दिल्ली में लग्जरी ब्रांड्स की आड़ में नकली सामान बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के शालीमार बाग में पुलिस ने नकली लग्जरी सामान बनाने और बेचने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. मोहित सचदेवा नाम का आरोपी खुद को ब्रांड्स का अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर बताकर ग्राहकों को झांसे में ले रहा था. पुलिस ने दुकान से कपड़े, जूते, घड़ियां और नकली टैग समेत बड़ा जखीरा बरामद किया है.

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दिल्ली के शालीमार बाग में लग्जरी ब्रांड्स के नकली सामान बरामद हुए हैं. (Photo: Representational) दिल्ली के शालीमार बाग में लग्जरी ब्रांड्स के नकली सामान बरामद हुए हैं. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

दिल्ली पुलिस ने शालीमार बाग में नकली लग्जरी सामान के रैकेट का पर्दाफाश किया है. यहां से मोहित सचदेवा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो नकली सामान बनाने और बेचने का काम करता था. शनिवार देर शाम उसकी दुकान पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नकली ब्रांडेड सामान बरामद किया. इसमें बड़ी संख्या में जूते, घड़ियां और कपड़े शामिल थे.

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहित सचदेवा की दुकान से 13 टी-शर्ट, 12 जोड़ी धूप के चश्मे, 14 शर्ट, 3 जोड़ी जींस, 2 कलाई घड़ियां, 5 जोड़ी जूते, 4 जोड़ी मोजे, 3 टोपियां, 3 जोड़ी पैंट और एक बेल्ट बरामद किया गया है. यही नहीं, दुकान से कई खाली डिब्बे और नकली ब्रांड टैग भी मिले, जिनका इस्तेमाल ग्राहकों को असली प्रोडक्ट का झांसा देने के लिए किया जा रहा था.

आरोपी मोहित सचदेवा खुद को लग्जरी ब्रांड्स का अधिकृत विक्रेता बताता था. वह असली कंपनियों के लोगो और लेबल का इस्तेमाल करके नकली कपड़े, जूते और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स बाजार में बेच रहा था. पुलिस ने बताया कि सचदेवा ग्राहकों को गुमराह कर लाखों का मुनाफा कमा रहा था. यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली निवासी नृपेंद्र कश्यप ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

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उन्होंने आरोप लगाया था कि बाजार में बड़े पैमाने पर नकली लेबल वाले लग्जरी सामान की बिक्री की जा रही है. पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और गुप्त सूचना इकट्ठी करने के बाद छापेमारी की. जांच में यह खुलासा हुआ कि मोहित ने नकली सामान बनाने के लिए एक अवैध फैक्ट्री बना रखी थी. उसने स्वीकार किया कि नकली लेबल और पैकेजिंग तैयार कराकर वो इन प्रोडक्ट्स को बाजार में उतारता था.

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. एक अधिकारी ने कहा कि इस रैकेट की वजह से कंपनियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान हो रहा था. अब जांच टीम नकली लेबल, कच्चे माल की सप्लाई चेन और इस नेटवर्क में शामिल बाकी लोगों का पता लगाने में जुटी है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इन सामानों को ऑनलाइन भी बेचा जा रहा था.

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