भारतीय रेलवे को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है और ये सफलता असम में बासिल हुई है. इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए शेयर की. इसमें उन्होंने बताया कि अब असम का पूरा रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिफाइड हो गया है. बेहद ही मुश्किल माने जाने वाले लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी ट्रैक पर ये काम पूरा होने से अब 100% सफलता मिल गई है.
2589 किलोमीटर लंबा रेल ट्रैक
असम ने अपने 2,589 किलोमीटर लंबे ब्रॉड-गेज नेटवर्क का पूरी तरह से विद्युतीकरण कर लिया है. इसमें डिमा हसाओ जिले का 169 किलोमीटर लंबा मुश्किल 'लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन' भी शामिल है, जिसे कई सालों की मेहनत के बाद पूरा किया गया. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब एक्स) पर बताया है.
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि, 'असम का रेल नेटवर्क अब 100% बिजली से चलने वाला हो गया है. इसमें शामिल सबसे मुश्किल माने जाने वाले 169 किलोमीटर लंबे लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी सेक्शन के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो गया है, जिसके साथ राज्य ने अपने रेलवे विद्युतीकरण का सफर पूरा कर लिया है.'
CM बोले- ये एक बड़ी उपलब्धि
रेल मंत्री ने जहां सोशल मीडिया पर असम का पूरा रेलवे नेटवर्क अब 100% इलेक्ट्रिक होने की जानकारी दी. तो वहीं असम के मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है, जिससे राज्य में ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से ग्रीन और पर्यावरण के अनुकूल हो गया है.
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह बड़ी उपलब्धि सिर्फ 12 सालों में हासिल की गई है और वो भी ऐसे राज्य में जहां 2014 से पहले ज्यादातर हिस्से ब्रॉड गेज भी नहीं थे.
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमित लाइनों से पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन तक हुई इस ग्रोथ की तारीफ करते हुए कहा कि रेलवे ट्रैक अपग्रेड से लोकोमोटिव बदलने की जरूरत अब खत्म हो गई है, डीजल की खपत कम हुई है, शेड्यूल बेहतर हुआ है, लागत भी घटी है.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि असम का पूरा रेल नेटवर्थ इलेक्ट्रिक होने से बराक घाटी को बाकी भारत से जोड़ने वाले रूट पर क्षमता बढ़ी है, जिससे वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के लिए रास्ता साफ हो गया है.
आजतक बिजनेस डेस्क