हर महीने अगर आप कुछ हजार रुपये अलग रख पाते हैं, तो यही छोटी-छोटी बचत आगे चलकर बड़ा फंड बना सकती है. हालांकि, इसमें यह भी अहम होता है कि आप अपने पैसे निवेश कहां कर रहे हैं. अगर आप अपने पैसे को ऐसी जगह लगाना चाहते हैं, जहां कैपिटल मार्केट की रोज की उठापटक का सीधा असर आपके निवेश पर न पड़े और ब्याज पहले से तय हो, तो सरकार की ये 5 बचत योजनाएं आपके काम आ सकती हैं.
इन योजनाओं में आप अपने लक्ष्य के हिसाब से निवेश कर सकते हैं. इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP) शामिल हैं, जिनमें निवेश पर तय ब्याज दरें लागू हैं. आइए इन योजनाओं के बारे में जानते हैं...
1. PPF: लंबे समय के लिए बेहतर स्कीम
अगर आपका लक्ष्य लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करना है, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें अभी 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है. इसकी अवधि 15 साल होती है. मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 PPF में जमा करते हैं. एक साल में आपका निवेश ₹60,000 होगा और 15 साल में आप कुल ₹9 लाख जमा करेंगे. मौजूदा 7.1% ब्याज दर के हिसाब से यह रकम करीब ₹16 लाख हो सकती है. यानी आपको ₹9 के निवेश पर 15 साल में करीब ₹7 लाख ब्याज से मिल सकते हैं. यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि PPF की ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है, इसलिए भविष्य में दर बदल सकती है.
2. सुकन्या समृद्धि: बेटी के भविष्य के लिए
अगर बेटी के नाम पर लंबे समय के लिए बचत करनी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना देखी जा सकती है. वर्तमान में इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है. मान लीजिए आप हर महीने ₹3,000 सुकन्या समृद्धि योजना जमा करते हैं. इस हिसाब से साल में ₹36,000 और 15 साल में कुल ₹5.40 लाख जमा होंगे. मौजूदा ब्याज दर के आसपास दर बनी रहने पर 21 साल की मैचोरिटी अवधि पूरी होने तक यह रकम करीब ₹17 लाख तक पहुंच सकती है. इस योजना का इस्तेमाल बेटी की पढ़ाई और शादी जैसे लंबे समय के लक्ष्यों के लिए किया जा सकता है.
3. SCSS: बुजुर्गों के लिए नियमित ब्याज
अगर आपकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है और आप अपने निवेश से नियमित आय चाहते हैं, तो वरिष्ठ नागरिक बचत योजना यानी SCSS एक विकल्प है. इस पर वर्तमान में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है. उदाहरण के लिए, अगर आपने इसमें ₹10 लाख जमा किए हैं, तो 8.2% की दर से सालाना ब्याज ₹82,000 बैठेगा. यह ब्याज तिमाही आधार पर करीब ₹20,500 के हिसाब से मिल सकता है. यानी रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्च के लिए यह योजना उपयोगी हो सकती है. हालांकि, यहां भी ब्याज दर भविष्य में बदल सकती है.
4. NSC: 5 साल के तय समय के लिए
अगर आप अपना पैसा बहुत लंबे समय के लिए नहीं रोकना चाहते और करीब 5 साल का लक्ष्य है, तो नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) यानी राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पर विचार कर सकते हैं. वर्तमान में इस योजना की ब्याज दर 7.7% है. अगर आप ₹5 लाख NSC में लगाते हैं, तो मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से 5 साल बाद रकम करीब ₹7.23 लाख हो सकती है. यानी करीब ₹2.23 लाख का ब्याज मिलेगा. इसमें ब्याज सालाना चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है और इसकी अवधि 5 साल की होती है.
5. KVP: पैसा दोगुना करने का तय समय
किसान विकास पत्र (KVP) उन लोगों के लिए विकल्प हो सकता है जो एक तय अवधि के बाद अपनी रकम को बढ़ाना चाहते हैं. इस योजना पर वर्तमान में 7.5% सालाना ब्याज मिल रहा है. मौजूदा दर के हिसाब से KVP में पैसा करीब 115 महीने यानी 9 साल 7 महीने में दोगुना हो जाता है. उदाहरण के लिए, ₹3 लाख निवेश करने पर तय अवधि पूरी होने पर करीब ₹6 लाख मिल सकते हैं.
इन योजनाओं पर बाजार का असर नहीं
शेयर बाजार और इन सरकारी बचत योजनाओं में बड़ा अंतर यही है कि शेयर बाजार में आपके निवेश का मूल्य रोज बदल सकता है. बाजार ऊपर जाने पर रकम बढ़ सकती है और गिरावट आने पर घट भी सकती है. वहीं PPF, सुकन्या समृद्धि, SCSS, NSC और KVP जैसी छोटी बचत योजनाओं में ब्याज दर सरकार तय करती है. इसलिए इनका रिटर्न शेयर बाजार की रोजाना की हलचल से सीधे नहीं जुड़ा होता. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि हर सरकारी योजना में भविष्य की पूरी अवधि के लिए ब्याज दर आज ही पक्की हो जाती है. इन बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार तिमाही आधार पर करती है और आगे दरों में बदलाव हो सकता है. जरूरी नहीं ब्याज दर घटे ही, समीक्षा के बाद सरकार इसे बढ़ा भी सकती है.
किस लक्ष्य के लिए कौन-सी योजना?
अगर आपका लक्ष्य लंबे समय में पैसा बनाना है, तो PPF देखा जा सकता है. बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना है. रिटायरमेंट के बाद गारंटीड इनकम चाहिए, तो SCSS विकल्प है. वहीं 5 साल के लिए पैसे निवेश करने हैं, तो NSC आपके काम आ सकता है. वहीं तय अवधि में रकम दोगुनी करने के लक्ष्य के लिए KVP देखा जा सकता है. इन योजनाओं में निवेश करने से पहले ब्याज दर, लॉक-इन अवधि, टैक्स नियम और निकासी की शर्तें जरूर समझ लें.
आजतक बिजनेस डेस्क