साल 2026 की पहली छमाही में भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 50% बढ़कर 4.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. कॉलयर्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पिछले 6 सालों में किसी भी साल के शुरुआती 6 महीनों में हुआ सबसे बड़ा निवेश है.
पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक व्यापार और निवेश में अनिश्चितता होने के बावजूद, भारत के इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा मजबूत रहा. अप्रैल-जून की तिमाही (Q2) में निवेश 70% बढ़कर 2.9 अरब डॉलर हो गया. इस बढ़त की मुख्य वजह घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, बड़ी डील्स के जरिए विदेशी पैसों की वापसी और मिक्स-यूज़ और अल्टरनेटिव एसेट्स में बढ़ता निवेश है.
रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक भारत को लंबे समय के फायदे वाले बाजार के रूप में देख रहे हैं, और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा भारत की FY27 GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.5% करने से भी इसे मजबूती मिली है.
घरेलू और विदेशी निवेशकों का योगदान
इस साल की पहली छमाही में भारतीय निवेशक सबसे आगे रहे, उन्होंने 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया, जो पिछले साल से 80% ज्यादा है. कुल निवेश में उनका हिस्सा लगभग 57% रहा. विदेशी निवेश में भी सुधार देखा गया, खासकर दूसरी तिमाही में, पहली छमाही (H1 2026) में विदेशी निवेश 24% बढ़कर 1.9 अरब डॉलर हो गया. विदेशी निवेशकों ने मुख्य रूप से कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने और मिक्स-यूज़ और अल्टरनेटिव एसेट्स पर ध्यान दिया.
भारतीय निवेशक पिछले कुछ समय से कुल निवेश में 40-60% का योगदान दे रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशक अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं और वे चुनिंदा जगहों जैसे मिक्स-यूज़ और अल्टरनेटिव एसेट्स में निवेश कर रहे हैं. सेक्टर की अगली ग्रोथ के लिए दोनों तरह के निवेशकों का साथ आना जरूरी है.
किस सेक्टर को कितना मिला निवेश?
ऑफिस सेगमेंट निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है. साल 2026 के शुरुआती 6 महीनों में कुल निवेश का 40% से ज्यादा हिस्सा इसी में आया. ऑफिस स्पेस में कुल 1.9 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जिसमें ज्यादातर भारतीय निवेशकों ने चालू प्रॉपर्टीज में पैसा लगाया. घरों के निर्माण और बिक्री वाले सेगमेंट में निवेश 43% घटकर 0.5 अरब डॉलर रह गया. बढ़ती लागत, घरों की बिक्री में थोड़ी सुस्ती और प्रोजेक्ट्स के मुनाफे को लेकर चिंताओं के कारण निवेशक यहां थोड़े सतर्क दिखे.
मिक्स-यूज और अल्टरनेटिव एसेट्स सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर बनकर उभरे. दोनों में लगभग 0.8 - 0.8 अरब डॉलर का निवेश आया, जो कुल निवेश का करीब 20-20% है. इस सेगमेंट में विदेशी निवेशकों का दबदबा रहा, जो पारंपरिक रियल एस्टेट से हटकर कुछ नया तलाश रहे हैं.
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