दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में दिनदहाड़े हुई सफाईकर्मी अनिल की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, 52 साल का आरोपी निहाल अपनी पत्नी की कूड़ा उठाने वाले ट्रक के ड्राइवर गुलशन से बातचीत को लेकर नाराज था. इसी शक और गुस्से में वह गुलशन की हत्या करने के इरादे से चाकू लेकर निकला था, लेकिन गुलशन के नहीं मिलने पर नशे की हालत में उसने अनिल पर हमला कर दिया. चाकू के हमले में अनिल की मौत हो गई.
पुलिस ने इस मामले में आरोपी निहाल को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि निहाल खुद भी प्राइवेट सफाई कर्मचारी है. हत्या की पूरी वारदात दिनदहाड़े हुई और CCTV कैमरे में कैद हो गई थी.
पत्नी से गुलशन की बातचीत को लेकर था शक
पुलिस की जांच में सामने आया कि निहाल की पत्नी कूड़ा उठाने वाले ट्रक के ड्राइवर गुलशन से बातचीत करती थी. गुलशन के साथ एमसीडी का सफाई कर्मचारी अनिल भी रहता था. निहाल ने कई बार अनिल से कहा था कि वह गुलशन को समझाए और उसकी पत्नी से बातचीत बंद करवाए. पत्नी और गुलशन की बातचीत को लेकर निहाल के मन में शक और नाराजगी बढ़ती जा रही थी.
पूरी रात शराब पी, पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले शनिवार रात निहाल ने काफी शराब पी. इसी दौरान उसने अपनी पत्नी का मोबाइल भी तोड़ दिया. रातभर चले विवाद और गुस्से के बाद उसने गुलशन को सबक सिखाने का फैसला किया. अगली सुबह वह चाकू लेकर गुलशन को तलाशने निकला.
गुलशन नहीं मिला तो अनिल पर किया हमला
पुलिस के मुताबिक, निहाल जब गुलशन को मारने पहुंचा तो वह वहां नहीं मिला. इसी दौरान उसका सामना अनिल से हो गया. नशे में धुत निहाल ने अनिल पर चाकू से हमला कर दिया. चाकू के कई वार से अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई. दिनदहाड़े हुई हत्या की यह वारदात इलाके में लगे CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई.
परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
अनिल की हत्या के बाद उसके परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. परिवार की मांगें हैं कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा. परिवार का कहना है कि अनिल की हत्या से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. इसलिए सरकार को परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देनी चाहिए.
विधायक कुलदीप कुमार भी पहुंचे
मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कोंडली विधायक कुलदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अनिल के परिवार से सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं पहुंचा है और मुआवजे की घोषणा भी नहीं की गई है.
कुलदीप कुमार ने कहा कि पिछली सरकार के समय सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया था. उन्होंने सरकार से अनिल के परिवार को भी इसी तरह की सहायता देने की मांग की.
विधायक ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और तत्काल कार्रवाई की मांग की. हालांकि, पुलिस की ओर से मामले में आरोपी निहाल की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है.
अब मुआवजे और नौकरी की मांग पर प्रदर्शन
अनिल के परिवार और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए. इन मांगों को लेकर इलाके में विरोध प्रदर्शन भी हुआ.
फिलहाल पुलिस हत्या की वजह, घटनाक्रम और आरोपी के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है. CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.
कल्याणपुरी की इस वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी किसी और को निशाना बनाने के इरादे से चाकू लेकर निकला था, लेकिन गुलशन के नहीं मिलने पर अनिल उसकी हिंसा का शिकार बन गया.
अरविंद ओझा / अमरजीत सिंह