दिवाली और छठ आते ही देश के अलग-अलग शहरों में काम करने वाले, यूपी, बिहार और झारखंड के लोगों की नजर घर लौटने पर टिक जाती है. इस साल 8 नवंबर को दिवाली है, जबकि छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक चलेगी. 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य होगा. यही वजह है कि नवंबर के पहले और दूसरे हफ्ते में बिहार-झारखंड लौटने वाली ट्रेनों और उड़ानों पर अभी से दबाव बढ़ गया है. हर साल की तरह इस बार भी दूसरे राज्यों में रहने वाले पूर्वांचली और बिहारी बड़ी संख्या में अपने घर लौटने की तैयारी में हैं.
कोई दिल्ली से पटना की ट्रेन तलाश रहा, तो कोई मुंबई से रांची या बेंगलुरु से बिहार पहुंचने का विकल्प. लेकिन हर बार की तरह, इस बार भी पूर्वांचलियों के लिए घर वापसी की राह आसान नहीं दिख रही. ट्रेनों में बुकिंग खुलते ही सीटें भर चुकी हैं, लंबी वेटिंग के बाद अब ज्यादातर ट्रेनों में टिकट 'रेग्रेट' दिख रहा है. यानी वेटिंग के कंफर्म होने का चांस तो छोड़िए, अब ट्रेनों में टिकट मिलने की उम्मीद भी नहीं बची. मजबूरी में लोग फ्लाइट की ओर देख रहे हैं, लेकिन यहां किराया इस कदर आसमान छू रहा कि आम लोग हिम्मत ही न जुटा पाएं.
दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों का हाल
दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए कई प्रमुख ट्रेनों में अभी से सीट मिलना मुश्किल हो गया है. तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, पूरबिया एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस से लेकर गरीब रथ तक, जितने विकल्प हैं सभी में नवंबर में टिकट उपलब्ध नहीं है. यानी जिन यात्रियों के टिकट बुक नहीं हुए हैं, उनके सामने विकल्प लगातार सीमित होते जा रहे हैं. अब सहारा पूजा स्पेशल ट्रेनों का है.
मुंबई से बिहार की ट्रेनों में भी बुरा है हाल
मुंबई से बिहार जाने वाले यात्रियों की परेशानी भी कम नहीं है. 13202 एलटीटी-राजगीर एक्सप्रेस में 31 अक्टूबर को वेटिंग 14 से शुरू होकर 3 नवंबर तक 16 पहुंच गई है. 5 से 10 नवंबर तक लगातार रेग्रेट दिख रहा है, जबकि 11 नवंबर को वेटिंग 17 है.
12336 एलटीटी-भागलपुर एक्सप्रेस में भी 1 नवंबर को वेटिंग 40 और 8 नवंबर को वेटिंग 37 तक पहुंच गई है. 3 और 10 नवंबर को इस ट्रेन में रेग्रेट दिख रहा है. मुंबई से सीधे पाटलिपुत्र जाने वाली 12141 पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में भी छठ से पहले मांग बढ़ने की संभावना है.
हैदराबाद से बिहार लौटना आसान नहीं
हैदराबाद से बिहार आने वालों के लिए विकल्प और सीमित हैं. 12791 सुपरफास्ट एक्सप्रेस इस रूट की प्रमुख ट्रेनों में शामिल है. यह करीब 1,830 किलोमीटर का सफर तय करके लगभग 32 घंटे 50 मिनट में दानापुर पहुंचती है. अक्टूबर में ही कई तारीखों पर इसमें रेग्रेट दिख रहा है. ऐसे में सिर्फ एक ट्रेन पर निर्भर रहने वाले यात्रियों के लिए त्योहार के समय आखिरी वक्त पर सफर का प्लान बनाना मुश्किल पड़ सकता है.
फ्लाइट का किराया आसमान पर पहुंचा
ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के बाद यात्रियों के पास हवाई सफर का विकल्प बचता है, लेकिन यहां किराया और बड़ा झटका दे रहा है. दिल्ली-पटना रूट पर नवंबर की शुरुआत से ही इकोनॉमी क्लास का हवाई किराया करीब 8000 से 13 हजार रुपये के बीच पहुंच गया है. मुंबई-पटना रूट पर इकोनॉमी एयर टिकट का किराया 16000 रुपये से ज्यादा पहुंच गया है. वहीं हैदराबाद-पटना रूट पर किराया 23000 रुपये से अधिक पहुंच गया है. दिल्ली-दरभंगा रूट पर नवंबर के लिए शुरुआती किराया 9000 से 16000 रुपये के बीच पहुंच गया है. त्योहार की तारीखें नजदीक आने और डिमांड बढ़ने के साथ हवाई सफर आम आदमी की पहुंच से और बाहर होता चला जाएगा.
झारखंड जाने वालों की भी बढ़ी परेशानी
दिवाली और छठ के लिए झारखंड लौटने वालों की कहानी भी अलग नहीं है. मुंबई-रांची का हवाई किराया 26000 रुपये तक पहुंच गया है. दिल्ली से रांची, दुर्गापुर और देवघर के लिए नवंबर में किराया सामान्य दिनों के मुकाबले करीब दोगुना बताया जा रहा है. वहीं मुंबई और बेंगलुरु से इन शहरों तक हवाई किराये में करीब तीन गुना तक बढ़ोतरी देखी जा रही है. धनबाद आने वाले यात्रियों के लिए परेशानी और ज्यादा है, क्योंकि उन्हें रांची, दुर्गापुर या देवघर के रास्ते हवाई सफर का विकल्प देखना पड़ता है.
अब पूजा स्पेशल ट्रेनों के भरोसे हुए यात्री
त्योहारों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों का सहारा लिया है. बिहार के लिए 16 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है. ये ट्रेनें 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच करीब 400 फेरे लगाएंगी. जरूरत के मुताबिक नियमित ट्रेनों में 1 से 2 अतिरिक्त एसी कोच भी जोड़े जाएंगे. इनमें चंडीगढ़-पटना, फिरोजपुर कैंट-पटना, आनंद विहार-जोगबनी, दिल्ली-सीतामढ़ी और पाटलिपुत्र-आनंद विहार जैसे रूट शामिल हैं.
झारखंड के लिए भी रेलवे ने पूजा स्पेशल ट्रेनों का सहारा लिया है. अजमेर-रांची स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी है. इसके अलावा आनंद विहार से रांची होते हुए संतरागाछी तक चल रही स्पेशल ट्रेन का परिचालन भी बढ़ाया गया है. रांची-आनंद विहार-रांची 02977 स्पेशल ट्रेन 3 अक्टूबर से 29 नवंबर तक चलेगी. यह हर शनिवार रांची से आनंद विहार जाएगी और आनंद विहार से हर रविवार रवाना होकर सोमवार को रांची पहुंचेगी. इसके अलावा रेलवे ने 102 और फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो हाई डिमांड वाले रूट पर चलेंगी. इनमें देश के विभिन्न शहरों से बिहार, यूपी, झारखंड और बंगाल जाने वाले रूट भी शामिल हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क