Jio प्लेटफॉर्म्स शेयर मार्केट में लिस्ट! कंपनी के IPO ने बनाए 13 रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो गई. कंपनी के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में कई नए रिकॉर्ड बना दिए. इश्यू के आकार, रिटेल निवेशकों की भागीदारी, संस्थागत मांग और कंपनी की वैल्यूएशन से जुड़े 13 बड़े रिकॉर्ड जानिए.

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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में कई नए रिकॉर्ड बना दिए. (File Photo) जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में कई नए रिकॉर्ड बना दिए. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में नया इतिहास रच दिया है. करीब 30,188 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले, जबकि पब्लिक इश्यू में निवेशकों ने करीब 4.9 लाख करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं. पब्लिक इश्यू और एंकर निवेशकों की प्रक्रिया को मिलाकर कुल मांग करीब 7.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इश्यू ने अपने आकार, संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी और आम निवेशकों की भागीदारी के मामले में कई नए रिकॉर्ड बनाए. आइए जानते हैं जियो के आईपीओ के 13 बड़े रिकॉर्ड.

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1. भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है. एम्प्लॉई डिस्काउंट को शामिल करने के बाद इश्यू का अंतिम आकार 30,188 करोड़ रुपये रहा. इसने 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जियो के आईपीओ का घोषित आकार 30,213 करोड़ रुपये था, जो 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर आधारित था.

2. पूरी तरह नए शेयरों वाला सबसे बड़ा IPO

जियो का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू था. यानी कंपनी ने नए शेयर जारी करके पैसा जुटाया और इसमें मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का हिस्सा नहीं था. इस तरह यह भारत का सबसे बड़ा ऐसा आईपीओ बना, जिसमें पूरी रकम नए शेयर जारी करके जुटाई गई. कंपनी की योजना जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने या पहले से भुगतान करने में इस्तेमाल करने की है. बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च की जा सकती है.

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3. 4.9 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बोलियां

जियो के आईपीओ में निवेशकों की मांग ने भी नया रिकॉर्ड बनाया. उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 438.26 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं. अपर इश्यू प्राइस के आधार पर इन बोलियों की वैल्यू करीब 4.9 लाख करोड़ रुपये बैठती है. आईपीओ 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ. पब्लिक बिडिंग की यह रकम 2025 में आए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के आईपीओ के करीब 4.39 लाख करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड से ज्यादा रही.

4. संस्थागत निवेशकों ने लगाईं ₹3.87 लाख करोड़ की बोलियां

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) यानी योग्य संस्थागत निवेशकों ने भी जियो के आईपीओ में जमकर दिलचस्पी दिखाई. एंकर निवेशकों को छोड़कर इस श्रेणी में करीब 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं. यह पहले बताए गए करीब 3.86 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड से ज्यादा था. क्यूआईबी कैटेगरी में आईपीओ 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ. इस कैटेगरी में म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक और दूसरी पात्र संस्थाएं शामिल होती हैं. आईपीओ में कुल मांग का बड़ा हिस्सा संस्थागत निवेशकों की ओर से आया.

5. रिलायंस शेयरधारकों ने लगाईं ₹19,000 करोड़ की बोलियां

जियो के आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए अलग से शेयर रिजर्व किए गए थे. इस कैटेगरी में करीब 19,000 करोड़ रुपये की बोलियां आईं. यह जनवरी 2026 में भारत कोकिंग कोल के आईपीओ में दर्ज करीब 9,350 करोड़ रुपये के पिछले बताए गए रिकॉर्ड से दोगुने से भी ज्यादा था. रिलायंस के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व थे. यह हिस्सा 7.60 गुना सब्सक्राइब हुआ. इससे पता चलता है कि रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों ने भी जियो के आईपीओ में बड़ी दिलचस्पी दिखाई.

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6. 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला पहला IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स को कुल 1,38,65,535 आवेदन मिले.इसने वारी एनर्जीज के आईपीओ के 97.33 लाख आवेदनों का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया. जियो भारत का पहला आईपीओ बना, जिसमें आवेदनों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंची. यह रिकॉर्ड दिखाता है कि कंपनी के शेयर खरीदने के लिए छोटे निवेशकों से लेकर बड़े निवेशकों तक, कई कैटेगरी में जबरदस्त दिलचस्पी रही.

