के अजनाला तहसील के जट्टन गांव में एक घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. इस मामले में गैंगस्टर से आतंकवादी बने हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया की मां हरपिंदर कौर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें दो दिन की रिमांड पर लिया था. मंगलवार को उनकी पुलिस रिमांड की अवधि खत्म हो रही है, ऐसे में जांच में आगे की कार्रवाई पर नजर है.
अमृतसर रूरल के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. पुलिस के मुताबिक हैप्पी पासिया की बहन किरणदीप कौर अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है. जांच एजेंसियां हमले से जुड़े हर संभावित पहलू को खंगाल रही हैं. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमले के बाद संदिग्ध आरोपी हिमाचल प्रदेश की तरफ भाग सकते हैं. इसी एंगल पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है. मामले की पड़ताल के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जिसमें CIA के जवान भी शामिल हैं. पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. इसके अलावा मोबाइल टावर लोकेशन की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश हो रही है.
जांच में सामने आया है कि हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध रामदास की तरफ से हिमाचल प्रदेश की ओर निकल गए होंगे. पुलिस उनके रूट को ट्रेस करने में जुटी है. इसके लिए CCTV फुटेज के साथ मोबाइल फोन की लोकेशन और दूसरे तकनीकी सबूतों को भी जांचा जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इन सुरागों से हमले में शामिल लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.
दरअसल, 21 अगस्त को जट्टन गांव में दो नकाबपोश लोग बाइक से पहुंचे थे. आरोप है कि दोनों ने एक घर को निशाना बनाकर दो हैंड ग्रेनेड फेंके. धमाकों से घर को काफी नुकसान पहुंचा और वहां मौजूद तीन लोग घायल हो गए. घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. हमले के बाद से ही पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है.
शुरुआत में इस हमले को गांव के सरपंच चुनाव से जुड़े पारिवारिक विवाद के नजरिए से देखा जा रहा था. बताया गया कि मामला हैप्पी पासिया के परिवार से जुड़े विवाद से भी संबंधित हो सकता है. हालांकि अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. व्यक्तिगत रंजिश के साथ-साथ गैंगस्टर से जुड़ी दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर वहां से जरूरी सबूत जुटाए हैं. टीम यह पता लगाने में लगी है कि हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक किस तरह के थे और उन्हें किस तरीके से इस्तेमाल किया गया. इसके साथ ही प्रभावित परिवार के सदस्यों और गांव के स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई है. पुलिस इन बयानों और तकनीकी सबूतों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है.
इधर, गैंगस्टर से आतंकवादी बने हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को लेकर भी इस मामले में पुलिस की नजर बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वह फिलहाल अमेरिका की हिरासत में है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जट्टन गांव में हुए हमले का उससे जुड़े नेटवर्क या किसी अन्य गैंगस्टर गतिविधि से कोई संबंध है या नहीं. जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की असली वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका साफ हो सकेगी.
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