दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी DDA कर्मयोगी आवास योजना 2026 के तहत फ्लैट बुक करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है. इस विस्तार से उन होमबायर्स को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो राजधानी में किफायती आवास विकल्प तलाश रहे हैं या पहले फ्लैट बुक नहीं कर पाए थे.
DDA के आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, इस योजना के तहत फ्लैट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवंटित किए जा रहे हैं. यानी खरीदारों को लकी ड्रॉ का इंतजार नहीं करना होगा. बढ़ी हुई समय सीमा से आवेदकों को अपना बजट तैयार करने और बुकिंग से पहले फ्लैटों का आकलन करने के लिए अधिक समय मिलेगा.
इस योजना के तहत शुरुआत में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 9 में फ्लैट पेश किए गए थे. इसके बाद पॉकेट 6 में भी फ्लैट उपलब्ध कराए गए. DDA ने 21 मई 2026 के सर्कुलर के जरिए पॉकेट 13 में 1,552 और फ्लैट जोड़े. इन फ्लैटों की बुकिंग 1 जून 2026 से शुरू हुई थी.
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DDA हाउसिंग स्कीम: बुकिंग की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ी
DDA ने कहा है कि नागरिक आवास योजना के तहत फ्लैट सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं. योजना की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि कुछ फ्लैटों पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है. दिल्ली के निजी प्रोजेक्ट्स में बढ़ती कीमतों के बीच घर खरीदने का विकल्प तलाश रहे लोगों को इससे फायदा हो सकता है.
DDA ने 1 सितंबर के सर्कुलर में कहा कि नागरिक आवास योजना 2026 के तहत बुकिंग की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है. हालांकि, प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी फ्लैट 30 सितंबर तक उपलब्ध रहेंगे. पसंदीदा फ्लैट इससे पहले ही बुक हो सकता है. खरीदारों को बुकिंग से पहले फ्लैट की उपलब्धता और लागू सभी नियमों की जांच करने की सलाह दी गई है.
DDA फ्लैट पर छूट: बुकिंग से पहले कुल लागत जरूर देखें
DDA ने यह भी संकेत दिया है कि किसी फ्लैट पर 25 प्रतिशत की छूट का मतलब यह नहीं है कि खरीदार को केवल छूट वाली बेस कीमत ही चुकानी होगी. कुल लागत में रजिस्ट्रेशन शुल्क, स्टांप ड्यूटी, लागू टैक्स, DDA के अन्य शुल्क, मेंटेनेंस, बिजली और पानी से जुड़े खर्च और होम लोन की लागत भी शामिल हो सकती है.
किन लोगों के लिए DDA योजना पर विचार करना बेहतर हो सकता है?
DDA फ्लैट बुक करने से पहले क्या जांचें?
DDA ने कहा है कि खरीदारों को सिर्फ छूट देखकर फैसला नहीं करना चाहिए, बल्कि कीमत, लोकेशन, कनेक्टिविटी और उपलब्ध सुविधाओं की भी जांच करनी चाहिए. खरीदारों को साइट पर जाकर ब्लॉक, फ्लोर, एरिया, कैटेगरी और यूनिट नंबर की जांच करनी चाहिए. विज्ञापनों या डिस्काउंट वाली कीमतों पर ही निर्भर रहने के बजाय योजना की शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए.
इसके अलावा, लोकेशन और आसपास के इलाके का खुद जाकर आकलन करें, EMI और होम लोन की प्रतिबद्धताओं को समझें, फ्लैट की स्थिति की जांच करें और आवंटन, भुगतान और अन्य दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें. प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि प्रॉपर्टी से मिलने वाला रिटर्न बाजार की स्थिति, प्रोजेक्ट की गुणवत्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और वित्तीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है. निवेश करने से पहले कानूनी मंजूरियों की उचित जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए.
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