देश के कुल कोरोना केसों में 40% से ज्यादा सिर्फ मुंबई, दिल्ली और चेन्नई से

भारत में महामारी का प्रकोप अब तक बड़े शहरों में अधिक केंद्रित रहा है. उनमें भी मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे तीन बड़े शहर सबसे कठिन स्थिति में हैं. जबकि मुंबई में इन बाकी दो शहरों के आंकड़ों को मिलाकर भी अधिक केस और अधिक मौतें दर्ज हुई हैं.

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लगातार बढ़ रही है कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है कोरोना मरीजों की संख्या

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2020,
  • अपडेटेड 8:29 PM IST

भारत के तीन सर्वाधिक प्रभावित शहर (मुंबई, दिल्ली और चेन्नई) मिलकर भारत के हर दिन नए केसों के बढ़ते हिस्से के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं. 1 जून को देश के सभी केसों में से 44% इन्हीं तीन शहरों से थे. लेकिन इनमें से किसकी स्थिति में सुधार हो रहा है और कौन दिक्कत में हैं.

इस रिपोर्ट के लिए डेटा "covid19india.org", मुंबई और चेन्नई के नगर निगम ट्विटर हैंडल्स के अलावा न्यूयॉर्क सिटी, रूस और ब्राजील की आधिकारिक कोरोना वायरस वेबसाइट्स से लिया गया है.

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भारत में महामारी का प्रकोप अब तक बड़े शहरों में अधिक केंद्रित रहा है. उनमें भी मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे तीन बड़े शहर सबसे कठिन स्थिति में हैं. जबकि मुंबई में इन बाकी दो शहरों के आंकड़ों को मिलाकर भी अधिक केस और अधिक मौतें दर्ज हुई हैं. चेन्नई में इसकी आबादी के अनुपात में केसों का बोझ दिल्ली की तुलना में अधिक है.

बीते दो हफ्तों से तीन सर्वाधिक प्रभावित शहरों ने हर दिन खोजे जाने वाले नए केसों की संख्या को लेकर एक बिन्दु की ओर जाना शुरू कर दिया है. चेन्नई के नए केसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. चेन्नई ने ऐसे संकेत देना शुरू किया है कि वो इस मामले में दिल्ली को भी पीछे छोड़ देगा जबकि दिल्ली की आबादी चेन्नई से दोगुनी है.

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अप्रैल के आखिरी हफ्ते तक, मुंबई में केस सबसे तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन पहले चेन्नई और अब दिल्ली, दोनों की मुंबई से अधिक तेज हर दिन की बढ़ोतरी दर है. मुंबई अपने केसों के बोझ की तुलना में बहुत कम टेस्टिंग कर रहा है. एक पॉजिटिव केस के ऊपर सिर्फ तीन टेस्ट. दिल्ली को भी अपनी केसों की खोज की दर को देखते हुए टेस्टिंग को बढ़ाना चाहिए. चेन्नई का दैनिक टेस्टिंग का डेटा उपलब्ध नहीं है..

जहां तक दैनिक नए केसों का सवाल है तो भारत के तीन सर्वाधिक प्रभावित शहर (मुंबई, दिल्ली और चेन्नई) अब दुनिया के तीन सर्वाधिक प्रभावित शहरों (न्यूयॉर्क सिटी, साओ पाउलो और मॉस्को) जैसी स्थिति की ओर इंच दर इंच बढ़ रहे हैं.

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