'करोड़ों देकर हवा में डिब्बा क्यों लें, बंगला क्यों नहीं'... 271 करोड़ के पेंटहाउस डील पर छिड़ी बहस

गुरुग्राम में 271 करोड़ रुपये का पेंटहाउस क्या बिका, सोशल मीडिया पर अपार्टमेंट बनाम बंगले की नई जंग छिड़ गई! एक तरफ लोग करोड़ों के 'सुपर लग्जरी फ्लैट्स की सिक्योरिटी और सहूलियतों के मुरीद हैं, तो दूसरी तरफ सवाल उठ रहे हैं कि जब इतने पैसों में हेलिपैड वाला आलीशान बंगला आ सकता है.

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271 करोड़ के पेंटहाउस पर सोशल मीडिया पर बहस (Photo-ITG) 271 करोड़ के पेंटहाउस पर सोशल मीडिया पर बहस (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

गुरुग्राम के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में शुमार 'द डहलियाज' (DLF The Dahlias) में एक पेंटहाउस की 271 करोड़ रुपये में हुई रिकॉर्ड बिक्री ने रियल एस्टेट बाजार में नई बहस छेड़ दी है. उद्यमी मानव सरदाना द्वारा खरीदे गए इस अल्ट्रा-लग्जरी पार्टमेंट की कीमत ने हर किसी को हैरान कर दिया है. 

इतनी भारी-भरकम राशि पर सवाल उठाते हुए बिजनेसमैन संदीप मल्ल ने सोशल मीडिया पर कहा कि इतने पैसों में तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की किसी प्राइम लोकेशन पर हेलिपैड और खुद के हेलीकॉप्टर के साथ एक आलीशान कोठी बनाई जा सकती है.

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इस बहस में अब अमेरिका स्थित टेक कंपनी 'Legitt AI' के संस्थापक हर्षदीप रपाल भी कूद पड़े हैं. संदीप मल्ल का समर्थन करते हुए रपाल ने कहा कि उन्हें भी 100 करोड़ रुपये या उससे महंगे अपार्टमेंट्स का गणित समझ नहीं आता.

बेटी के लिए छोड़ दिया अपार्टमेंट

हर्षदीप रपाल ने अपना पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में उनका पहला घर 12 मंजिला इमारत की पांचवीं मंजिल पर एक अपार्टमेंट था, लेकिन जब उनकी बेटी का जन्म हुआ, तो उन्होंने पॉश इलाके 'न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी' में 350 वर्ग गज का एक इंडिपेंडेंट बंगला किराए पर ले लिया. हालांकि इसका मासिक किराया बेहद ज्यादा था, लेकिन उनका मानना था कि उनकी बेटी को अपार्टमेंट की चारदीवारी के बजाय घर के लॉन में खेलने, मिट्टी में गड्ढे खोदने और बारिश में खुलकर दौड़ने की आजादी मिलनी चाहिए.

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जब मकान मालिक ने बंगला खाली करने को कहा, तब रपाल के पास खुद का बंगला खरीदने जितने पैसे नहीं थे और वे दोबारा किसी अपार्टमेंट में जाना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने बीच का रास्ता चुनते हुए 300 वर्ग गज के प्लॉट पर बना एक इंडिपेंडेंट बिल्डर-फ्लोर खरीद लिया.

यह भी पढ़ें: गुरुग्राम में किसने खरीदा ₹271 करोड़ का देश का सबसे महंगा पेंटहाउस!

भारत में अपार्टमेंट्स की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए रपाल ने कहा, "अगला घर चाहे मैं भारत में खरीदूं या अमेरिका में, मेरे पास कम पैसे हों या करोड़ों डॉलर वह हमेशा एक इंडिपेंडेंट हाउस ही होगा, कभी कोई अपार्टमेंट नहीं." उन्होंने आगे कहा कि 50 साल बाद इमारतों का ढांचा जर्जर हो जाएगा, ऐसे में आपकी आने वाली पीढ़ी के पास क्या बचेगा "हवा में लटका एक काल्पनिक डिब्बा?" उनके मुताबिक असली संपत्ति वही है, जहां आपके पास घर के साथ-साथ उस जमीन का भी मालिकाना हक हो. 

इस बहस के दौरान कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने स्वतंत्र मकान के मुकाबले अपार्टमेंट में रहने के फायदे भी गिनाए.
एक यूजर चेतन चावला ने अपनी राय रखते हुए कहा, "उन लोगों के लिए अपार्टमेंट चुनना ज्यादा व्यावहारिक है जो बहुत यात्रा करते हैं और अक्सर देश से बाहर रहते हैं, क्योंकि इनकी देखभाल और सुरक्षा का ध्यान रखना काफी आसान होता है. " हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा, "लेकिन हां, अगर बजट 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का है, तो लुटियंस दिल्ली जैसी किसी प्राइम लोकेशन पर स्वतंत्र कोठी लेना ही ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा. 

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