₹157 करोड़ के म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा, ED ने ‘चैलेंजर किंग’ के खिलाफ दाखिल की सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट

ED ने ‘चैलेंजर किंग’ मेहमूद भगाड़ के खिलाफ ₹157 करोड़ के म्यूल अकाउंट नेटवर्क मामले में तीसरी सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल की है. मामला साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग-बेटिंग और USDT लेनदेन से जुड़ा है. जानें क्या है ये पूरा मामला.

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इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (सांकेतिक फोटो-ITG) इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (सांकेतिक फोटो-ITG)

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 06 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:36 PM IST

मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED के मुंबई जोनल ऑफिस ने 1 अक्टूबर 2026 को ‘चैलेंजर किंग’ के नाम से पहचाने जाने वाले मेहमूद अब्दुल समद भगाड़ के खिलाफ तीसरी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की. यह शिकायत PMLA, 2002 के तहत मुंबई की स्पेशल कोर्ट (PMLA) के सामने पेश की गई है. मामला साइबर फ्रॉड और अवैध ऑनलाइन गेमिंग-बेटिंग से जुड़े पैसों को घुमाने के लिए कथित तौर पर म्यूल बैंक अकाउंट इस्तेमाल किए जाने से जुड़ा है.

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ED के मुताबिक, इस मामले की जांच मालेगांव छावनी पुलिस स्टेशन, नासिक में दर्ज FIR से शुरू हुई थी. बाद में महाराष्ट्र ATS ने इस मामले को री-रजिस्टर किया. जांच एजेंसियों के सामने तब मामला आया, जब नासिक मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक (NAMCO Bank), मालेगांव में हाल ही में खोले गए बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा होने का पता चला. ED की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के लिए किया गया.

जांच के दौरान ED ने दावा किया कि मेहमूद भगाड़ के निर्देश पर दूसरे आरोपियों ने शेल कंपनियां बनाई और उनके नाम पर बैंक खाते खोले. इन खातों में कुल मिलाकर 157 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम पहुंची. इसके बाद इस पैसे को मेहमूद भगाड़ के नियंत्रण वाली अन्य शेल कंपनियों के बैंक खातों के जरिए अलग-अलग स्तर पर ट्रांसफर किया गया. ED के अनुसार, आरोपियों ने सैकड़ों करोड़ रुपये बैंक खातों से निकालकर हवाला चैनलों के जरिए दूसरी जगहों पर भेजे.

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ED की जांच में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के तरीके का भी पता चलने की बात कही गई है. एजेंसी के मुताबिक, मेहमूद भगाड़ और उसके सहयोगी USDT यानी एक क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग के जरिए पैसों का लेनदेन करते थे. आरोप है कि साइबर फ्रॉड और अवैध ऑनलाइन गेमिंग-बेटिंग से जुड़े लोग भगाड़ के कंट्रोल वाले म्यूल अकाउंट में भारतीय रुपये जमा करते थे. इसके बदले USDT उपलब्ध कराया जाता था. ED का कहना है कि इसी तरीके से कथित तौर पर अवैध कमाई को अलग-अलग वित्तीय लेनदेन के जरिए आगे बढ़ाया गया.

इस मामले में ED पहले भी सूरत, मालेगांव, अहमदाबाद और मुंबई में कई ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है. इन तलाशी अभियानों के दौरान एजेंसी को कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे. ED के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 15 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई और अलग-अलग बैंक खातों में मौजूद करीब 34 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए. इसके अलावा एजेंसी ने 95 लाख रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को भी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए अटैच किया है.

ED के मुताबिक, इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसी पहले एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट और इसके बाद दो सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है, जिनका स्पेशल कोर्ट (PMLA), मुंबई ने संज्ञान लिया है. अब 1 अक्टूबर को मेहमूद भगाड़ के खिलाफ तीसरी सप्लीमेंट्री शिकायत दाखिल की गई है. ED ने कहा है कि अवैध नेटवर्क को ट्रेस करने और उसे खत्म करने की कार्रवाई जारी है.

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