UPI MDR Revenue: यूपीआई पेमेंट पर MDR... इससे मिले पैसों का सरकार कहां करेगी इस्तेमाल?

UPI Payment MDR: 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले कुल एमडीआर के 5 फीसदी का इस्तेमाल एक फंड द्वारा UPI इकोसिस्टम को सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रखने के बजाय आत्मनिर्भर बनाने के लिए होगा.

Advertisement
अगले महीने से लागू होंगे नए एमडीआर. (Photo: Reuters) अगले महीने से लागू होंगे नए एमडीआर. (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

सरकार ने यूपीआई पेमेंट पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) फ्रेमवर्क की 'A to Z' डिटेल पेश कर दी है. इसमें 2000 रुपये से कम के लेनदेन पर एमडीआर जीरो रखा गया है, तो वहीं इस राशि से ज्यादा के UPI Payment पर पर्सन टू मर्चेंट 0.4% एमडीआर लगाया है. सरकार के सर्कुलर में साफ किया गया है कि फ्लैट 5 रुपये से 300 रुपये तक चार्ज कहां-कहां लगाया गया है. इसके साथ ही सरकार ने ये भी बताया है कि जो रेवेन्यू इस एमडीआर के जरिए मिलेगा, उसका इस्तेमाल आखिर कहां और कैसे किया जाएगा? 

Advertisement

15 अक्टूबर से लागू होंगे नए MDR
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Govt) ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (PSS) एक्ट-2007 में संशोधन किया है. सोमवार 14 सितंबर 2026 को इस फ्रेमवर्क के तहत एक नोटिफिकेशन जारी किया गया और मंगलवार को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने इसे लेकर फुल सर्कुलर जारी कर दिया है. इसमें पूरी तस्वीर साफ कर दी गई कि किन पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू होगा और किन्हें इससे छूट मिलेगी. नई व्यवस्था यानी MDR अगले महीने 15 अक्टूबर से लागू होंगे.  

सर्कुलर में साफ है कि यूपीआई लेनदेन पर एक समान एमडीआर लागू नहीं होगा, बल्कि सरकार ने इसे तमाम कैटेगरी में बांटा है और उसी हिसाब से राहत भी दी है. इनमें कुछ को फ्लैट-रेट- मॉडल (UPI MDR Flat Rate Model) के तहत रखा गया है यानी पेमेंट एक फिक्स्ड एमडीआर लगेगा, जो 5 रुपये का होगा. 

Advertisement

MDR की रकम का कहां इस्तेमाल? 
NPCI द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, UPI MDR फ्रेमवर्क के तहत जहां 2,000 रुपये तक के पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, तो वहीं इस रकम से अधिक के जिन चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर शुल्क लगाया जाएगा, उस लगने वाले कुल एमडीआर (Merchant Discount Rate) का छोटा 5% हिस्सा एक समर्पित डेवलपमेंट फंड में जाएगा. ये कदम UPI इकोसिस्टम को सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रखने के बजाय आत्मनिर्भर बनाने के लिए मददगार होगा. 

MDR का हिस्सा जिस फंड में जाएगा, उसका प्रमुख उद्देश्य देश के छोटे शहरों (टियर-3) और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार करते हुए इसे मजबूत बनाना है. इसके जरिए छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई की स्वीकार्यता और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. इसके अलावा बैंकिंग और फिनटेक इंडस्ट्री के सेफ्टी सिस्टम, सर्वर कैपेसिटी और साइबर फ्रॉड रोकने से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक मजबूती दी जाएगी.

फिनटेक CEO ने क्या कहा? 
यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर को लेकर PhonePe के फाउंडर और सीईओ समीर निगम की मानें, तो सरकार का 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR इंडस्ट्री के रेवेन्यू जेनरेशन में मददगार होगा और इसे ग्रोथ के लिए फिर इन्वेस्ट किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि MDR लागू किए जाने से उम्मीद है कि ये UPI इकोसिस्टम की ग्रोथ होगी और इससे जेनरेट होने वाला अतिरिक्त रेवेन्यू इंडस्ट्री को UPI के विस्तार में और ज्यादा इन्वेस्ट करने में सक्षम बनाएगा. 

Advertisement

लगातार बढ़ रहा UPI लेनदेन
देश में यूपीआई लेनदेन में लगातार इजाफा हो रहा है. अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीते अगस्त महीने में यूपीआई के मंथली ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड 24.51 अरब तक पहुंचा और इन लेन-देन की वैल्यू करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये था. ये दर्शाता है कि देश में यूपीआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »