/नई दिल्ली,
  • 08 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

पंजाब पुलिस ने विदेश में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी को भारत लाने में सफलता हासिल की है. पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब पुलिस की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (OFTEC) के साथ मिलकर उसे अफ्रीकी देश इथियोपिया से डिपोर्ट कराया है. करीब 10 महीने तक चले अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के बाद आरोपी को भारत लाया गया. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर पंजाब पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया. अब उसे आगे की पूछताछ और जांच के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है.

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पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर चलाए जा रहे 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान के तहत यह सफलता मिली है. पुलिस के मुताबिक, यह पहली बार है जब पंजाब पुलिस ने किसी अफ्रीकी देश से अपने किसी वांछित अपराधी को डिपोर्ट करवाकर भारत लाने में सफलता हासिल की है. इस कार्रवाई को विदेश में छिपकर भारत में आपराधिक गतिविधियां चलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों की तलाश और उनके प्रत्यर्पण के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय की अहमियत भी सामने आई है.

10 महीने तक चला ऑपरेशन शहीद

गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी को भारत लाने के लिए पंजाब पुलिस ने 'ऑपरेशन शहीद' चलाया था. यह अभियान करीब 10 महीने तक चला. इस दौरान AGTF, केंद्रीय एजेंसियों और OFTEC ने मिलकर आरोपी की लोकेशन का पता लगाने के लिए लगातार खुफिया जानकारी जुटाई. आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था. ऐसे में उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बनाने की चुनौती थी.

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इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी AGTF के स्पेशल डीजीपी प्रमोद बान कर रहे थे. वहीं, काउंटर इंटेलिजेंस विंग के OFTEC के आईजी आशीष चौधरी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. पुलिस के मुताबिक, पूरी कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर आगे बढ़ाई गई. अलग-अलग देशों में आरोपी की मौजूदगी से जुड़े इनपुट जुटाए गए और संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किए गए. लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार इथियोपिया में उसे हिरासत में लेने का रास्ता साफ हुआ.

फर्जी पासपोर्ट बनवाकर UAE भागा था आफरीदी

पंजाब पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी 31 मार्च 2025 को मुंबई एयरपोर्ट से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भाग गया था. विदेश जाने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर तैयार करवाए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था. यह पासपोर्ट उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले एक व्यक्ति की पहचान के आधार पर बनवाया गया था. पुलिस के अनुसार, यह पासपोर्ट 12 फरवरी 2025 को लखनऊ से जारी किया गया था.

UAE पहुंचने के बाद भी आफरीदी एक जगह नहीं रुका. वह लगातार अपनी लोकेशन और ठिकाने बदलता रहा, ताकि भारतीय पुलिस और जांच एजेंसियों की पकड़ से बच सके. विदेश में रहते हुए उसने कई देशों में जाने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और अलग-अलग एजेंसियों के साथ सूचनाएं साझा की जा रही थीं. इसी दौरान उसके विदेश भागने और ठिकाने बदलने का पूरा घटनाक्रम सामने आया.

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UAE से मैक्सिको भागने की कोशिश

पंजाब पुलिस के मुताबिक, UAE में छिपने के दौरान आफरीदी ने इस्तांबुल के रास्ते मैक्सिको भागने की कोशिश की थी. हालांकि, उसकी यह कोशिश नाकाम रही और उसे वापस UAE डिपोर्ट कर दिया गया. इसके बाद उसने फिर अपना ठिकाना बदलना शुरू कर दिया. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह एक देश से दूसरे देश जाता रहा. पुलिस ने उसकी इस अंतरराष्ट्रीय गतिविधि को ट्रैक करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखे.

आफरीदी के विदेश में ठिकाने बदलने का घटनाक्रम इस तरह रहा:

- 31 मार्च 2025: मुंबई एयरपोर्ट से फर्जी पासपोर्ट के आधार पर UAE पहुंचा.
- अप्रैल 2026: UAE से केन्या चला गया.
- जून 2026: केन्या से अंगोला पहुंचा.
- नवंबर 2026: अंगोला से इथियोपिया पहुंचा.

इस तरह आरोपी ने करीब डेढ़ साल के दौरान कई देशों में अपने ठिकाने बदले. पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार उसके बारे में खुफिया जानकारी जुटाती रहीं. आखिरकार 6 नवंबर 2026 को इथियोपिया में उसे हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया और दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया.

रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल के 7 रेफरेंस

गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी की गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई कदम उठाए थे. पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था. इसके अलावा उसके फर्जी पासपोर्ट और विदेश में मौजूदगी से जुड़ी जानकारियां समय-समय पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की गईं. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में इंटरपोल के सात अलग-अलग रेफरेंस भी जारी किए गए थे. इन प्रयासों का मकसद आरोपी की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर नजर रखना और उसे पकड़ने के लिए संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय करना था.

