सरकारी कंपनी ने पिछले कुछ सालों में निवेशकों को गजब का रिटर्न दिया है. एक साल के दौरान यह शेयर 122 फीसदी चढ़ा है और अब कंपनी ने पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं. पिछले साल की इसी अवधि के 134 करोड़ रुपये के मुकाबले नेट प्रॉफिट 162 फीसदी बढ़कर 352 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में लाभ 444.27 करोड़ रुपये से 20% गिर गया है.
जून तिमाही में कंपनी के राजस्व में 81% की बढ़ोतरी हुई और यह पिछले साल के 516 करोड़ रुपये के मुकाबले 937 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. तांबे की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण राजस्व में यह उछाल आया है. सोमवार को पहल तिमाही के नतीजों के बाद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर पिछले बंद भाव 536.10 रुपये प्रति शेयर के मुकाबले 2% गिरकर 526.75 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए.
रिकॉर्ड हाई से 31 फीसदी गिरा ये शेयर
वहीं मंगलवार को इस शेयर में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी जा रही है और कंपनी के शेयर 535.80 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. शेयर ने 29 जनवरी, 2026 को 759.20 रुपये का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था. इस मल्टीबैगर शेयर ने तीन साल में 255 फीसदी का रिटर्न दिया है और 10 साल में 787 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है. हालांकि रिकॉर्ड हाई से यह शेयर 31 फीसदी तक गिर चुका है.
एबिटा में शानदार सुधार
हिंदुस्तान कॉपर ने जून तिमाही के दौरान ऑपरेशनल प्रॉफिट में मजबूत सुधार दर्ज किया, जिसमें EBITDA में साल-दर-साल 139% की बढ़ोतरी हुई और यह पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही के 212 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 508 करोड़ रुपये हो गया. ऑपरेशनल इनकम में हुई तेज बढ़ोतरी कंपनी के मार्जिन में भी बढ़ोतरी दर्ज की है. समेकित वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में ईबीआईटीडीए मार्जिन बढ़कर 54.19% हो गया, जो एक वर्ष पहले 41.05% था.
क्या करती है ये कंपनी?
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) सरकार के खान मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का कारोबार है. साल 1967 में स्थापित, यह भारत में एकमात्र यूनिफाइड तांबा उत्पादक है, जो खनन से लेकर गलाने, रिफाइन तांबे की ढलाई से लेकर उत्पादों में परिवर्तित करने तक के हर चरण में शामिल है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क