दिवाली-धनतेरस दहलीज पर है. अधिकतर लोग इस शुभ अवसर पर सोना खरीदते हैं. इस बार बेहतरीन मौका भी है. क्योंकि त्योहार से ठीक पहले सोने की कीमतों में हर रोज बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. एक महीने पहले तक किसी को ये अनुमान नहीं था, कि दिवाली से ठीक पहले सोना इतना सस्ता हो जाएगा.
दरअसल, शुक्रवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है, MCX पर शुक्रवार की शाम सोना का भाव करीब 2.50 फीसदी गिरकर 138250.00 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. जबकि इसी साल जनवरी में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.91 लाख रुपये तक पहुंच गया था. ऐसे में सोना अपने हाई से 50 हजार रुपये से ज्यादा प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है. शुक्रवार को ही सोना 4000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो चुका है. निवेशकों को और क्या चाहिए?
एक तो त्योहार और ऊपर से सोना सस्ता... यानी सोने पर सुहागा. पिछले 10 महीने में सोना अपने रिकॉर्ड हाई के मुकाबले करीब 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है. पिछले साल की दिवाली के मुकाबले भी सोना इस साल कम भाव पर मिल रहा है. सोने की कीमतों में आई इस भारी गिरावट ने आम खरीदारों और निवेशकों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या अब सोना खरीदने का सही समय आ गया है?
क्या आम आदमी के लिए खरीदारी का यही है सही मौका?
दिवाली और धनतेरस के त्योहार को हमारे देश में सोना खरीदने के लिए सबसे शुभ और पारंपरिक समय माना जाता है. इस बार कीमतों में 50,000 रुपये तक की भारी छूट मिलने के कारण आम आदमी के लिए भी सोने में निवेश करने या गहने खरीदने का यह एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है.
अगर आप लंबे समय से सोने में निवेश करने की सोच रहे थे. लेकिन ऊंचे दामों के कारण झिझक रहे थे, तो अब बाजार में एंट्री लेने का एक मौका बन रहा है. हालांकि, मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए कुछ खास रणनीतियों का पालन करना बेहद जरूरी है. चूंकि वैश्विक बाजार में उथल-पुथल का माहौल है और कीमतें आगे भी थोड़ा उतार-चढ़ाव दिखा सकती हैं, इसलिए सारा पैसा एक ही बार में निवेश न करें.
समझदारी इसी में है कि आप टुकड़ों या किस्तों में सोना खरीदें. आप SIP के जरिए या थोड़ा-थोड़ा करके बाजार में पैसा लगा सकते हैं, जिससे आपकी खरीद की औसत लागत संतुलित हो जाएगी. यही नहीं, अगर आप निवेश के नजरिये से सोने में निवेश करने जा रहे हैं, तो शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय कम से कम 2 साल या उससे अधिक का लंबा नजरिया लेकर चलें. लंबी अवधि में सोना हमेशा बेहतर रिटर्न देने और महंगाई से सुरक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो सोने की कीमतों में आई यह गिरावट निवेश के लिए भी एक मौका है. फिलहाल वैश्विक हालात भले ही थोड़े खराब हैं. लेकिन अमेरिका में जैसे ही महंगाई घटेगी, ब्याज दरें घटने की बातें होंगी, तो फिर सोने की चमक लौट सकती है.
क्यों आई है सोने में यह गिरावट?
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे मुख्यतौर पर वैश्विक कारण हैं. दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अहम कारण है. इसके अलावा तमाम बड़े देश ब्याज दरों में इजाफा कर रहे हैं. कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है. यानी वैश्विक हालात अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं. लेकिन आर्थिक जानकारों का मानना है कि लंबे समय में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का आकर्षण कभी कम नहीं होता.
(नोट: सोने में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)
अमित कुमार दुबे