Govt On Sugar Price Hike: बेलगाम चीनी के दाम... अल नीनो और रेड रॉट वजह? सरकार की दलील

Modi Govt On Sugar Price Hike: चीनी की बेलगाम कीमतों को लेकर मचे राजनीतिक घमासान पर सरकार का बड़ा बयान आया है. मोदी सरकार में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Sugar Price Hike के पीछे के दो बड़े कारण बताए हैं.

Advertisement
चीनी की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष के आरोपों को सरकार ने किया खारिज. (Photo: ITG ) चीनी की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष के आरोपों को सरकार ने किया खारिज. (Photo: ITG )

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:14 AM IST

भारत में त्योहारी सीजन चल रहा है और मिठाई की मिठास को चीनी की बढ़ती कीमतें (Sugar Price Hike) बेस्वाद करती नजर आ रही हैं. देश में चीनी की कीमतों में ताबड़तोड़ उछाल जारी है. रिटेल मार्केट में 1 किलो चीनी की कीमत (1Kg Sugar Price) 65 रुपये या कहीं-कहीं इससे भी ज्यादा पहुंच चुकी है. इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और ये विपक्ष का प्रमुख मुद्दा बना हुआ नजर आ रहा है. 

Advertisement

Sugar Price Hike को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच अब सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साफ किया है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है, इसके साथ ही उन्होंने चीनी के दाम बेलगाम होने के पीछे की एक नहीं, बल्कि दो वजह बताई हैं. 

सरकार बोली- इथेनॉल का रोल नहीं
चीनी की कीमतों को लेकर जारी राजनीतिक घमासान में जहां विपक्ष आरोप लगा रहा है कि इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का इस्तेमाल करने से देश में चीनी की सप्लाई कम हो रही है और उसके चलते कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. वहीं केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथेनॉल का कोई हाथ नहीं है.

Advertisement

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की उपलब्धता और खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार कई कदम उठा रही है, जिसमें कच्चे चीनी का अस्थायी आयात भी शामिल है.

मंत्री ने बताईं दो वजह 
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चीनी की बढ़ती कीमतों के पीछे की दो वजह बताई हैं. उन्होंने कहा कि रेड रॉट बीमारी और अल नीनो की स्थितियों के कारण चीनी उत्पादन में गिरावट आई है, जिससे भारत और दुनिया भर में कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'रेड रॉट बीमारी (जिसकी उम्मीद नहीं थी) और अल नीनो के कारण, न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया भर में चीनी समेत कुल एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में कमी आई है.' 

उन्होंने आगे कहा कि हम देश में चीनी के बढ़ते दाम को लेकर बहुत चिंतित हैं, इसलिए हमने तुरंत कई कदम उठाए हैं. भारत की जरूरत लगभग 280 लाख टन है, और आज की तारीख में हमारे पास पर्याप्त सरप्लस चीनी का स्टॉक है. 

देश में चीनी की कोई कमी नहीं
प्रह्लाद जोशी ने सरकार की ओर से साफ किया है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है. देश को लगभग 280 लाख टन चीनी की ज़रूरत है और अभी स्टॉक में लगभग 36 लाख टन चीनी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चीनी की कीमतों पर बारीकी से नजर रख रही है और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे उपलब्ध स्टॉक को बाजार में लाने में मदद करें, ताकि उपभोक्ताओं को पुरानी कीमतों पर चीनी मिल सके.

Advertisement

इसके अलावा उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम आ रहा है और कई बड़े त्योहार हैं, इसलिए आयात के उपाय किए जा रहे हैं, हमने पहले ही कई कदम उठाए हैं, जिसमें अस्थायी उपाय के तौर पर कच्ची चीनी का आयात भी शामिल है.

क्या होने वाली है चीनी की भारी कमी? 
रिपोर्ट के मुताबिक, अल नीनो से शुगर प्रोडक्शन पर खतरा है और दुनिया भर में चीनी की कमी की आशंका गहरा रही है. भारत और दुनिया भर में चीनी की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है. अल नीनो से जुड़े मौसम के हालात मुख्य उत्पादक देशों में गन्ने के उत्पादन पर असर डालने वाले एक अहम कारक के तौर पर उभर रहे हैं. इससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि खराब मौसम का वैश्विक उत्पादन पर असर, भारतीय चीनी उत्पादन, कीमतों और निर्यात पर दबाव डालते हुए इसकी दुनियाभर में बड़ी कमी का कारण बन सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »