अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में रिटायरमेंट के लिए निवेश कर रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि रिटायरमेंट पर पूरा पैसा एकमुश्त नहीं मिलता. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के सामान्य रिटायरमेंट में NPS के अधिकतम 60% पैसे एकमुश्त निकाले जा सकते हैं, जबकि कम से कम 40% रकम से एन्युटी खरीदनी होती है. इसी एन्युटी से रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन मिलती है.
मान लीजिए रिटायरमेंट के समय NPS में ₹50 लाख हैं. इसका 60% यानी ₹30 लाख एकमुश्त मिल सकता है. बाकी ₹20 लाख एन्युटी में जाएंगे. सिर्फ उदाहरण के लिए अगर एन्युटी रेट 7% सालाना मानें, तो ₹20 लाख पर सालाना करीब ₹1.40 लाख यानी हर महीने लगभग ₹11,667 पेंशन बन सकती है.
₹1 करोड़ पर क्या होगा?
अगर NPS कॉर्पस ₹1 करोड़ है, तो 60% यानी ₹60 लाख एकमुश्त निकाले जा सकते हैं। बाकी ₹40 लाख एन्युटी में जाएंगे. 7% की उदाहरण वाली दर पर ₹40 लाख से सालाना करीब ₹2.80 लाख यानी हर महीने लगभग ₹23,333 पेंशन बन सकती है. हालांकि, ₹11,667 या ₹23,333 तय पेंशन नहीं है. ये सिर्फ 7% एन्युटी रेट मानकर की गई उदाहरण वाली गणना है. वास्तविक पेंशन रिटायरमेंट के समय उपलब्ध एन्युटी रेट और चुने गए प्लान पर निर्भर करेगी.
पेंशन की रकम कैसे तय होगी?
एन्युटी में कितनी रकम लगाई गई है, कौन-सा प्लान चुना गया है और रिटायरमेंट के समय उस प्लान की दर क्या है- इन सबका असर पेंशन पर पड़ता है. कुछ एन्युटी प्लान में पति या पत्नी को पेंशन जारी रखने या मृत्यु के बाद मूल रकम लौटाने जैसे विकल्प भी हो सकते हैं. इसलिए सिर्फ NPS में जमा कुल रकम देखकर पेंशन की सटीक रकम बताना संभव नहीं है.
60:40 का नियम हर NPS खाते पर नहीं
60% एकमुश्त और कम से कम 40% एन्युटी वाला नियम सामान्य रिटायरमेंट पर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के NPS के संदर्भ में है. NPS के दूसरे मॉडल या समय से पहले निकासी की स्थिति में नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग में कुल कॉर्पस के साथ यह भी समझें कि कितना पैसा हाथ में आएगा और कितना नियमित पेंशन के लिए एन्युटी में जाएगा.
आजतक बिजनेस डेस्क