Stock Market Alert: अचानक बाजार में तेजी के पीछे क्या कारण? एक खबर और पलट गया खेल

Stock Market News: इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब 31 अरब डॉलर (लगभग ₹2.94 लाख करोड़) की भारी-भरकम बिकवाली की है. जिससे बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 

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लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में राहत देने की तैयारी. (Photo: Getty) लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में राहत देने की तैयारी. (Photo: Getty)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन शानदार रहा. नवंबर महीने के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,233 अंक चढ़कर 75,692.78 पर बंद हुआ. इस तेजी के पीछ ग्लोबल सेटीमेंट में सुधार और घरेलू कंपनियों के बेहतर नतीजे बताए जा रहे हैं. लेकिन इसके अलावा एक और बड़ा कारण है, जिससे बाजार का मूड अचानक बदल गया. 

दरअसल, खबर है कि बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सरकार को एक अहम प्रस्ताव दिया है. रिपोर्ट के अनुसार सेबी ने विदेशी निवेशकों पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पूरी तरह से हटाने की सिफारिश की है. यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब आगामी केंद्रीय बजट की तैयारियां चल रही हैं, जिसे फरवरी में पेश किया जाना है. हालांकि, सेबी का ये केवल सुझाव है, इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है. 

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विदेशी निवेशकों की निकासी और बाजार का दबाव
बता दें, हाल के महीनों में भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड स्तर पर पैसा निकाला है. आंकड़ों के मुताबिक इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब 31 अरब डॉलर (लगभग ₹2.94 लाख करोड़) की भारी-भरकम बिकवाली की है. जिससे बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 

लगातार हो रही इस बिकवाली के चलते भारतीय रुपये और शेयर बाजार पर काफी दबाव देखा गया है. पिछले दो सालों में सेबी ने विदेशी निवेशकों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं, जिसमें निवेशकों ने एक ही बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि भारत के मौजूदा टैक्स ढांचे को सरल और उदार बनाया जाए. 

घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी राहत का प्रस्ताव

रिपोर्ट की मानें तो विदेशी निवेशकों के अलावा सेबी ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स राहत का सुझाव दिया है. नियामक ने प्रस्ताव दिया है कि अगर कोई निवेशक अपने पुराने म्यूचुअल फंड निवेश को बेचकर उस रकम को किसी नई स्कीम में दोबारा निवेश करता है, तो उसे LTCG टैक्स से छूट दी जानी चाहिए.

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फिलहाल टैक्स नियम क्या है?
मौजूदा नियमों के तहत 1 साल से अधिक समय तक रखे गए शेयरों पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) 12.5% की दर से लगता है. वहीं शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STG) टैक्स 20% है. इसके अलावा, ट्रेड पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) और डिविडेंड पर विदहोल्डिंग टैक्स भी चुकाना पड़ता है.

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार सेबी के इस प्रस्ताव को मान लेती है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) के चेयरमैन और सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ऐसा होता है, तो इसे बाजार के लिए एक बेहद सकारात्मक विकास के तौर पर देखा जाएगा. हालांकि, हमें बजट में होने वाली अंतिम घोषणा का इंतजार करना होगा, क्योंकि बजट आने में अभी कुछ महीने बाकी हैं. 

वहीं वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का भी मानना है कि कैपिटल गेन्स टैक्स में किसी भी तरह की कटौती से भारत का शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनेगा और देश में विदेशी फंड का प्रवाह फिर तेजी से बढ़ेगा. 

(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)

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