गुजरात के तापी जिले के वालोड क्षेत्र स्थित एक आश्रम शाला में कक्षा-9 की छात्रा पर उसकी ही सहपाठी द्वारा चाकू से किए गए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. 13 वर्षीय छात्रा को गंभीर हालत में पहले व्यारा के सरकारी अस्पताल और बाद में सूरत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी जटिल सर्जरी की गई. पुलिस ने आरोपी नाबालिग छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
स्कूल की तीसरी मंजिल पर हुई घटना
जानकारी के अनुसार, घटना स्कूल की तीसरी मंजिल पर हुई. आरोप है कि हमलावर छात्रा ने पीड़िता को यह कहकर अपने साथ बुलाया कि उसकी शर्ट में कुछ फंस गया है. जैसे ही पीड़िता वहां पहुंची, आरोपी ने उसका गला पकड़ लिया, उसे जमीन पर गिराया और अपने पास छिपाकर रखा चाकू निकालकर उसके हाथ पर कई वार कर दिए. अचानक हुए हमले से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई.
20 टांके लगाने पड़े हैं
डॉक्टरों के मुताबिक, चाकू का वार इतना गहरा था कि पीड़िता के हाथ की दोनों मुख्य धमनियां, रेडियल और अलनर आर्टरी कट गईं. इसके अलावा हाथ की नसें और टेंडन भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे भारी रक्तस्राव शुरू हो गया. सूरत के अस्पताल में कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. स्नेहल दीक्षित और उनकी टीम ने कई घंटों तक ऑपरेशन कर कटी हुई धमनियों, नसों और टेंडन को जोड़ा. बच्ची के हाथ में करीब 20 टांके लगाने पड़े हैं. डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल रक्त संचार सामान्य है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा.
पीड़िता के पिता ने बताया कि स्कूल से फोन आने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बेटी घायल हो गई है. बाद में बच्ची ने बताया कि सहपाठी उसे बहाने से बाथरूम के पास ले गई, गला दबाने की कोशिश की और फिर चाकू से हमला कर दिया. पिता ने कहा कि समय पर इलाज मिलने से उनकी बेटी की जान बच गई.
तापी के डीवाईएसपी प्रमोद नरवड़े ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों छात्राओं के बीच दोस्ती को लेकर विवाद था. इसी बात से नाराज होकर आरोपी छात्रा ने पीड़िता को बाथरूम में बुलाकर हमला किया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि छात्रा के पास चाकू कहां से आया. यह घटना स्कूलों में बच्चों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
संजय सिंह राठौर