दिल्ली के आस्था कुंज गैंगरेप केस में पुलिस जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है. मामले में नाबालिग पीड़िता ने तिहाड़ जेल में हुई शिनाख्त परेड यानी Identification Parade (TIP) के दौरान तीनों आरोपियों की पहचान की है. पीड़िता ने आरोपी हेमंत, मुकेश और आसिफ को पहचान लिया. तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं.
जानकारी के मुताबिक, तिहाड़ जेल में आयोजित शिनाख्त परेड के दौरान पीड़िता के साथ उसके दोस्त ने भी तीनों आरोपियों की पहचान की. यानी TIP में पीड़िता और उसके दोस्त, दोनों ने ही हेमंत, मुकेश और आसिफ को पहचान लिया. पुलिस की जांच में यह प्रक्रिया मामले से जुड़े अहम साक्ष्यों में से एक मानी जा रही है.
इस मामले में पीड़िता के दोस्त की भूमिका भी सामने आई है. बताया गया है कि घटना के बाद उसी दोस्त ने पुलिस कंट्रोल रूम यानी PCR को कॉल की थी. इसी PCR कॉल के बाद पुलिस को घटना की जानकारी मिली और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू हुई.
फिलहाल, तीनों आरोपी हेमंत, मुकेश और आसिफ न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं. पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और सबूतों की भी जांच कर रही है. शिनाख्त परेड में पीड़िता और उसके दोस्त द्वारा आरोपियों की पहचान किए जाने के बाद अब जांच की दिशा में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
बता दें कि दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर 2026 को 17 वर्षीय नाबालिग के साथ तीन आरोपियों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें से एक आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था.
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता फरीदाबाद की रहने वाली है और सोमवार शाम अपने 17 साल के दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर दर्शन करने आई थी. करीब सात बजे दोनों मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना के बाद करीब साढ़े सात बजे आस्था कुंज पार्क चले गए.
दोनों पार्क में बातचीत कर रहे थे, तभी 25 से 30 साल की उम्र के तीन युवक वहां पहुंचे. आरोप है कि तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और नाबालिगों को धमकाते हुए कहा कि वे माइनर हैं और इस तरह पार्क में बैठने पर उनके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है.
शिकायत के मुताबिक, कथित आरोपियों ने पुलिसकर्मी होने का डर दिखाकर दोनों नाबालिगों को अलग कर दिया था. एक आरोपी ने लड़की के दोस्त को पकड़ लिया, जबकि लड़की के साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की गई. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वारदात में तीन लोग शामिल थे.
आरोप है कि घटना के बाद आरोपी दोनों नाबालिगों को धमकी देकर वहां से फरार हो गए थे. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और उसकी शिकायत के आधार पर रेप और POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है.
अरविंद ओझा