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लगातार खुफिया सूचनाएं जुटाने और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में रहने के बाद 6 नवंबर 2026 को इथियोपिया में आफरीदी को हिरासत में लेने में कामयाबी मिली. इसके बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर पंजाब पुलिस की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया. अब उससे पंजाब में दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर पूछताछ की जाएगी. पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेश में मौजूद संपर्कों और कथित गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जुटा सकती है.

गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित

पंजाब पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी के खिलाफ भारत में 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या के पांच मामले, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट से जुड़े केस शामिल हैं. पुलिस उसे पंजाब में हुए कई सनसनीखेज हत्याकांडों में वांछित बता रही है. इनमें राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों की हत्याओं के मामले भी शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में आफरीदी की भूमिका की जांच की जा रही है. उसके खिलाफ दर्ज केसों की संख्या और गंभीरता को देखते हुए उससे पूछताछ को अहम माना जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि वह किन लोगों के संपर्क में था और विदेश में रहकर अपने कथित आपराधिक नेटवर्क को कैसे संचालित कर रहा था. इसके अलावा हथियारों की सप्लाई और जबरन वसूली से जुड़े मामलों में भी उससे जानकारी जुटाई जा सकती है.

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पांच चर्चित हत्याओं में आरोपी

पंजाब पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी पांच चर्चित हत्याकांडों में वांछित है. इन घटनाओं में आम आदमी पार्टी के सरपंच से लेकर 12 साल के बच्चे और कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष की हत्या तक के मामले शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, इन सभी मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी. इन हत्याकांडों का घटनाक्रम इस प्रकार है:

1. AAP सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी की हत्या

अक्टूबर 2024 में आम आदमी पार्टी के सरपंच राजविंदर सिंह उर्फ राज तलवंडी की हत्या हुई थी. पंजाब पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी वांछित है. इस मामले में उसकी तलाश की जा रही थी. पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के बाद इस केस से जुड़े तथ्यों और कथित भूमिका की जांच आगे बढ़ा सकती है.

2. 12 साल के बच्चे गुरसेवक सिंह की हत्या

मार्च 2025 में 12 साल के बच्चे गुरसेवक सिंह की हत्या हुई थी. इस मामले में भी पंजाब पुलिस को गुरविंदर आफरीदी की तलाश थी. पुलिस ने उसे इस हत्याकांड में वांछित आरोपियों में शामिल बताया है. अब भारत लाए जाने के बाद इस मामले को लेकर भी उससे पूछताछ की जा सकती है.

3. विक्की चुघ की हत्या

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मार्च 2025 में विक्की चुघ की हत्या का मामला सामने आया था. पंजाब पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में भी गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी का नाम सामने आया है. इस मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच की जानी है. पुलिस अब उससे पूछताछ कर केस से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा सकती है.

4. जसवंत सिंह की हत्या

मई 2025 में जसवंत सिंह की हत्या हुई थी. पंजाब पुलिस इस मामले में भी आफरीदी को वांछित बता रही है. पुलिस के मुताबिक, इस केस में उसकी तलाश की जा रही थी. अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां इस हत्याकांड से जुड़े पहलुओं पर उससे पूछताछ कर सकती हैं.

5. कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुरमेल सिंह की हत्या

सितंबर 2025 में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष गुरमेल सिंह की हत्या हुई थी. पंजाब पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में भी गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी आरोपी है. इस मामले में उसकी तलाश जारी थी. इथियोपिया से भारत लाए जाने के बाद अब पुलिस उससे इस केस को लेकर भी पूछताछ करेगी.

पंजाब पुलिस का बड़ा संदेश

गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी को इथियोपिया से भारत लाना पंजाब पुलिस के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी है. करीब 10 महीने तक चले ऑपरेशन शहीद के जरिए पुलिस ने यह दिखाने की कोशिश की है कि भारत में गंभीर अपराध करने के बाद विदेश में छिपना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं है. पंजाब पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में AGTF, केंद्रीय एजेंसियों और OFTEC के बीच बेहतर तालमेल की अहम भूमिका रही. खास बात यह है कि किसी अफ्रीकी देश से वांछित अपराधी को डिपोर्ट कराने में पंजाब पुलिस को पहली बार सफलता मिली है.

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अब पुलिस की पूछताछ में आफरीदी के कथित आपराधिक नेटवर्क और उसके विदेश में मौजूद संपर्कों को लेकर अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं. जांच एजेंसियां उससे पांच हत्याकांडों, हथियारों की सप्लाई, जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामलों के संबंध में पूछताछ कर सकती हैं. इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि विदेश में रहते हुए वह किन लोगों के संपर्क में था और उसके नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. पंजाब पुलिस के लिए यह कार्रवाई विदेश में छिपे दूसरे वांछित गैंगस्टरों तक पहुंचने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है.

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