नौकरी बचेगी या नहीं, छंटनी के खौफ से बड़े शहरों में लोग नहीं खरीद रहे हैं घर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आते ही टेक सेक्टर में शुरू हुई अंधाधुंध छंटनी का सीधा असर अब देश के रियल एस्टेट बाजार पर दिखने लगा है. कभी ₹1 करोड़ से कम बजट वाले मकानों के सबसे बड़े खरीदार रहे आईटी कर्मचारी अब नया घर खरीदने का ख्याल तक टाल रहे हैं.

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 टेक क्राइसिस के चलते औंधे मुंह गिरी प्रॉपर्टी की मांग! (Photo-ITG) टेक क्राइसिस के चलते औंधे मुंह गिरी प्रॉपर्टी की मांग! (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

वैश्विक तनाव और तकनीकी क्षेत्र में आई उथल-पुथल ने भारतीय रियल एस्टेट बाजार की चाल को धीमा कर दिया है. ऑरम प्रॉपटेक लिमिटेड द्वारा जारी 'रियल इनसाइट रेजिडेंशियल' रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते निवेशकों में बनी अनिश्चितता, मानसून से पहले की सुस्ती और आईटी कंपनियों में एआई (AI) के कारण हो रही छंटनियों ने मकानों की बिक्री पर गहरा असर डाला है.

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चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के शीर्ष 8 शहरों में कुल 91,729 घर बिके, जो पिछले साल की समान अवधि (97,674 यूनिट्स) की तुलना में 6.1% और पिछली तिमाही से 4.4% कम हैं, इस सुस्ती की सबसे बड़ी मार प्रौद्योगिकी केंद्रों में ₹1 करोड़ से कम बजट वाले मकानों पर पड़ी है.

रिपोर्ट के मुताबिक देश के पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई. पुणे में सालाना आधार पर सबसे अधिक 20.8% की गिरावट (12,642 यूनिट्स) आई, जबकि अहमदाबाद 20.2% और बेंगलुरु 9.2% की गिरावट के साथ इसके पीछे रहे. दिल्ली-एनसीआर और मुंबई (MMR) दोनों बाजारों में 7% की सालाना गिरावट दर्ज की गई, हालांकि मुंबई 24,112 यूनिट्स की बिक्री के साथ देश का सबसे बड़ा बाजार बना रहा. इसके ठीक विपरीत, दक्षिणी भारत के चेन्नई ने 36% की जबरदस्त उछाल (7,183 यूनिट्स) दर्ज की और हैदराबाद में भी बिक्री 14.6% बढ़ी। कोलकाता ने तिमाही आधार पर 22% की सबसे तेज रिकवरी दिखाई.

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मकानों की कीमतों में लगातार तेजी

बिक्री के आंकड़ों में नरमी के बावजूद देश भर में प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. सभी 8 शहरों की औसत दर 1% बढ़कर ₹10,153 प्रति स्क्वायर फीट पर पहुंच गई, जो लगातार दूसरी तिमाही में ₹10,000 के पार बनी हुई है. बेंगलुरु ने बिक्री कम होने के बावजूद सालाना आधार पर 26% की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि (₹9,931/sq. ft.) दर्ज की. मुंबई ₹15,422 प्रति स्क्वायर फीट के साथ सबसे महंगा बाजार रहा, वहीं पुणे पहली बार ₹8,000 का आंकड़ा पार करते हुए ₹8,084 पर पहुंचा. अहमदाबाद ₹5,295 प्रति स्क्वायर फीट की दर से सबसे किफायती बाजार बना रहा, हालांकि वहां तिमाही आधार पर 7% की तेजी देखी गई.

सप्लाई और लॉन्च की स्थिति

बाजार में मांग सुस्त रहने के बावजूद डेवलपर्स का भरोसा कायम है, जिसके चलते नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में सालाना आधार पर 6% की वृद्धि हुई और कुल 89,161 नई यूनिट्स बाजार में आईं. हैदराबाद आईटी, फार्मा और डेटा-सेंटर सेक्टर की मजबूती के चलते 21.6% नई लॉन्चिंग ग्रोथ के साथ सबसे आगे रहा. हालांकि कुल बिक्री के आंकड़े घटे हैं, लेकिन नए मकानों की तुलना में पुरानी इन्वेंट्री की बिक्री की रफ्तार अभी भी अधिक बनी हुई है, जिससे सप्लाई और डिमांड का संतुलन बना हुआ है.
 

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