मुकेश अंबानी, रतन टाटा, उदय कोटक या अमिताभ बच्चन का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में खूब सारा पैसा, करोड़ों का कारोबार, बड़ा घर-गाड़ी, कामयाबी और शोहरत जैसी छवि दिखाई देने लगती है. लेकिन इनके यहां तक पहुंचने में कठिनाईयों, संघर्ष और चुनौतियों जैसी चीजों के बारे में कोई नहीं सोचता.
सुचेता दलाल और देबाशीष बासु की किताब 'PathBreakers: How 10 Visionary Leaders Transformed India' यही अनुभव शेयर करती है. ये किताब- बड़े फैसलों के पीछे इनकी सोच, मुश्किलों से कैसे एक बड़े लीडर उभरते हैं और क्यों ये दूसरों से अलग हैं? जैसी चीजें सीखाती है.
इस किताब की खास बात यही है कि इसमें मशहूर लोगों को सिर्फ उनकी कामायाबी के आधार पर नहीं, बल्कि उनके बचपन, फैमिली, शुरुआती अनुभवों, भविष्य की सोच, मुश्किलों और जिंदगी के अहम फैसलों को प्राथमिकता दी गई है. यह किताब कारोबार, बैंकिंग, फाइनेंस और सिनेमा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के 10 नामचीन लोगों से बातचीत पर बेस्ड है.
'PathBreakers' में मुकेश अंबानी की बातचीत का एक दिलचस्प पहलू है, जो उनके पिता धीरूभाई अंबानी से जुड़ा है. अंबानी बताते हैं कि उनके पिता बच्चों के साथ समय बिताने को महत्व देते थे और पढ़ाई के अलावा दूसरी चीजों में दिलचस्पी रखने पर भी जोर देते थे. उदय कोटक बताते हैं कि वे ऐसे घर में पले-बढ़े, जहां करीब 60 लोग रहते थे. ऐसे में उनके लिए हर छोटी से छोटी चीज काफी अहमियत रखती है. उनकी ये जिंदगी यह सीखाती है कि किसी भी परिस्थितियों से निकलकर इंसान कमाल कर सकता है.
इस किताब में सैनजीव बिखचंदानी खुद को रिस्क नहीं लेने वाला बताते हैं. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले आर.एच. पाटिल के साथ बातचीत भी मौजूद है, जिसमें वो बताते हैं कि रिस्क लेना कितना जरूरी है.
रतन टाटा से जुड़ी बातचीत इस बुक को एक अलग नजरिया देती है. टाटा के विचार और सोच के बारे में जानकार आपको एहसास होगा कि लोग उन्हें क्यों इतना पसंद करते हैं. यह हिस्सा याद दिलाता है कि किसी बड़े कारोबारी की पहचान केवल उसकी कंपनी या संपत्ति से नहीं बनती. उसके फैसलों का असर कर्मचारियों, ग्राहकों और समाज पर भी पड़ता है.
जब कारोबार से निकलकर सिनेमा जगत के लीडर्स तक ये बुक पहुंचती हैं तो यह बताती है कि फिल्मेकर की जिंदगी में कितना संघर्ष भरा होता है? फिल्मकार राजकुमार हिरानी अपनी चुनौतीपूर्ण यात्रा की बात करते हैं, तो वहीं अमिताभ बच्चन अपने जीवन के अलग-अलग पड़ाव का जिक्र करते हैं.
यह किताब आपको सिखाती है कि एक सफल लीडर बनने के लिए आपको सिर्फ रिस्क ही नहीं लेना होता है, बल्कि मुश्किल समय से उबरना, सही फैसला और महत्वकांक्षी होना बहुत जरूरी है. बैंकिंग या कारोबार से जुड़ी चीजें आम पाठकों के लिए थोड़ी नीरस या उबाऊ लग सकती है. लेकिन अगर कोई सफलता के पीछे की सोच के बारे में जानना चाहता है तो यह किताब आपको बेहद करीब लेकर जाती है. खासकर उन युवाओं के लिए यह किताब ज्यादा खास है, जो अपने कारोबार की शुरुआत करना चाहते हैं या फिर एक सफल करियर की ओर बढ़ना चाहते हैं.
किताब का नाम: PathBreakers: How 10 Visionary Leaders Transformed India
प्रकाशक का नाम: रूपा पब्लिकेशंस
लेखक का नाम: सुचेता दलाल और देबाशीष बासु
हिमांशु द्विवेदी