भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस (Niva Bupa) पर 6 महीने के लिए नए ब्रांच खोलने पर रोक लगा दी है. यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी द्वारा निर्धारित एक्सपेंस मैनेजमेंट लिमिट का पालन नहीं करने से जुड़ी है. रेगुलेटरी आदेश सामने आने के बाद कंपनी के शेयर पर दबाव देखने को मिला. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Niva Bupa का शेयर 21 अगस्त को सुबह 10:23 बजे ₹81.33 पर कारोबार कर रहा था. इस दौरान शेयर में ₹1.55 यानी 1.87% की गिरावट दर्ज की गई.
Niva Bupa ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में IRDAI के आदेश की जानकारी दी. कंपनी के मुताबिक, यह मामला वित्त वर्ष 2024-25 के कंप्लायंस से जुड़ा है, जब उसका खर्च एक्सपेंस मैनेजमेंट लिमिट के अंतर्गत नहीं पाया गया था. कंपनी ने कहा है कि वह IRDAI के आदेश का आकलन कर रही है और अपने हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी.
6 महीने तक नए ब्रांच खोलने पर पाबंदी
IRDAI के आदेश के मुताबिक, Niva Bupa अगले 6 महीने तक नई कारोबारी जगह नहीं खोल सकेगी. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मौजूदा कारोबारी जगहों पर कंपनी का संचालन बंद करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. यानी फिलहाल यह पाबंदी नई लोकेशन खोलने तक सीमित है. मौजूदा जगहों पर कंपनी का कारोबार जारी रखने पर रोक की बात सामने नहीं आई है.
कंपनी का कंप्लायंस बेहतर होने का दावा
Niva Bupa ने स्पष्ट किया है कि रेगुलेटर की कार्रवाई 2024-25 वित्त वर्ष से संबंधित है. कंपनी का कहना है कि इसके बाद उसकी कंप्लायंस स्टेटस में सुधार हुआ है. कंपनी के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 में उसने लागू नियमों का पालन किया. इसके अलावा, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भी कंपनी खर्च प्रबंधन से जुड़े नियमों के अनुरूप रही. Niva Bupa ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भी वह रेगुलेटरी मानकों के अनुरूप बने रहने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
निवेशकों और ग्राहकों के लिए क्या मायने?
निवेशकों और Niva Bupa के ग्राहकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि IRDAI का आदेश नई कारोबारी जगह खोलने पर रोक से जुड़ा है. उपलब्ध जानकारी में मौजूदा लोकेशन पर कंपनी का कारोबार बंद करने का निर्देश नहीं है. यह देखने वाली बात होगी कि 6 महीने तक नए ब्रांच खोलने पर लगी पाबंदी कंपनी के विस्तार, कारोबार की रफ्तार और शेयर की कीमत पर कितना असर डालती है. कंपनी का दावा है कि 2024-25 के बाद उसका कंप्लायंस बेहतर हुआ है. इसलिए आने वाले समय में कंपनी के मौजूदा कंप्लायंस रिकॉर्ड और रेगुलेटरी स्टेटस पर शेयर मार्केट की नजर रहेगी.
आजतक बिजनेस डेस्क