मिडिल ईस्ट युद्ध ने दुनिया को हिलाया है और भले ही दोनों ओर से हमलों का सिलसिला थमा हुआ नजर आ रहा है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी जारी है. एक ओर जहां ईरान दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को सिर्फ और सिर्फ अपनी शर्तों पर खोलने की बात कह रहा है, तो वहीं इस समुद्री रूट के आसपास अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी है. ताजा अपडेट की बात करें, तो अब ईरान ने अमेरिका से दो टूक कह दिया है कि जब तक उसकी सात शर्तों पर बात नहीं बनती, होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा.
'एकतरफा मांगें थोपने का दौर खत्म'
रॉयटर्स की रिपोर्ट में स्थानीय नूरन्यूज़ के हवाले से बताया गया है कि ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक नहीं खुलेगा, जब तक कि अमेरिका के साथ जून में हुए अंतरिम समझौते में निर्धारित 7 ईरानी शर्तें पूरी नहीं हो जाती हैं. यह बयान तेहरान को वाशिंगटन से उसके राजनयिक प्रस्ताव का जवाब मिलने के कुछ दिनों बाद आया है.
गलिबाफ के हवाले से इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि, '"मीडिया में अलग-अलग बातें कहने वाले अमेरिकियों ने हाल ही में एक मध्यस्थ के माध्यम से प्रस्ताव रखे हैं, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि प्रक्रिया को बेवजह लंबा खींचने और एकतरफा मांगें थोपने का दौर अब खत्म हो चुका है.'
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का रुख पूरी तरह से स्पष्ट और दृढ़ है. इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर आधारित हमारी सात शर्तों के पूरा होने तक होर्मुज को नहीं खोला जाएगा.
क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री?
ईरानी संसद अध्यक्ष के अलावा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अलग से बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि US के साथ अपने विवाद को सुलझाने के लिए तेहरान द्वारा प्रस्तावित योजना को स्वीकार किए जाने पर 7 दिनों के भीतर होर्मुज फिर से खोला जा सकता है.
तेहरान में विदेशी राजदूतों और राजनयिकों से बात करते हुए अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने Hormuz Strait को फिर से खोलने के लिए अपनी शर्तों को स्पष्ट रूप से बता दिया है. ये सभी शर्तें उन प्रतिबद्धताओं से जुड़ी हैं जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका को स्वीकार करना ही होगा.
'ईरान जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार'
अब्बास अराघची ने आगे इस बात पर भी तस्वीर साफ की कि अगर अमेरिका नहीं माना, तो फिर ईरान का अगल स्टैंड क्या होगा. उन्होंने कहा कि तेहरान को उम्मीद है कि वाशिंगटन कूटनीति का विकल्प चुनेगा, लेकिन चेतावनी दी कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका ने फिर से सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुना तो ईरान जवाब देने के लिए तैयार है. अराघची के मुताबिक, 'अगर वे फिर से सैन्य समाधान की ओर बढ़ते हैं, तो हम पहले से कहीं अधिक तैयार हैं और अपनी रक्षा के लिए जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह करेंगे.'
कच्चे तेल का क्या है हाल?
बता दें कि लंबे समय से अमेरिका और ईरान में तनातनी के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी नजर आ रही हैं. एक ओर जहां ब्रेंट क्रूड का दाम (Brent Crude Oil Price) 102 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है, तो वहीं दूसरी ओर WTI Crude Price 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. मर्बन क्रूड ऑयल की बात करें, तो इसका भाव 110.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.
आजतक बिजनेस डेस्क