चीन में जमीन का एक विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां दो पड़ोसी परिवारों के बीच मकान की सीमा को लेकर विवाद इतना पुराना है कि इसकी जड़ें 200 साल से भी ज्यादा पीछे तक जाती हैं. मामले में एक परिवार ने साल 1781 का जमीन का दस्तावेज पेश किया, जिसने विवाद के लंबे इतिहास को सामने ला दिया. आखिरकार अदालत और स्थानीय अधिकारियों की मदद से इस मामले को सुलझा लिया गया. यह मामला चीन के उत्तर-पश्चिमी शान्शी प्रांत का है, जिसकी जानकारी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट में दी गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, डू और झांग सरनेम वाले दो परिवारों के बीच घरों की सीमा को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी. दोनों परिवारों की कई पीढ़ियां इस विवाद में उलझ चुकी थीं. मामला तब और बिगड़ गया, जब डू परिवार ने अपनी रसोई की मरम्मत कराने और दीवार ऊंची करने की कोशिश की.
झांग परिवार ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि इससे उनके घर में धूप आने और पानी की निकासी पर असर पड़ सकता है. देखते ही देखते दोनों परिवारों के बीच बहस और मारपीट तक की नौबत आने लगी. पुलिस और गांव की समिति ने कई बार सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ.
1781 के दस्तावेज में दर्ज थी जमीन की सीमा
विवाद को सुलझाने के लिए हुई एक बैठक में झांग परिवार ने जमीन का एक पुराना दस्तावेज पेश किया. बताया गया कि यह दस्तावेज चीन के किंग राजवंश के सम्राट कियानलुंग के शासनकाल के 46वें वर्ष का है, यानी 1781 का.
इस दस्तावेज में दोनों परिवारों की जमीन के बीच सीमा तय करने से जुड़ा समझौता दर्ज था. जमीन की पहचान के लिए आंगन में लगे एक ख़ुरमा के पेड़ का उल्लेख किया गया था. समय के साथ दस्तावेज का कागज पीला पड़ चुका था और उसके कुछ हिस्से फट गए थे, लेकिन उस पर लिखी स्याही से लिखावट अब भी साफ दिखाई दे रही थी.
इस दस्तावेज से पता चला कि दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद दो सदियों से भी अधिक समय से चला आ रहा था. साल 1949 में चीन के जनवादी गणराज्य की स्थापना के कुछ समय बाद भी दोनों परिवारों के बीच इस सीमा को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई.
तीन फीट जमीन छोड़ने की कहानी से मिली सीख
अधिकारियों ने विवाद सुलझाने के लिए चीन के इतिहास की एक मशहूर घटना से भी प्रेरणा ली. यह घटना किंग राजवंश के अधिकारी और विद्वान झांग यिंग से जुड़ी है. बताया जाता है कि उनके परिवार का भी पड़ोसी के साथ जमीन और दीवार को लेकर विवाद हो गया था.
झांग यिंग ने अपने परिवार को लिखे एक पत्र में पड़ोसी के साथ समझौता करने और विवाद बढ़ाने के बजाय तीन फीट जमीन छोड़ देने की सलाह दी थी. पत्र में उन्होंने लिखा था, “दीवार के लिए दूर से पत्र आया है, तो तीन फीट क्यों नहीं छोड़ देते? ग्रेट वॉल आज भी खड़ी है, लेकिन किन शी हुआंग कहीं नजर नहीं आते.”
इस सलाह के बाद झांग यिंग के परिवार ने अपनी दीवार तीन फीट पीछे कर ली, इसके जवाब में पड़ोसी ने भी अपनी दीवार पीछे कर दी. इस तरह दोनों संपत्तियों के बीच छह फीट चौड़ी गली बन गई. आज यह गली चीन के आनहुई प्रांत के टोंगचेंग में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है और आपसी समझौते का प्रतीक मानी जाती है.
अदालत की पहल से खत्म हुई पीढ़ियों पुरानी लड़ाई
मौजूदा मामले में अधिकारियों ने दोनों घरों की कई बार जमीन की सीमा की जांच कराईऔर ऐसी मरम्मत योजना तैयार की, जिससे दोनों परिवारों की चिंताओं का समाधान हो सके. आखिरकार डू परिवार अपनी रसोई की मरम्मत कर पाया और झांग परिवार ने भी फैसले को शांति से स्वीकार कर लिया.
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