7. रिटेल निवेशकों की भागीदारी का रिकॉर्ड

जियो के आईपीओ में छोटे यानी रिटेल निवेशकों की भागीदारी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया. रिटेल निवेशकों की ओर से 1,05,13,429 आवेदन मिले. इस कैटेगरी में करीब 26,000 करोड़ रुपये की बोलियां आईं और रिटेल हिस्सा 2.72 गुना सब्सक्राइब हुआ. आईपीओ में आवेदन करने के लिए कम से कम 12 शेयर लेने जरूरी थे. 1,119 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश 13,428 रुपये बनता था.

8. रिलायंस के शेयरधारकों से 21.62 लाख आवेदन

जियो के आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किए. इस कैटेगरी में कुल 21,62,500 आवेदन मिले. इस रिजर्व कैटेगरी के तहत रिलायंस के पात्र शेयरधारकों को रेगुलर इंवेस्टर कैटेगरी के अलावा जियो के शेयरों के लिए आवेदन करने का मौका मिला. इस कैटेगरी में बोलियों की रकम के साथ आवेदनों की संख्या ने भी नया स्तर दर्ज किया.

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9. छोटे HNI निवेशकों के आवेदन का रिकॉर्ड

जियो के आईपीओ में छोटे हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (Small HNI) यानी छोटे बड़े निवेशकों की श्रेणी में 5.75 लाख से ज्यादा आवेदन आए. यह पहले बताए गए 4,99,825 आवेदनों के रिकॉर्ड से अधिक था. इस कैटेगरी में 2 लाख रुपये से ज्यादा और 10 लाख रुपये तक के आवेदन आते हैं. छोटे HNI निवेशकों का हिस्सा करीब 10.2 गुना सब्सक्राइब हुआ और इसमें लगभग 13,900 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं.

10. बड़े HNI निवेशकों के आवेदन भी रिकॉर्ड स्तर पर

10 लाख रुपये से ज्यादा के आवेदन करने वाले बड़े HNI निवेशकों की कैटेगरी में भी जियो के आईपीओ ने नया रिकॉर्ड बनाया. इस कैटेगरी में आवेदनों की संख्या 3.5 लाख के पार पहुंच गई. इससे पहले बताया गया रिकॉर्ड 2,71,403 आवेदनों का था.

बड़े HNI निवेशकों की कैटेगरी में 43,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां आईं. यह हिस्सा 15.89 गुना सब्सक्राइब हुआ. इससे पता चलता है कि बड़े व्यक्तिगत निवेशकों ने भी जियो के आईपीओ में बड़ी रकम लगाने में दिलचस्पी दिखाई.

11. IPO 100 मिनट में फुली सब्सक्राइब

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. इस तरह यह भारत के बड़े आईपीओ में सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाले इश्यू में शामिल हुआ. इसमें योग्य संस्थागत निवेशकों का हिस्सा खुलने के शुरुआती 10 मिनट के भीतर ही पूरा भर गया था. पहले दिन कारोबार खत्म होने तक पूरा आईपीओ 3.16 गुना सब्सक्राइब हो चुका था.

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12. 7.4 लाख करोड़ रुपये की कुल मांग

जियो के आईपीओ में पब्लिक इश्यू और एंकर निवेशकों की प्रक्रिया को मिलाकर कुल मांग करीब 7.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची. इसमें एंकर बुक के तहत करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां और निवेश में दिलचस्पी के संकेत शामिल थे. इसके मुकाबले करीब 8,110 करोड़ रुपये का आवंटन 212 एंकर निवेशक खातों और योजनाओं को किया गया. इनमें वैश्विक एसेट मैनेजर, सॉवरेन वेल्थ फंड, घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड शामिल थे. हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि 7.4 लाख करोड़ रुपये जियो की ओर से जुटाई गई रकम नहीं है. इसमें ऐसी बोलियां भी शामिल हैं, जिन्हें शेयर नहीं मिले, और एंकर प्रक्रिया में जताई गई दिलचस्पी भी शामिल है.

13. IPO के समय 100 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ प्राइस के आधार पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये था, जो 100 अरब डॉलर से ज्यादा बैठता है. आईपीओ के समय जियो 100 अरब डॉलर से ज्यादा की वैल्यूएशन तक पहुंचने वाली चुनिंदा फाउंडर-लेड कंपनियों के क्लब में शामिल हुई. इस क्लब में मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं. यहां यह समझना जरूरी है कि मार्केट कैपिटलाइजेशन कंपनी के शेयरों की अनुमानित कुल बाजार वैल्यू है, जबकि आईपीओ से जुटाई गई रकम अलग होती है. जियो के मामले में करीब 30,188 करोड़ रुपये इश्यू का आकार था, जबकि 10.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा कंपनी की अनुमानित वैल्यूएशन को दिखाता है.

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